• Latest
  • Trending
Decision reserved on exemption from prosecution of honorable people in the note-for-vote case

वोट के बदले नोट मामले में माननीयों को अभियोजन से छूट पर फैसला सुरक्षित

October 12, 2023
ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

फास्ट-ट्रैक अदालतों को 2031 तक मिला फंड

November 6, 2026
solar

सौर बिजली रात तक सहेजने को ₹14,500 करोड़ मंजूर

November 6, 2026
स्वदेशी एआई

अब 22 भारतीय भाषाओं में बोलेगा देसी एआई

November 4, 2026
स्वच्छ ऊर्जा से मजबूत हो रही भारत की ऊर्जा सुरक्षा

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

November 3, 2026
श्रीहरिकोटा से एनवीएस-03 लेकर उड़ान भरता जीएसएलवी-एफ18। एजेंसी जांच: तस्वीर पर एएनआई, पीटीआई या रॉयटर्स का नाम हो तो न लगाएं।

नाविक को मिला तीसरा नया उपग्रह

November 2, 2026
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
Friday, November 6, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

वोट के बदले नोट मामले में माननीयों को अभियोजन से छूट पर फैसला सुरक्षित

- रिश्वतखोरी कभी भी छूट का विषय नहीं हो सकती : तुषार मेहता

by ब्लिट्ज़ इंडिया
October 12, 2023
in लीगल
0
Decision reserved on exemption from prosecution of honorable people in the note-for-vote case
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। वोट के बदले नोट मामले में माननीयों को अभियोजन से छूट देने के 25 साल पुराने अपने आदेश पर पुनर्विचार के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यीय संविधान पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया। 1998 के आदेश में संविधान पीठ ने कहा था कि सांसदों और विधायकों को विधायिका में भाषण देने या वोट देने के लिए रिश्वत लेने पर अभियोजन से छूट प्राप्त है।

सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय पीठ के समक्ष अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र का पक्ष रखा। अटॉर्नी जनरल ने कहा, मेरी राय है कि जो कुछ भी कानून में स्पष्ट रूप से निषिद्ध है, उसे इन अनुच्छेदों (105 और 194) के तहत आश्रय नहीं मिल सकता है। मुझे नहीं लगता कि कोई भी जिम्मेदार सरकार या सार्वजनिक प्राधिकरण यह रुख अपना सकता है। हालांकि, एक निर्वाचित प्रतिनिधि को बिना किसी बाधा या अनुचित दबाव के विधायी कार्य के लिए स्वतंत्र होना चाहिए।

YOU MAY ALSO LIKE

एसआईआर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अब दिवाली के बाद

ठगी होने पर बैंक को लौटाना पड़ेगा पैसा!

मेहता ने कहा, रिश्वतखोरी कभी भी छूट का विषय नहीं हो सकती जब तक कि 1000 में से एक भी मामला (रिश्वतखोरी का) सदन के अंदर न हो। मेहता ने अदालत से संविधान के अनुच्छेद 105 के तहत छूट के पहलू पर नहीं जाने का आग्रह किया। उन्हाेंने कहा, रिश्वत का अपराध तब पूरा होता है जब रिश्वत दी जाती है और माननीय उसे स्वीकार कर लेते हैं। इससे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत निपटा जा सकता है।

1998 के निर्णय में न तो बहुमत वाले जजों ने और न ही अल्पमत वाले जजों ने इस दृष्टिकोण से मुद्दे की जांच की। संक्षिप्त प्रश्न, जिस पर वर्तमान संदर्भ आधारित है, वह यह है कि क्या सदन के बाहर रिश्वतखोरी का अपराध पूर्ण है। यदि ऐसा है, तो इस अदालत को छूट के सवाल पर जाने की जरूरत नहीं है। पीठ ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता समेत कई वकीलों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।

संसदीय विशेषाधिकार व्यक्तिगत नहीं व्यावसायिक प्रतिरक्षा
मेहता ने कहा, संसदीय विशेषाधिकार व्यक्तिगत प्रतिरक्षा नहीं बल्कि व्यावसायिक प्रतिरक्षा है जो उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए प्रदान की जाती है कि प्रतिनिधियों के कर्तव्यों को पूरी तरह से पूरा किया जा सके। इस छूट का मतलब किसी संसद सदस्य को कानून से ऊपर रखना नहीं है, बल्कि उसे संभावित आधारहीन कार्यवाही या आरोपों से बचाना है जो राजनीति से प्रेरित भी हो सकते हैं।

अब तक कई फैसलों में स्पष्ट था कि किसी को भी आपराधिक अभियोजन से सुरक्षा प्राप्त नहीं।
वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कई निर्णयों का उल्लेख किया और कहा कि सभी में सुसंगत बिंदु यह था कि किसी को भी आपराधिक अभियोजन के खिलाफ सुरक्षा प्राप्त नहीं है। माननीयों को छूट की जरूरत है क्योंकि उन्हें अक्सर सदन के अंदर उनके कृत्यों के लिए निशाना बनाया जाता है।

सुप्रीम कोर्ट को यह सुनिश्चित करने के लिए सावधान रहना होगा कि माननीयों को वह छूट मिले जो संविधान चाहता है। हमें किसी प्रकार का सूत्रीकरण या परीक्षण करना होगा जिसके आधार पर हम दी जाने योग्य प्रतिरक्षा का निर्धारण कर सकें।

क्या है मामला?
बता दें कि झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन और उनकी पार्टी के चार सांसदों पर आरोप लगा था कि 2012 के राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने विशेष उम्मीदवार को वोट देने के बदले रिश्वत ली थी। इस मामले में सीबीआई ने मामला दर्ज किया था लेकिन शिबू सोरेने की बहू और मामले में आरोपी सीता सोरेन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 1998 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने झामुमो सांसदों के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज कर दिया था।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation