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बदमाश ने दिया था 118 टांकों का घाव, सजा दिलवाकर ही रुकूंगी

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 3, 2022
in महिला-हिंसा
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बदमाश ने दिया था 118 टांकों का घाव, सजा दिलवाकर ही रुकूंगी

ब्लिट्ज ब्यूरो

भोपाल। नौ जून का दिन कभी नहीं भूल सकती हूं, मैं अपने पति के साथ न्यू मार्केट में थी। पति पानी की बोतल लेने होटल में गए थे। उसी समय मुझे अकेला देखकर तीन बदमाश आए और सीटी बजाकर अश्लील फब्तियां कसने लगे। मेरे मना करने के बाद भी वे नहीं रुके तो मैंने एक बदमाश को थप्पड़ जड़ दिया। इस पर उसने अचानक मेरे चेहरे पर ब्लेड से हमला कर दिया। उस दिन को और उन जख्मों को कभी नहीं भूल पाती हूं। चेहरे पर 118 टांके आए। यह बताते हुए शिवाजी नगर में रहने वाली सीमा सोलंकी का गला रुंध गया और आखें भर आईं।

सीमा के चेहरे पर अब भी काम करते वक्त सूजन आ जाती है। गुजरते समय के साथ जिंदगी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है पर सीमा के इरादे भी उतने ही मजबूत होते जा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक आरोपित को सजा नहीं हो जाती है, मैं लड़ती रहूंगी। सीमा ने बताया कि घटना के बाद मुख्यमंत्री उनसे मिलने के लिए उनके घर तक आए। उनके बच्चों का शासकीय स्कूल में प्रवेश कराया। उनका कहना है कि मेरी तबीयत भी खराब रहती है, जिस तरह तेजाब के हमले में चेहरा बिगड़ जाता है, उतनी ही तकलीफ मुझे भी है। सीमा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मिल कर उनको धन्यवाद कहना चाहती हैं।

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आइसलैंड महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित देश

नई दिल्ली। जब हम महिलाओं के लिए सुरक्षित देशों की बात करते हैं तो भारत का स्थान उसमें नजर नहीं आता है। हालांकि महिलाओं के लिए सभी देश सुरक्षित नहीं हैं लेकिन ऐसे कई देश हैं जो महिलाओं के लिए सुरक्षित कहे जाते हैं। महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित देशों की लिस्ट में आइसलैंड, फिनलैंड, स्वीडन,नॉर्वे, डेनमार्क, स्विट्जरलैंड, कनाडा,न्यूजीलैंड, नीदरलैंड्स, जर्मनी, लक्समबर्ग, ऑस्िट्रया प्रमुख हैं। इन्हें सुरक्षा, लैंगिक समानता, और जीवन स्तर के आधार पर महिलाओं के लिए सुरक्षित माना गया है। जहां रात्रि में भी महिलाएं अकेली घूम सकती हैं या अजनबियों से बात कर सकती हैं। आइसलैंड दुनिया का सबसे सुरक्षित देश है। यहां कहीं भी चले जाएं सुरक्षित महसूस करेंगे। लैंगिक समानता में भी आइसलैंड सबसे आगे है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरेम के ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स के अनुसार इसे दुनिया में सबसे अधिक लिंग समानता वाले देश का दर्जा दिया गया है। आइसलैंड ओईसीडी देशों में सबसे कम अपराध दर वाले देशों में से एक है।

यह इतना सुरक्षित है कि पुलिस फायरआर्म्स भी नहीं रखती है। यहां महिलाओं के साथ सम्मान और सम्मानजनक व्यवहार किया जाता है। यहां सभी को उचित आर्थिक अवसर प्राप्त है। यहां समान काम के लिए महिलाओं और पुरूषों को समान रूप से भुगतान किया जाता है। फिनलैंड में भी अपराध लगभग न के बराबर है। यही कारण है कि द वीमेन पीस एंड सिक्योरिटी इंडेक्स ने फिनलैंड को महिलाओं के लिए सबसे अच्छे देशों में से एक माना है। आज आधुनिक दुनिया में महिलाएं सुरक्षित रहना और सुरक्षित दुनिया चाहती हैं। हमारे यहां महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा में कमी क्यों नहीं आ रही है। क्यों नहीं हम अपने देश में महिलाओं को सुरक्षित महौल दे पा रहे हैं।

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