• Latest
  • Trending
क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने में जी20 और भारत की भूमिका पर निगाहें

क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने में जी20 और भारत की भूमिका पर निगाहें

January 28, 2023
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
स्लीमनाबाद टनल

विंध्य की धरती को मिलेगा मां नर्मदा का आशीर्वाद, जल सुरंग की खुदाई पूरी

October 5, 2026
Saturday, October 10, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने में जी20 और भारत की भूमिका पर निगाहें

भारत के पास वैश्विक बेंचमार्क स्थापित करने का अनूठा अवसर

by ब्लिट्ज़ इंडिया
January 28, 2023
in राष्ट्रीय
0
क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने में जी20 और भारत की भूमिका पर निगाहें

क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने में जी20 और भारत की भूमिका पर निगाहें

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर क्रिप्टोकरेंसी रेगुलेशन को लेकर कोई सहमति या फ्रेमवर्क नहीं होने के कारण, यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां भारत अपनी जी20 अध्यक्षता का लाभ उठाकर इस दिशा में मार्ग प्रशस्त कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ का मानना है कि भारत की अध्यक्षता के दौरान जी20 के पास तीन अहम विषयों पर उल्लेखनीय प्रगति हासिल करने का बेहतरीन मौका है। इन अहम विषयों में शामिल हैं ऋण में राहत, क्रिप्टोकरेंसी का विनियमन और क्लाइमेट फाइनेंस। वर्ष 2022 में कई प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी के धराशायी होने से उपभोक्ताओं और निवेशकों की सुरक्षा के साथ-साथ वित्तीय बाजारों का भरोसा बरकरार रखने के लिए क्रिप्टोकरेंसी विनियमन की अहमियत और इसकी आवश्यकता पर बल दिए जाने की आवश्यकता है।

जी20 का लाभ उठाना
भारत अपनी जी20 अध्यक्षता के फाइनेंस ट्रैक के हिस्से के तौर पर पूरे देश में 40 मीटिंग आयोजित करेगा। इन मीटिंगों का उद्देश्य वैश्विक आर्थिक चर्चाओं में अहम योगदान देना होगा और इनमें विभिन्न वर्किंग ग्रुप को शामिल किया जाएगा, साथ ही इसके अंतर्गत चार मंत्री स्तरीय बैठकें भी आयोजित की जाएंगी। फाइनेंस ट्रैक के फोकस एरिया में क्रिप्टो एसेट्स को विनियमित करना, ऋण से जुड़ी कमजोरियों का प्रबंधन करना और वैश्विक वित्तीय संस्थानों की दिशा एवं उनके लक्ष्यों को बदलना शामिल है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास बेंगलुरु में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की पहली मीटिंग के साथ, भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान समग्र फाइनेंस ट्रैक की अगुवाई की जाएगी।

YOU MAY ALSO LIKE

एसआईआर में नाम कटा, तो घर जाकर दस्तावेज लेंगे अफसर

12,000 छात्राओं ने बनाया सैटेलाइट, 11 अक्टूबर को प्रक्षेपण

गिरावट से मिली सीख
क्रिप्टोकरेंसी को विकेंद्रीकृत करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, जिसका मतलब है कि एक सेंट्रल अथॉरिटी उन्हें नियंत्रित नहीं करती है। क्रिप्टोकरेंसी की स्वतंत्र प्रकृति पारंपरिक वित्तीय संस्थानों के लिए एक विकल्प उपलब्ध कराती है, जो आमतौर पर बैंकों और एनबीएफसी द्वारा केंद्रीकृत और नियंत्रित होती है। हालांकि, विकेंद्रीकरण के बावजूद क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री तेजी के साथ केंद्रीकृत हो गई है। कई प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज, जैसे कि एफटीएक्स, बाइनेंस और कॉइनबेस केंद्रीकृत हैं और मार्केट के एक बड़े हिस्से को नियंत्रित करते हैं।

केंद्रीकरण की बात क्यों सामने आई
इसके कई कारण हैं। एक कारण यह है कि आमतौर पर विकेंद्रीकृत संस्थाओं की तुलना में केंद्रीकृत संस्थाओं के बारे में जानकारी एकत्र करना और उन्हें नियंत्रित करना आसान होता है। देखा जाए तो केंद्रीकृत एक्सचेंज विकेंद्रीकृत एक्सचेंजों की तुलना में मार्जिन ट्रेडिंग और फ्यूचर कॉन्ट्रेक्ट्स जैसी सुविधाओं और सेवाओं की एक विस्तृत रेंज की पेशकश कर सकते हैं और लेन-देन को अधिक तेजी व कुशलता से संचालित कर सकते हैं। दूसरी ओर, विकेंद्रीकृत एक्सचेंज में लेन-देन की लागत अधिक होती है, साथ ही ये धीमे होते हैं और इनका उपयोग करना भी जटिल होता है।

एक और कारण
विकेंद्रीकृत एक्सचेंजों की तुलना में केंद्रीकृत एक्सचेंज अपने प्लेटफार्मों को अधिक प्रभावी ढंग से मोनेटाइज करने में सक्षम हैं। कई केंद्रीकृत एक्सचेंजों ने वेंचर कैपिटल इन्वेस्टमेंट को आकर्षित किया है, जिसने उन्हें बढ़ने और विस्तार करने में सक्षम बनाया है। इसके विपरीत, विकेंद्रीकृत एक्सचेंजों ने अपने प्लेटफॉर्म को मोनेटाइज करने के लिए संघर्ष किया है, जिससे उनकी ग्रोथ सीमित हो गई है।

विवाद और विफलताएं
शुरुआत में क्रिप्टोकरेंसी को पारंपरिक वित्तीय प्रणालियों के विकेंद्रीकृत और भरोसेमंद विकल्प के रुप में देखा गया था, लेकिन एफटीएक्स, माउंट गोक्स और वन काॅयन जैसे विभिन्न विवादों और विफलताओं ने क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री को बुरी तरह से प्रभावित किया है। ये घटनाएं सत्यम, लीमन ब्रदर्स और साउथ सी कंपनी जैसे पिछले बड़े वित्तीय और एकाउंटिंग संकटों की तरह हैं, जो न केवल लालच से प्रेरित थे, बल्कि किसी भी सूरत में तेजी से मुनाफा कमाने की प्रवृत्ति का नतीजा थे।

झूठी मार्केटिंग
इन घोटालों में अक्सर बैलेंस शीट को बढ़ाना, शेयरों या टोकन के मूल्य में हेराफेरी करना और निवेशकों को धोखा देने के लिए झूठी मार्केटिंग का उपयोग करना शामिल होता है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation