• Latest
  • Trending

अपराध से एक मिनट पहले भी साझा इरादा बनना संभव : सुप्रीम कोर्ट

December 8, 2023
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
स्लीमनाबाद टनल

विंध्य की धरती को मिलेगा मां नर्मदा का आशीर्वाद, जल सुरंग की खुदाई पूरी

October 5, 2026
ev-scooter

23 रुपए में दिनभर के लिए इलेक्टि्रक स्कूटर

October 5, 2026
सोना 4,550 डॉलर के पार, चांदी भी 67 डॉलर के ऊपर

सोना गिरवी रखकर लोन लेने में यूपी वाले सबसे आगे

October 5, 2026
metro

मुंबई मेट्रो का महाविस्तार: 6 नए रूट पर 374 किमी में 130 स्टेशन

October 5, 2026
खटमलों ने उड़ाई अफसरों की नींद

खटमलों ने उड़ाई अफसरों की नींद

October 5, 2026
Thursday, October 8, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

अपराध से एक मिनट पहले भी साझा इरादा बनना संभव : सुप्रीम कोर्ट

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 8, 2023
in लीगल
0
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। वाराणसी के रामनगर थाने में 1982 में दर्ज मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने माना कि साझा इरादा (आईपीसी की धारा 34) मनोवैज्ञानिक तथ्य है। यह अपराध होने से एक मिनट पहले या उसके घटित होने के दौरान भी बनाया जा सकता है।

इस टिप्पणी के साथ जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस पंकज मित्थल की पीठ ने उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें यह मुद्दा उठाया गया था कि क्या अपीलकर्ता रामनरेश का अन्य सहअभियुक्तों के साथ हत्या का साझा इरादा था।

YOU MAY ALSO LIKE

कैंसर मरीजों से दवाओं के नाम पर ‘लूट’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त

महिला वकीलों की यौन उत्पीड़न शिकायतों के लिए बनाएं अलग तंत्र

हत्या करने का साझा इरादा दिखता था : अदालत ने कहा कि अपीलकर्ता को आईपीसी की धारा 34 लागू करके हत्या का सहदोषी ठहराया गया था। उसके कृत्यों से हत्या करने का साझा इरादा दिखता था।

वाराणसी के रामनगर थाने में 1982 में हुई वारदात में बलराम और उसका भाई रामकिशोर एक ढाबे की ओर जा रहे थे। तभी उनका सामना लाठियों और रॉड से लैस चार लोगों से हुआ। अपीलकर्ता और तीन सहआरोपियों ने रामकिशोर पर हमला किया, जिससे उसे घातक चोटें आईं। बाद में उसकी मौत हो गई। ट्रायल कोर्ट ने रामनरेश को आईपीसी की धारा 34 के साथ धारा 302 (हत्या) का दोषी ठहराया। हाईकोर्ट ने भी सजा की पुष्टि की।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation