• Latest
  • Trending
Will make India pollution free through corrective efforts

सुधारात्मक प्रयास से बनाएंगे प्रदूषण मुक्त भारत

April 5, 2024
daily-news

कोयला खदानों से डेटा सेंटर तक: भारत की बड़ी आर्थिक और तकनीकी खबरें

September 14, 2026
brics

भारत की बड़ी खबरें: एशिया कप, धीरज बोम्मादेवरा, हिंदी दिवस और G20-ब्रिक्स

September 14, 2026
ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

September 13, 2026
मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

September 13, 2026
ब्रिक्स सुधार, ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर निवेश, भारतीय वाणिज्य दूतावास, हॉकी, बद्री नस्ल और बांस की बड़ी खबरें।

ब्रिक्स से ओडिशा निवेश तक भारत की बड़ी खबरें

September 12, 2026
भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में शुरू, भारत चौथी बार अध्यक्ष

September 12, 2026
daily-news

भारत में ब्रिक्स बैठक: व्यापार, UPI, डिजिटल मजदूर चौक और आर्थिक सुधार

September 11, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: LPG नियम, मत्स्य योजना, BRICS, AI, सुधार और ग्रीन मिशन

September 10, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: रेलवे, UPI, कौशल, तकनीक और हरित विकास में बड़े फैसले

September 10, 2026
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

September 7, 2026
पीएम मोदी पुतिन मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

September 7, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत का बढ़ा रुतबा

September 7, 2026
Wednesday, September 16, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

सुधारात्मक प्रयास से बनाएंगे प्रदूषण मुक्त भारत

by ब्लिट्ज़ इंडिया
April 5, 2024
in दृष्टिकोण
0
Will make India pollution free through corrective efforts
दीपक द्विवेदी

देश और दुनिया ने पिछले कुछ दशकों में अप्रत्याशित आपदाओं को झेला है। कहीं ग्लेशियर पिघल रहे हैं तो कहीं नदियां सूख रही हैं। कहीं अनायास मौसम बदल रहा है तो कभी प्राकृतिक आपदाएं लोगों के लिए मुसीबत बन रही हैं। देश की राजधानी दिल्ली में तो प्रदूषण की भयावहता स्कूलों में छुट्टी तक करा देती है। ऐसे में प्रदूषण या पर्यावरण के विषय को केवल नीति निर्माण के स्तर पर नहीं छोड़ा जा सकता। पर्यावरण की रक्षा के लिए भारत न सिर्फ देश में बहुआयामी प्रयास कर रहा है बल्कि भविष्य के लिए हरित विकास जैसे मुद्दों पर वैश्विक जनचेतना भी जागृत कर रहा है।

पर्यावरण संरक्षण के लिए भारत तब भी यह काम कर रहा है जबकि जलवायु परिवर्तन में भारत की भूमिका न के बराबर है। दुनिया के बड़े आधुनिक देश न केवल पृथ्वी के अधिक से अधिक संसाधनों का दोहन कर रहे हैं वरन अधिकतम कार्बन उत्सर्जन उनके खाते में ही जाता है। भारत में प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष करीब 0.5 टन की तुलना में दुनिया का औसत कार्बन फुटप्रिंट लगभग 4 टन प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष है। इसके बावजूद भारत पर्यावरण की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय और आपदा रोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसे स्थापित संगठन के सहयोग से दीर्घकालिक नतीजों पर ध्यान केंद्रित कर के काम कर रहा है।

YOU MAY ALSO LIKE

भारत का बढ़ा रुतबा

तेजस एमके-2 फाइटर जेट पर पूर्व वाइस चीफ की दो टूक ‘कब तक करेंगे इंतजार’

यही नहीं; भारत की अध्यक्षता में जी-20 देशों की बैठक के दौरान भी जलवायु परिवर्तन सहित पर्यावरण के संकटों और चुनौतियों से निपटने के लिए कार्यों में तत्काल तेजी लाने का निर्णय भी लिया गया। वर्ष 2015 के पेरिस समझौते के तहत निर्धारित लक्ष्यों की पुष्टि करते हुए सतत, सक्षम, संतुलित और समावेशी विकास के मॉडल को अपनाने का आह्वान किया गया। मिशन ‘लाइफ’ यानी पर्यावरण के लिए जीवन शैली के मंत्र को भी अपनाने का लक्ष्य तय किया गया।

इसमें कोई दो राय नहीं कि भारत सरकार द्वारा देश में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है पर अभी भी बहुत कुछ काम किया जाना बाकी है। सिर्फ सरकार के प्रयासों से हमें इस समस्या से निजात नहीं मिलने वाली। प्रदूषण की समस्या से निजात पाने के लिए आम नागरिक को भी समझदार एवं संवेदनशील होना पड़ेगा।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत नए कीर्तिमान बना रहा है तो उसकी वजह है निरंतरता के साथ सुधारात्मक प्रयास।


हम सभी भारतवासी एक साथ मिल कर ‘विकसित भारत’के साथ-साथ एक ‘प्रदूषण मुक्त भारत’ का लक्ष्य भी पाने में कामयाब होंगे।

वैसे बात अगर प्रदूषण पर हो और दिल्ली का नाम न आए; ऐसा फिलहाल तो मुमकिन होता नजर नहीं आ रहा है। हाल ही में दुनियाभर के प्रदूषण पर आई ताजा रिपोर्ट में दिल्ली को सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाली राजधानी बताया गया है। उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि वायु प्रदूषण में 38 फीसदी के लगभग योगदान पराली जलाने का है। इस समस्या से निपटने के लिए यद्यपि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के मुख्य सचिव, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष और केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों के सचिव समय-समय पर बैठकें करते रहते हैं पर इस समस्या का फिलहाल कोई स्थायी हल निकलता नहीं दिखाई दे रहा जबकि सरकार द्वारा फसल काटने के बाद बचे अवशेष यानी कि पराली के निपटारे के लिए मशीनें भी उपलब्ध कराई गई हैं किंतु किसान अभी तक इतने जागरूक नहीं हो पाए हैं कि पराली जलाना छोड़ दें। सीएक्यूएम द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों और राज्य सरकारों द्वारा उपलब्ध कराए गए इनपुट के आधार पर यह सामने आया है कि दिल्ली-एनसीआर में अक्सर प्रदूषण संकट की स्थिति मुख्य रूप से पराली जलाने के कारण आती है। गत वर्ष 15 सितंबर से 7 नवंबर तक पराली जलाने की 22,644 घटनाएं दर्ज की गईं ंजिनमें 20,978 (93 फीसदी) पंजाब में और 1605 (7 फीसदी) घटनाएं हरियाणा में हुईं।

हालांकि अगर दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर की बात करें तो इसमें बिहार का बेगुसराय भी शामिल है। फिलहाल यह गंभीर चिंता का विषय है कि स्विस संगठन आईक्यूएयर द्वारा विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2023 के अनुसार औसत सालाना पीएम 2.5 सांद्रता के आधार पर भारत 2023 में 134 देशों में तीसरे नंबर पर आया है जबकि बांग्लादेश पहले और पाकिस्तान दूसरे नंबर पर हैं। 2022 में भारत औसत पीएम 2.5 सांद्रता 53.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के साथ आठवें सबसे प्रदूषित देश के रूप में सामने आया था। इससे यही पता चलता है कि देश में प्रदूषण और बढ़ गया है।

वैसे अगर देखा जाए तो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार सभी प्रकार के प्रदूषण को समाप्त करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है और प्रभावी योजनाएं भी बना रही है। राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन के माध्यम से भारत एक पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोत की ओर अग्रसर हो चुका है। इससे भारत और दुनिया के कई देशों को प्रदूषण में नेट जीरो के अपने लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। भारत इस बात का एक प्रमुख उदाहरण बन चुका है कि कैसे प्रगति और प्रकृति साथ-साथ चल सकती है। मिशन ‘लाइफ’ के जरिए जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने की पहल हो या फिर पंचामृत से दुनिया को समाधान की राह दिखाना, भारत ने सदैव उदाहरण पेश किया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत नए कीर्तिमान बना रहा है तो उसकी वजह है निरंतरता के साथ सुधारात्मक प्रयास। 2014 में भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 20 गीगावाट थी, तब प्रधानमंत्री मोदी ने तय किया कि 2022 तक इसे 100 गीगावाट तक पहुंचाएंगे पर इस तय समय से पहले ही इस लक्ष्य को हासिल कर, नए बड़े लक्ष्य रखकर भारत ने दुनिया को नई राह दिखाई है।

भारत ने ही 2015 में इंटरनेशनल सोलर एलांयस (आईएसए) की नींव रख दुनिया को एक नया रोडमैप दिया। हमने अनेक क्षेत्रों में नए-नए कीर्तिमान हासिल किए हैं; इसलिए हमें यह विश्वास रखना चाहिए कि हम सभी भारतवासी एक साथ मिल कर ‘विकसित भारत’ के साथ-साथ एक ‘प्रदूषण मुक्त भारत’का लक्ष्य भी पाने में कामयाब होंगे।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation