• Latest
  • Trending
This is morality: 15 doctors in Maharashtra do not want the benefit of reservation

ये है नैतिकता : महाराष्ट्र में 15 डॉक्टर नहीं चाहते आरक्षण का लाभ

July 5, 2024
daily-news

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

October 11, 2026
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
Sunday, October 11, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

ये है नैतिकता : महाराष्ट्र में 15 डॉक्टर नहीं चाहते आरक्षण का लाभ

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 5, 2024
in शिक्षा-रोजगार
0
This is morality: 15 doctors in Maharashtra do not want the benefit of reservation
ब्लिट्ज ब्यूरो

मुंबई। महाराष्ट्र में इन दिनों मराठा और ओबीसी समुदायों के बीच आरक्षण को लेकर विवाद छिड़ा हुआ। इस बीच ओबीसी समुदाय के कुछ डॉक्टरों ने आरक्षण कोटा से मिलने वाले लाभों को छोड़ने की इच्छा जताई है। इन्हीं में से एक है 40 वर्षीय ओबीसी डॉक्टर राहुल घुले। डॉ राहुल ने आरक्षण को इसे लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखा है। इस पत्र में डॉक्टर राहुल ने खुद के लिए और अपने परिवार के लिए आरक्षण कोटा और उससे मिलने वाले लाभों को छोड़ने की इच्छा जताई है। डॉ राहुल वंजारी समुदाय से आते हैं और ठाणे में ‘एक रुपया क्लिनिक’ चलाते हैं।

उनका मानना है कि अगर आर्थिक रूप से संपन्न लोग आरक्षण छोड़ देते हैं तो यह जरूरतमंद गरीबों को इसका लाभ मिलेगा और सामाजिक तनाव कम होगा।

YOU MAY ALSO LIKE

हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड में ऑफिसर की वैकेंसी

दुनिया के बिजनेस स्कूलों के बीच आईआईएम रांची की एंट्री

एक रुपया क्लिनिक चलाते हैं डॉ राहुल
डॉ घुले मराठवाड़ा के धाराशिव से ताल्लुक रखते हैं और उनके पिता एक शिक्षक हैं। उन्होंने 2003 में मुंबई के जी एस मेडिकल कॉलेज में ओबीसी-एनटी कोटा के तहत दाखिला लिया था और एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। पिछले 16 साल से वो मुंबई में प्रैक्टिस कर रहे हैं। डॉ घुले की शादी एक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ से हुई है। 2017 में ठाणे में ‘एक रुपया क्लिनिक’ शुरू करने वाले डॉ घुले अब मुंबई और उत्तर प्रदेश में भी कई क्लीनिक चलाते हैं।

डॉ राहुल ने किया ये दावा
डॉ राहुल घुले का दावा है कि 2008 में उनके द्वारा स्थापित ओबीसी मेडिकोस एसोसिएशन के कम से कम 15 अन्य डॉक्टर भी अपने जाति प्रमाण पत्र वापस करना चाहते हैं। ये सभी आरक्षण कोटा छोड़ना चाहते हैं। नियमों के अनुसार, अगर किसी ओबीसी परिवार की तीन साल की सालाना आय 8 लाख रुपये से ज्यादा है तो वह ‘क्रीमी लेयर’ में आता है। उसे आरक्षण का लाभ नहीं मिलता लेकिन, डॉक्टर घुले और उनके साथी इस कदम को एक सामाजिक संदेश देने के रूप में देखते हैं।

‘मराठा-ओबीसी आंदोलन ने समाज में दरार पैदा की’
डॉ. घुले का मानना है कि मराठा-ओबीसी आंदोलन ने समाज में दरार पैदा कर दी है। अगर अमीर लोग अपना आरक्षण छोड़ देते हैं तो आरक्षण गरीबों को मिलेगा और ऐसे विवाद खत्म होंगे। इस उद्देश्य के साथ उन्होंने ‘आरक्षण छोड़ो, समाज जोड़ो’ अभियान भी शुरू किया है।

इन डॉक्टरों ने भी किया आरक्षण छोड़ने का फैसला
डॉ घुले के साथ काम करने वाले डॉक्टर वैभव मलवे और अनिल चौधरी ने भी आरक्षण छोड़ने का फैसला किया है। कल्याण में रहने वाले डॉ मलवे सोनार समुदाय से आते हैं, जबकि धुले के रहने वाले अनिल चौधरी तेली समुदाय से हैं। डॉ. मलवे कहते हैं कि हमारी जाति तो जीवन भर वही रहेगी लेकिन एक बार आर्थिक रूप से मजबूत हो जाने के बाद हमें जीवन भर या आने वाली पीढ़ियों के लिए आरक्षण की आवश्यकता नहीं है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation