• Latest
  • Trending
modi

बेहतर दुनिया बनाने का प्रयास

June 21, 2024
आरबीआई

कल सुबह 10 बजे आरबीआई का फ़ैसला आएगा। आपकी होम लोन ईएमआई पर इसका क्या असर होगा — और असली बात रेट में नहीं, भाषा में है

August 4, 2026
election center

तीन राज्य, तीन सीटें, तीन अलग नतीजे: बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर ने एक ही दिन तीन अलग कहानियां सुनाईं

August 4, 2026
Athletics-track-inside-a-stadium

ग्लासगो में भारत को 39 मेडल मिले, इनमें 10 अकेले बॉक्सिंग से। दो दिन बाद सरकार ने खेल पर ₹36,441 करोड़ मंज़ूर किए — दोनों ख़बरें एक साथ पढ़िए

August 4, 2026
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026

बारिश 12 फ़ीसदी कम, अगस्त-सितंबर का अनुमान भी कमज़ोर। फिर भी बुवाई क्यों नहीं बिगड़ी — और आपके पास अब 11 दिन क्यों बचे हैं

August 4, 2026
farmer

पीएम-किसान अब 2031 तक चलेगी, ₹3.15 लाख करोड़ मंज़ूर। पर असली बात यह है कि यह पैसा कब और किसके खाते में पहुंचेगा

August 4, 2026
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026

बुवाई में 38 लाख हेक्टेयर की कमी, पर खेल अभी ख़त्म नहीं — 15 अगस्त तक का वक़्त बाक़ी है

August 3, 2026
farmer

पीएम-किसान अब 2031 तक चलेगी: ₹6,000 सालाना मिलते रहेंगे, और अब पाँच साल की गारंटी के साथ

August 3, 2026
दिव्यांग रोजगार अभियान

यूपी में आज से दिव्यांगों के लिए रोज़गार अभियान: हर सरकारी आईटीआई में कैंप, 10 अगस्त तक मौक़ा

August 3, 2026
खेलो इंडिया योजना

ग्लासगो में 39 पदक, और उसी हफ़्ते खेल पर आठ गुना पैसा — अब गाँव के स्कूल तक पहुँचेगी बात

August 3, 2026
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में चार जज और बढ़ेंगे: आज पास हुए बिल का सीधा मतलब क्या है

August 3, 2026
पीएम-किसान अब 2031 तक चलेगी

पीएम-किसान अब 2031 तक चलेगी — पर असली ख़बर यह है कि रकम नहीं बढ़ी, और इसकी एक ठोस वजह है

August 3, 2026
solar

सोलर पैनल अब पानी पर तैरेंगे — और इसकी सबसे बड़ी वजह बिजली नहीं, ज़मीन है

August 3, 2026
Tuesday, August 4, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

बेहतर दुनिया बनाने का प्रयास

हमारा लक्ष्य ऐसे प्रभावशाली समाधान तैयार करना है जो वैश्विक समुदाय को लाभ पहुंचाएं और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक बेहतर दुनिया बनाएं।

by ब्लिट्ज़ इंडिया
June 21, 2024
in दृष्टिकोण
0
modi
दीपक द्विवेदी

लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री का शीर्ष पद संभालने के बाद ग्रुप 7 (जी 7) शिखर सम्मेलन के लिए इटली की अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा पूर्ण करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वदेश लौट आए। इटली के अपुलिया में जी7 मंच के तहत पीएम मोदी ने प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर सार्थक बातचीत की और शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों के साथ भारत के संबंधों को भी मजबूत किया। जी 7 शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, कनाडा के राष्ट्रपति जस्टिन ट्रूडो, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की तथा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी समेत विश्व के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने शिक्षा, रक्षा, परमाणु, अंतरिक्ष आदि क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर बात की तो यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को भी गर्मजोशी से गले से लगाते हुए यह दोहराया कि युद्ध का समाधान सिर्फ बातचीत ही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा का विवरण देते हुए कहा, अपुलिया में जी 7 शिखर सम्मेलन में एक बहुत ही उत्पादक दिन रहा। विश्व नेताओं के साथ बातचीत की और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य ऐसे प्रभावशाली समाधान तैयार करना है जो वैश्विक समुदाय को लाभ पहुंचाएं और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक बेहतर दुनिया बनाएं। मैं इटली के लोगों और सरकार को उनके गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए धन्यवाद देता हूं।
उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी विश्व के सबसे शक्तिशाली सात देशों के जी 7 की शिखर बैठकों में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में गत कई वर्षों से जाते रहे हैं। जी7 में भारत को जो महत्व दिया जाता है, वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भारत की बढ़ती धाक को ही प्रदर्शित करता है। ऐसे समय में जब इस्राइल-हमास युद्ध भी खत्म होता नहीं दिख रहा, यूक्रेन युद्ध अपने तीसरे साल में पहुंच चुका है और यूरोपीय देशों के चुनावों में राजनीति का चेहरा भी बदलता नजर आ रहा है, तब दुनिया की सर्वाधिक उन्नत अर्थव्यवस्थाएं मिलकर आगे की रणनीतियां तैयार करने पर मंथन कर रही हैं।

YOU MAY ALSO LIKE

व्यवस्था में हो सुधार, अराजकता अस्वीकार्य

‘ब्रेन ड्रेन’ रोकने के लिए इसरो का बड़ा कदम

ऐसे में अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और एशिया-प्रशांत के बारह विकासशील देशों को भी इस चर्चा में शामिल करने का अर्थ एक अलग ही महत्व रखता है। वस्तुत: भारत, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे देश जी 7 के लिए इसलिए भी अहमियत रखते हैं क्योंकि ये तीनों ही देश इसके प्रतिद्वंद्वी रूस व चीन के साथ ब्रिक्स समूह का भी हिस्सा हैं। वर्तमान परिदृश्य में संयुक्त राष्ट्र जिस तरह से अपनी प्रासंगिकता खोता जा रहा है, उसे देखते हुए वैश्विक व्यवस्था में जी 7 जैसे क्षेत्रीय संगठनों का महत्व बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि एक मायने में इसके बारे में भी कहा जा सकता है कि यह भी अब उतना सशक्त दिखाई नहीं देता है। कारण यह है कि 1980 के दशक में जी 7 देशों का जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वैश्विक जीडीपी का करीब 60 फीसदी हुआ करता था वह अब घटकर 40 फीसदी पर आ गया है।

इस बीच पिछले दशक के दौरान विश्व का भारत को देखने का दृष्टिकोण भी परिवर्तित हुआ है। इसके कई कारण हैं। कोविड काल में जिस तरह भारत ने खुद को संभालने के अलावा दुनिया के लगभग दो सौ देशों को वैक्सीन उपलब्ध करा कर ऐसे समय में अभूतपूर्व मदद की थी, वह अतुलनीय है और वह भी तब जब उन देशों की कोई सुनने वाला नहीं था। ऐसे समय में जबकि अधिकतर देशों की अर्थव्यवस्थाएं बड़ी मुश्किल से स्थिर बनी रह पा रही हैं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष व विश्व बैंक जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएं भारत को विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक मान रही हैं।
इसके अलावा भारत की जीडीपी भी जहां ब्रिटेन के बराबर है तो वहीं फ्रांस, इटली और कनाडा जैसे देशों से कहीं ज्यादा है। भारत को मिलने वाले महत्व की एक और बड़ी वजह यह भी है कि भारत जहां विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और जी 7 भी लोकतांत्रिक देशों का ही एक समूह है। दरअसल, यह भारत की कूटनीतिक कामयाबी ही है कि आज अमेरिका हो या रूस या फिर यूक्रेन, तीनों ही भारत से करीबी बनाए रखना चाहते हैं। यह वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते वर्चस्व का ही प्रतीक है। इसमें गत वर्ष हुए जी20 के सफल आयोजन ने भी अहम भूमिका निभाई है। जी20 में वैश्विक स्तर पर भारत के ‘वसुधैव कुटुंबकम ्’ के सिद्धांत का प्रसार हुआ तथा दुनिया को यह बताने में हम कामयाब रहे कि भारत सिर्फ जन कल्याण की ही बात करता

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation