• Latest
  • Trending
Now women also become priests

अब महिलाएं भी बनीं पुजारी

December 1, 2023
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
स्लीमनाबाद टनल

विंध्य की धरती को मिलेगा मां नर्मदा का आशीर्वाद, जल सुरंग की खुदाई पूरी

October 5, 2026
Saturday, October 10, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

अब महिलाएं भी बनीं पुजारी

नारी सशक्तिकरण मिशन के लिए टूटीं सदियों पुरानी रूढ़ियां

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 1, 2023
in महिला-खेल
0
Now women also become priests
ब्लिट्ज ब्यूरो

देहरादून। उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण की ओर कदम बढ़ाते हुए पिथौरागढ़ के एक मंदिर में दो महिलाओं को पुजारी की जिम्मेदारी दी गई है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में इन महिला पुजारियों की नियुक्ति को एक बड़ा कदम माना जा रहा है। महिला पुजारी की नियुक्ति से सीमांत जिले और श्रीकृष्ण मंदिर का नाम भी इतिहास में दर्ज हो गया है।

समाज में महिलाओं को बराबरी के कई अधिकार दिए गए हैं लेकिन मंदिरों में पुजारी का जिम्मा नहीं दिया जाता। महिला पुजारी के लिए तमाम रूढ़ियों को दरकिनार करते हुए पिथौरागढ़ के श्री कृष्ण मंदिर में सदियों से चली आ रही परंपराओं को तोड़ दिया गया और एक नई परंपरा स्थापित की गई है। पिथौरागढ़ के चंडाक स्थित सिकड़ानी गांव के योगेश्वर श्रीकृष्ण मंदिर में मंदिर कमेटी के अध्यक्ष पीतांबर अवस्थी ने नई परंपरा स्थापित करते हुए दो महिला पुजारियों को मंदिर में नियुक्ति दी है। पेशे से शिक्षक रहे पीतांबर अवस्थी ने ही इस मंदिर का निर्माण करवाया है। वे नशा मुक्ति, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए उठाया गया उनका यह कदम हर ओर चर्चा का विषय बना हुआ है। पीतांबर अवस्थी का कहना है कि वह सामाजिक बराबरी को महत्व देते रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने श्री कृष्ण मंदिर की स्थापना के साथ ही यहां महिला पुजारियों को नियुक्ति दी है।

YOU MAY ALSO LIKE

एक ओवर में 39 रन बने, टूटा वर्ल्ड रिकॉर्ड

तीनों खान अभिनीत फिल्म का निर्देशन व निर्माण करना चाहूंगी : कंगना रनौत

उनका कहना है कि महिलाएं अपने परिवार की देखभाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह निर्णय दूसरों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। पुरुष अपने परिवार के लिए जो काम करते हैं, उसके मामले में वे शायद ही महिलाओं की बराबरी कर सकें। महिलाएं व्रत रखती हैं और पूजा करती हैं। सनातन परंपराओं को महिलाएं जीवंत बनाए हुए हैं फिर भी उन्हें पुजारी की जिम्मेदारी नहीं दी जाती। इसीलिए उन्होंने इस मंदिर में महिला पुजारियों की नियुक्ति की है। महिला पुजारियों की नियुक्ति के बाद से मंदिर में जो भी धार्मिक कार्य हो रहे हैं, वे सब महिला पुजारी द्वारा ही संपन्न कराए जा रहे हैं।

महिलाओं को धार्मिक कार्य में बराबरी का हक देने के बाद सदियों से चली आ रही रूढ़ियां भी टूट गई हैं और ग्रामीणों में महिला पुजारी के प्रति सम्मान का भाव भी बढ़ गया है। मंदिर की मुख्य पुजारी मंजुला अवस्थी का कहना है कि महिला और पुरुष को हर क्षेत्र में बराबरी का दर्जा दिया जाना बेहद जरूरी हो गया है। महिलाओं को वैदिक काल में धार्मिक मामलों में बराबरी का हक था लेकिन बाद में उनसे यह हक छीन लिया गया। सहायक पुजारी सुमन बिष्ट का कहना है कि इस फैसले से वे भी काफी उत्साहित हैं। भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में महिलाओं और पुरुषों के अधिकारों में काफी अंतर रहा है। इस अंतर को दूर करने के लिए दुनिया भर में हजारों सामाजिक आंदोलन भी चलाए गए जिसके परिणाम स्वरुप महिलाओं को राजनीतिक और आर्थिक अधिकार तो मिले लेकिन धार्मिक क्षेत्र की रूढ़ियों के चलते बराबरी का दर्जा नहीं मिल पाया।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation