• Latest
  • Trending
Ladakh people want public participation in democratic system

लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनभागीदारी चाहते हैं लद्दाखवासी

April 5, 2024
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम

भारत अब अपनी हवा लगभग हर जगह नाप सकता है — अगला दशक इस पर काम करने का है कि मीटर क्या कह रहे हैं

July 31, 2026
Raj-Mandir

पाँच हफ़्ते, सोलह फ़िल्में: जुलाई ने परखा कि भारतीय पर्दे एक साथ कितना बोझ उठा सकते हैं

July 31, 2026
दूर होगा डेंगू का डर, पहली वैक्सीन को दवा नियामक से मिली मंजूरी

डेंगू के टीके को मंज़ूरी, और चुपचाप बदलता देश का प्रयोगशाला नेटवर्क

July 31, 2026
export

निर्यात रिकॉर्ड पर, घाटा भी पाँच महीने के शिखर पर — और दोनों की वजह एक ही आँकड़े में है

July 31, 2026
भारत के एक विश्वविद्यालय पुस्तकालय में पढ़ते छात्र

साढ़े चार करोड़ छात्र, एक करोड़ विज्ञान-तकनीक में — और बढ़ोतरी की रफ़्तार गिरकर 0.8% पर

July 31, 2026
भारत भूजल पुनर्भरण

448 अरब घन मीटर: भूजल की लड़ाई भारत धीरे-धीरे जीत रहा है — पर सबसे तेज़ी वहीं नहीं, जहां सबसे ज़्यादा ज़रूरत है

July 31, 2026
mission Gaganyaan

तीन परीक्षण जिन्हें कोई नहीं देखता — और जिन पर तय होता है कि यात्री सुरक्षित लौटेगा या नहीं

July 31, 2026
United-Kingdom-Parliament

भारत–ब्रिटेन समझौते के दो हफ़्ते: 99% निर्यात पर शुल्क शून्य होने से असल में बदलता क्या है

July 31, 2026
The-Sabarmati-riverfront-in-Ahmedabad,-Gujarat

गुजरात पर रेड अलर्ट, अहमदाबाद में स्कूल बंद — और महीना आंकड़ों में जितना दिखता है, उससे ज़्यादा सूखा

July 31, 2026
Commonwealth-Games

एक ही फ़ाइनल में भारत के तीन भाला फेंक खिलाड़ी — यह आंकड़ा किसी एक थ्रो से बड़ा है

July 31, 2026
5.5% और 16.2%: भारत में नौकरियों की कमी नहीं है, उम्र का मेल नहीं बैठ रहा है

5.5% और 16.2%: भारत में नौकरियों की कमी नहीं है, उम्र का मेल नहीं बैठ रहा है

July 30, 2026
vikram

वह रडार जो ज़मीन का खिसकना देख लेता है: निसार के पहले साल से भारत को क्या मिला

July 30, 2026
Saturday, August 1, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनभागीदारी चाहते हैं लद्दाखवासी

- पर्यावरण व संस्कृति के संरक्षण के लिए भी जनता चाहती है समुचित व्यवस्था

by ब्लिट्ज़ इंडिया
April 5, 2024
in दृष्टिकोण
0
Ladakh people want public participation in democratic system
आस्था सक्सेना

लद्दाख हमारे भारत का अभिन्न अंग है। यहां की जनता ने सदैव अपने देश से प्रेम किया है, भारत सरकार की सभी उचित नीतियों तथा निर्णयों को सहर्ष स्वीकृति व समर्थन दिया है, चीन तथा पाकिस्तान से होने वाले सभी युद्धों में भारतीय सेना को सहयोग देकर और उसका मनोबल ऊंचा कर अपनी राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया है।

लद्दाखवासी आज लोकतंत्रिक व्यवस्था में जनभागीदारी की चाहत रखते हैं और इसके लिए वे सोनम वांगचुक के नेतृत्व में भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं। वे चाह रहे हैं कि लद्दाख के पर्यावरण तथा सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण हेतु उसको संविधान की छठी अनुसूची में रखा जाए तथा लद्दाख में लोकतांत्रिक व्यवस्था में उचित जनभागीदारी हेतु उसको जम्मू कश्मीर की भांति ही विधानसभा दी जाए। इस संबंध में कई बार विचार – विमर्श के बाद भी कोई फैसला नहीं हो पाया है।

YOU MAY ALSO LIKE

व्यवस्था में हो सुधार, अराजकता अस्वीकार्य

‘ब्रेन ड्रेन’ रोकने के लिए इसरो का बड़ा कदम

कारगिल भी यहीं, लेह भी यहीं
लद्दाख सुदूर उत्तर का पर्वतीय क्षेत्र है जो 2019 से पूर्व जम्मू कश्मीर राज्य का अंग था। एक ओर पाकिस्तान तथा दूसरी ओर चीन से सटी सीमा होने के कारण यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। कारगिल तथा लेह यहीं स्थित हैं।

लद्दाखवासी आश्वस्त
लद्दाखवासी मानते हैं कि पहले जम्मू कश्मीर राज्य की राजधानी श्रीनगर होने के कारण इस क्षेत्र पर पूरा ध्यान नहीं दिया गया। 5 अगस्त को 2019 को अनुच्छेद 370 तथा 35ए की समाप्ति के पश्चात लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। यहां के निवासियों ने इसे भरपूर सराहा। उन्हें विश्वास है कि अब उनके दिन संवरेंगे और उनके इलाके को भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में समुचित भागीदारी मिलेगी।

लद्दाख की जनता को यह उम्मीद है कि पर्वतीय तथा जनजातीय बहुल क्षेत्र होने के कारण लद्दाख को भी देश के कुछ अन्य राज्यों जैसे असम, मिज़ोरम, मेघालय, त्रिपुरा की तरह संविधान की छठवीं अनुसूची के तहत जनजातीय क्षेत्र घोषित किया जाएगा।

ज्ञात हो कि जम्मू कश्मीर राज्य की अपनी विधानसभा है जहां इसी वर्ष चुनाव होंगे, लेकिन लद्दाख का एकमात्र सांसद है, राज्यसभा में यहां का कोई प्रतिनिधि नहीं है। लद्दाखवासी चाहते हैं कि यहां का शासन अन्य राज्यों की तरह पूर्णत: नौकरशाहों के हाथों में न हो। वे चाहते हैं कि ऐसे लोगों की भागीदारी शासन में हो जिनको यहां की संस्कृति, पारिस्थितिकी व भूगोल का पूर्ण ज्ञान व संज्ञान हो। जनता के पास अपनी समस्याएं उठाने तथा उनका समाधान पाने का कोई सुगम स्रोत हो।

पर्यावरण पर ध्यान देना जरूरी
लद्दाख का पर्यावरण अतिसंवेदनशील है तथा यहां की अनेक जनजातियों की सभ्यता तथा संस्कृति को बचाए रखने के लिए उनका संरक्षण अनिवार्य है।
छठवीं अनुसूची में न होने के कारण पर्यावरण के अनुचित दोहन तथा यहां की विविध सांस्कृतिक विरासत के लुप्त हो जाने का खतरा व्यक्त किया जा रहा है। लद्दाख का पर्यावरण यदि नष्ट होता है, तो उसका कुप्रभाव संपूर्ण उत्तर भारत की जलवायु पर पड़ेगा।

कहां है पेंच
सरकार का पक्ष यह है कि मात्र 3 लाख की जनसंख्या पर विधानसभा नहीं दी जा सकती। वहीं क्योंकि लद्दाख की संपूर्ण जनसंख्या जनजातीय नहीं है, इसलिए पूरे प्रदेश को छठी अनुसूची में नहीं डाला जा सकता।

जनभावना को समझेगी सरकार : सोनम वांगचुक
लद्दाख के लोगों की शासन में जन भागीदारी की चाहत को किस तरह से पूरा किया जा सकता है; यह एक विचारणीय प्रश्न है। सोनम वांगचुक जाने माने वैज्ञानिक, शिक्षाविद्, पर्यावरणविद् और समाजसेवी हैं। लद्दाख के लोगों का मानना है कि उनकी मांगें तर्कसंगत हैं। वांगचुक कहते हैं कि उन्हें पूर्ण आशा है कि यह सरकार अपने सभी वादों की तरह यह वादा भी निभाएगी और जन भावना का सम्मान करते हुए उनकी मांगों को अवश्य पूरा करेगी।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation