• Latest
  • Trending
The year 2023 will be remembered for big decisions

बड़े फैसलों के लिए याद रहेगा वर्ष 2023

December 29, 2023
दिल्ली लक्ष्मी योजना: 4,000 महिलाओं को स्वीकृति पत्र, 1 सितंबर से मिलेंगे ₹2,500

लक्ष्मी योजना: पैसा 1 सितंबर से, पर 2.61 लाख फॉर्म अधूरे

August 26, 2026
UPI

यूपीआई के दस साल: अब औसत भुगतान सिर्फ़ ₹1,300 का

August 26, 2026
भारत उच्च शिक्षा

एच-1बी पर एक लाख डॉलर की नई फ़ीस का प्रस्ताव

August 26, 2026
hospital

मौसमी बुखार सामान्य है, पर इन चार को इंतज़ार नहीं करना

August 26, 2026
ई-श्रम पोर्टल के 5 साल: 31.89 करोड़ श्रमिक जुड़े, जानें रजिस्ट्रेशन और योजनाओं का लाभ

ई-श्रम के पाँच साल: 31.89 करोड़ नाम, और आपका हक़

August 26, 2026
daily-news

26 अगस्त की बड़ी खबरें: पंजाब में चीनी स्टॉक, शिमला भूकंप, खेलो इंडिया, बाजार और इसरो लॉन्च

August 26, 2026
दिल्ली लक्ष्मी योजना 2026

दिल्ली लक्ष्मी योजना: पहले 4,000 पत्र आज

August 26, 2026
सुप्रीम कोर्ट

क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष पीठ

August 26, 2026
Amit Sah

तीन नए कानून, और एक साल की समयसीमा

August 26, 2026
गेहूँ के आटा-मैदा निर्यात से हटी रोक, किसानों और मंडी भाव पर क्या होगा असर?

बारिश 13% कम, पर दाल का रकबा बढ़ गया

August 26, 2026
farmer

चार साल बाद गेहूं और आटे का निर्यात खुला

August 26, 2026
daily-news

भारत की प्रगति की रिपोर्टिंग

August 26, 2026
Thursday, August 27, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

बड़े फैसलों के लिए याद रहेगा वर्ष 2023

- 370, समलैंगिक विवाह, दिल्ली में अधिकारों की जंग पर 'डिसीजन' बने 'माइल स्टोन'

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 29, 2023
in लीगल
0
The year 2023 will be remembered for big decisions
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने इस साल कई अहम और वर्षों से लंबित मामलों का निपटारा किया। इनमें जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला भी शामिल है। संवैधानिक बेंच ने केंद्र के आर्टिकल 370 हटाने के फैसले को वैध माना था। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक शादियों को मान्यता देने से भी इनकार कर दिया था। शीर्ष अदालत ने फैसला दिया था कि राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली सरकार के पास सेवाओं पर विधायी और कार्यकारी शक्ति होगी।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने मामलों की सूची दाखिल करने के लिए आवश्यक समय सीमा को सुव्यवस्थित किया है, ऐसे में मामला दाखिल करने का समय 10 दिन से घटाकर सात से पांच दिन हो गया।

YOU MAY ALSO LIKE

क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष पीठ

तीन नए कानून, और एक साल की समयसीमा

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation