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तीन बेटियों ने बंद होने से बचाया धौनी के गांव का स्कूल

by ब्लिट्ज़ इंडिया
May 10, 2024
in महिला-खेल
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Three daughters saved Dhoni's village school from closure
ब्लिट्ज ब्यूरो

हल्द्वानी। भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी का गांव एक बार फिर चर्चा में है। इस बार सुखियों की वजह हैं तीन बेटियां। इन बेटियों की वजह से धोनी के गांव का स्कूल बंद होने से बच गया है।

धौनी मूलरूप से अल्मोड़ा के लमगड़ा ब्लॉक के ल्वाली गांव के रहने वाले हैं। पहाड़ के तमाम गांवों की तरह ये गांव भी पलायन की मार झेल रहा है। धौनी के पिता पानसिंह भी 70 के दशक में रोजगार के लिए पलायन कर गए थे। हालांकि उन्होंने गांव से नाता बनाए रखा और पूजा-अर्चना के लिए आते-जाते रहते हैं। धौनी का परिवार तो अपनी मेहनत से मुकाम पा गया, लेकिन ल्वाली अभी पलायन का दंश झेल रहा है।

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गांव के जन मिलन केंद्र में चल रहीं कक्षाएं
शिक्षक पुष्कर सिंह ने बताया कि गांव में 2005 में बना स्कूल काफी जर्जर हो गया था। लिहाजा खंड शिक्षाधिकारी से अनुमति लेकर वह बीते अप्रैल माह से गांव के जन मिलन केन्द्र में कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। जब वह अवकाश में रहते हैं तब दूसरे स्कूल के शिक्षक पढ़ाने आते हैं।

पलायन की पीड़ा से नहीं उबर पाया है यह गांव। इस कारण स्कूल में बच्चे तक नहीं हैं। प्राइमरी स्कूल बंद होने की कगार पर है।

गांव की 7 साल की मेनका बिष्ट, दीक्षा और आठ साल की खुशबू ने स्कूल नहीं छोड़ा। मेनका और दीक्षा जहां कक्षा दो में पढ़ती है, वहीं खुशबू कक्षा तीन की छात्रा है। इनकी वजह से ही धौनी के गांव का स्कूल बंद होने से बच गया।

माही पत्नी संग पहुंचे थे गांव
बीते नवंबर माह में ल्वाली गांव उस वक्त चर्चा में आया था जब महेन्द्र सिंह धौनी अपनी पत्नी साक्षी संग अपने पैतृक गांव पहुंचे थे। उस वक्त उन्होंने गांव के मंदिरों में पूजा-अर्चना की। ढाई घंटे तक गांव में समय बिताया। गांव के लोगों ने इसकी फोटो और वीडियो काफी वायरल किए थे।

गांव में हैं करीब 100 लोग
ल्वाली गांव के ग्राम प्रधान दिनेश धोनी ने बताया कि उनके गांव में पलायन की समस्या है। अभी उनके गांव में 23 परिवार रहते हैं। इनमें 100 से अधिक लोग रहते हैं। नौकरी के लिए लोग शहर चले गए। छात्राओं की वजह से ही स्कूल का संचालन जारी है। यदि यह छात्राएं स्कूल में नहीं होतीं तो बंद हो जाता।

– पुष्कर चंद, प्रभारी प्रधानाध्यापक

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