सुमित माथुर
न ई दिल्ली। भारत में ब्रिटेन की साउथेंपटन यूनिवर्सिटी का पहला कैंपस जुलाई-अगस्त में शुरू हो जाएगा। यूनिवर्सिटी के प्रेजिडेंट और वाइस चांसलर प्रो. मार्क ई स्मिथ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मंत्रालय के सचिव विनीत जोशी और सीनियर अधिकारियों से मुलाकात कर दिल्ली-एनसीआर कैंपस की प्रोग्रेस के बारे में बताया। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथेंपटन दिल्ली-एनसीआर कैंपस गुरुग्राम में शुरू होगी।
शर्तें तय
यूनिवर्सिटी ने एडमिशन की जो शर्तें तय की हैं, उनमें सीबीएसई -सीआईसीएसई (काउंसिल इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकंडरी एजुकेशन) से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के लिए एलिजिबिलिटी शर्तें कुछ आसान रखी गई हैं। कैंपस में भारतीय स्टूडेंट्स के अलावा विदेशों में भारतीयों को भी एडमिशन का चांस मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
रिसर्च, इनोवेशन और नए प्रयोग
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विश्व स्तर पर टॉप 100 यूनिवर्सिटी में शामिल साउथेंपटन यूनिवर्सिटी का भारत में पहला कैंपस भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स के लिए रिसर्च, इनोवेशन और नए प्रयोगों पर आधारित हाई क्वॉलिटी एजुकेशन प्रदान करेगा। प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में ‘शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में यह बहुत ही महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले समय में और भी विदेशी यूनिवर्सिटीज के कैंपस भारत में होंगे। जुलाई-अगस्त 2025 से पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
शुरू होंगे ये कोर्स:
शुरुआती वर्ष में बीएससी कंप्यूटर साइंस, बीएससी बिजनेस मैनेजमेंट, बीएससी अकाउंटिंग एंड फाइनैंस, बीएससी इकनॉमिक्स, एमएससी इंटरनेशनल मैनेजमेंट, एमएससी फाइनेंस कोर्स शुरू हो रहे हैं।
एलिजिबिलिटी शर्तें
अकाउंटिंग एंड फाइनेंस बीएससी(ऑनर्स) कोर्स की एलिजिबिलिटी शर्तों को देखें तो सीबीएसई -सीआईसीएसई छात्रों के लिए 12वीं में ओवरऑल 78 पर्सेंट या इससे अधिक और 10वीं में मैथ्स में कम से कम 75 पर्सेंट नंबर होने की शर्त है।
वहीं स्टेट बोर्ड्स के छात्रों के लिए ओवरऑल नंबरों की शर्त 83 पर्सेंट हैं। इसी तरह से बीएससी कंप्यूटर साइंस के लिए सीबीएसई स्टूडेंट्स के लिए 82 पर्सेंट और स्टेट बोर्ड के लिए 87 पर्सेंट की शर्त है। यूनिवर्सिटी की वेबसाइट https://delhicampus. southampton.ac.uk/ पर स्टूडेंट्स एलिजिबिलिटी की शर्तें जान सकते हैं। यहीं से आवेदन भी किया जा सकता है।
2026 से सेकेंड ईयर
साल 2026 से सेकेंड ईयर में यूनिवर्सिटी बीएससी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, बीएससी क्रिएटिव कंप्यूटिंग, एमएससी इकनॉमिक्स कोर्स जोड़ेंगी और थर्ड ईयर में एलएलबी लॉ और बी. इंजीनियरिंग (मैकैनिकल इंजीनियरिंग) का कोर्स जोड़ा जाएगा। इसी तरह से हर वर्ष नए-नए कोर्स जुड़ते जाएंगे।













