• Latest
  • Trending
court

अधिकार के तौर पर प्रमोशन का दावा नहीं कर सकता सरकारी कर्मचारी

June 14, 2024
ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

फास्ट-ट्रैक अदालतों को 2031 तक मिला फंड

November 6, 2026
solar

सौर बिजली रात तक सहेजने को ₹14,500 करोड़ मंजूर

November 6, 2026
स्वदेशी एआई

अब 22 भारतीय भाषाओं में बोलेगा देसी एआई

November 4, 2026
स्वच्छ ऊर्जा से मजबूत हो रही भारत की ऊर्जा सुरक्षा

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

November 3, 2026
श्रीहरिकोटा से एनवीएस-03 लेकर उड़ान भरता जीएसएलवी-एफ18। एजेंसी जांच: तस्वीर पर एएनआई, पीटीआई या रॉयटर्स का नाम हो तो न लगाएं।

नाविक को मिला तीसरा नया उपग्रह

November 2, 2026
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
Sunday, November 8, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

अधिकार के तौर पर प्रमोशन का दावा नहीं कर सकता सरकारी कर्मचारी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा,यह तय करना सरकार व विधायिका का काम

by ब्लिट्ज़ इंडिया
June 14, 2024
in लीगल
0
court
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में गुजरात न्यायिक सेवा के प्रोन्नति से जुड़े मामले में दिए फैसले में भारत सहित विभिन्न देशों में सरकारी कर्मचारियों की प्रोन्नति के नियमों और तरीकों का जिक्र करते हुए कहा है कि भारत में कोई भी सरकारी कर्मचारी अधिकार के तौर पर प्रोन्नति का दावा नहीं कर सकता, क्योंकि संविधान में प्रोन्नत पदों को भरने का कोई मानदंड तय नहीं किया गया है।

– संविधान में प्रोन्नत पदों को भरने का कोई मानदंड तय नहीं

YOU MAY ALSO LIKE

एसआईआर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अब दिवाली के बाद

ठगी होने पर बैंक को लौटाना पड़ेगा पैसा!

कोर्ट ने माना है कि प्रोन्नति की नीति तय करना विधायिका और कार्यपालिका के कार्यक्षेत्र में आता है और न्यायिक समीक्षा की गुंजाइश सीमित है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा है कि विधायिका या कार्यपालिका रोजगार और कर्मचारी द्वारा किये जाने वाले अपेक्षित काम की प्रकृति के हिसाब से प्रोन्नत पदों की रिक्तियां भरने का तरीका तय कर सकती है। कोर्ट इस बात की समीक्षा नहीं कर सकता कि पदोन्नति के लिए अपनाई गई नीति सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों का चयन करने के लिए उपयुक्त है कि नहीं।

सीमित दखल देने का अधिकार
कोर्ट ने कहा कि वह सिर्फ तभी सीमित दखल दे सकता है, जब तक कि संविधान के अनुच्छेद 16 के तहत समान अवसर के सिद्धांत का उल्लंघन हुआ हो। ये बात सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने रविकुमार धनसुख लाल मेहता बनाम गुजरात हाई कोर्ट मामले में सिविल जज सीनियर डिवीजन की एडीशनल डिस्टि्रक्ट जज पद पर प्रोन्नति के मामले में दिये फैसले में कही है।

हाई कोर्ट की सिफारिश को रखा बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गुजरात हाई कोर्ट की 2023 की सिफारिश को बरकरार रखा है, जिसमें मेरिट कम सीनियरिटी के सिद्धांत के आधार पर एडीशनल डिस्टि्रक्ट जज की भर्ती में 65 प्रतिशत पदोन्नति कोटे में सिविल जज सीनियर डिवीजन की प्रोन्नति की सिफारिश की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने दो न्यायिक अधिकारियों की ओर से दाखिल की गई रिट याचिका खारिज कर दी है।

10 मार्च 2023 की चयन सूची को चुनौती दी थी
इस मामले में दो न्यायिक अधिकारियों ने रिट याचिका दाखिल कर गुजरात हाई कोर्ट की 10 मार्च 2023 की जारी चयन सूची को चुनौती दी थी, जिसमें गुजरात हाई कोर्ट ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की डिस्टि्रक्ट जज कैडर पद पर 65 प्रतिशत प्रोन्नति कोटा में प्रोन्नति की सिफारिश की थी। याचिका में कहा गया था कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और गुजरात स्टेट ज्यूडिशियल सर्विस रूल्स 2005 के नियम पांच का उल्लंघन करता है।

क्या कहता है नियम
नियम पांच कहता है कि डिस्टि्रक्ट जज कैडर के 65 प्रतिशत पद सीनियर सिविल जज की प्रोन्नति से भरे जाएंगे और यह प्रोन्नति मेरिट कम सीनियरिटी के सिद्धांत और पद की उपयुक्तता के आधार पर होगी। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में गुजरात हाई कोर्ट को सुझाव दिया है कि वह पद की उपयुक्तता के टेस्ट के पहलू पर अपने नियमों में संशोधन कर सकता है और उसे उत्तर प्रदेश उच्च न्यायिक सेवा नियम 1975 के अनुसार विस्तृत बना सकता है।
फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने ईस्ट इंडिया कंपनी के समय से सरकारी नौकरी में भर्ती और प्रोन्नति के नियमों का जिक्र किया है, जिसमें प्रोन्नति वरिष्ठता आधारित होती थी, जबकि भारतीय संविधान में प्रोन्नति का अधिकार अनुपस्थित है। कोर्ट ने ब्रिटिश काल से लेकर अभी तक सरकारी नौकरियों में भर्ती और प्रोन्नति की अवधारणा और नियमों का जिक्र किया है। साथ ही मेरिट कम सीनियरिटी और सीनियरिटी कम मेरिट के सिद्धांत पर आधारित पूर्व फैसलों में दी गई व्यवस्था का भी हवाला दिया है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation