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बशर की कालकोठरियों से विद्रोहियों ने मुक्त किए कैदी, सड़कों पर जश्न… जेलों में तोड़फोड़

फांसी की सजा पाए कैदियों ने कई साल बाद देखा सूरज

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 13, 2024
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ब्लिट्ज ब्यूरो

दमिश्क। सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल- असद के रूस भागने और देश पर विद्रोहियों का कब्जा होने के बाद राजधानी दमिश्क की सड़कों पर जबरदस्त जश्न मनाया गया। विद्रोहियों ने असद के शासन में कैद किए गए कई कैदियों को भी कालकोठरियों से मुक्त कराया। असद परिवार के करीब 50 वर्षीय शासन को सिर्फ 11 दिनों में विद्रोहियों ने हमला बोलकर खत्म कर दिया और अब राजनीतिक कैदियों को आजाद कराने के लिए जेलों व सुरक्षा सुविधाओं में तोड़फोड़ की। एक ऐसे ही कैदी हैं 63 वर्षीय बशर बरहौम। उन्हें फांसी की सजा दी गई थी और सोमवार को इस पर तामीली होना थी। जब उन्होंने देखा कि दरवाजे पर कुछ लोगों की चहलकदमी हो रही है तो वे समझे कि यह फांसी चढ़ाने के लिए आए हैं। लेकिन सामने देख तो ये लोग असद के कुख्यात सुरक्षा बलों से नहीं थे बल्कि उन्हें मुक्त करा रहे थे। बरहीम ने भी कैद से रिहा होकर जश्न मनाया और कहा, मैंने आज तक सूरज नहीं देखा है, सोमवार को सजा-ए-मौत के बजाय मुझे नया जीवन मिला है।

जेल से रिहा हुए कई लोग नंगे पैर या बमुश्किल कपड़े पहने दमिश्क की सड़कों पर अपनी आजादी का जश्न मनाते देखे गए। विद्रोहियों ने जेलों में जाकर बंदियों से कहा, डरो मत… असद का राज खत्म हो चुका है। सड़कों पर आकर कैदी खुशी से चीख रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि अब जल्द ही वे अपने परिवार से मिल सकेंगे।

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दमिश्क, अलेप्पो, होम्स, हामा समेत कई शहरों में हजारों बंदी आजाद हुए
सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि दमिश्क, अलेप्पो, होम्स और हामा सहित शहरों में हजारों बंदियों को रिहा कर दिया गया है।
असद की इन जेलों में सबसे कुख्यात जेलों में से एक दमिश्क के पास ‘सैयदनाया जेल’ है जिसे एमनेस्टी इंटरनेशनल ने ‘मानव वधशाला’ तक कहा है। रिपोर्टों से पता चलता है कि 2011 और 2016 के बीच 13,000 लोगों को यहां गुप्त रूप से मार डाला गया। सैयदनाया में रखी गई महिलाएं, जिनमें से कुछ बच्चों के साथ थीं, असद का तख्तापलट होने की सूचना मिलते ही चिल्लाने लगीं। विद्रोहियों ने उनके सेल के ताले तोड़ दिए।

सीरिया में नया युग शुरु
विद्रोहियों द्वारा राजधानी दमिश्क पर कब्जा करने और राष्ट्रपति बशर अल-असद के रूस भागने के बाद सोमवार को सीरियाई लोगों में आशा की किरण जगी दिखाई दी। हालांकि उनमें अनिश्चित भविष्य को लेकर चिंता भी दिखाई दी। विद्रोहियों द्वारा घोषित कर्फ्यू के कारण दमिश्क में सुबह के बाद शांति रही, दुकानें बंद रहीं और सड़कें काफी हद तक खाली दिखीं। बाहर निकलने वालों में से अधिकांश विद्रोही थे, और कई कारों पर उत्तर-पश्चिमी प्रांत इदलिब की लाइसेंस प्लेटें थीं। इदलिब से ही विद्रोही लड़ाकों ने 12 दिन पहले अपनी बढ़त शुरू की थी। मध्य उमय्यद स्क्वायर में लड़ाकों के एक समूह के बीच, इदलिब के फिरदौस उमर ने कहा कि वह 2011 से असद शासन से लड़ रहे हैं और अब अपने हथियार डालकर किसानी करेंगे।

सरकार अभी भी काम कर रही: जलाली सीरिया के प्रधानमंत्री मोहम्मद गाजी जलाली ने कहा है कि विद्रोहियों द्वारा राजधानी में प्रवेश करने और राष्ट्रपति बशर असद को उखाड़ फेंकने के बाद अधिकांश कैबिनेट मंत्री अभी भी दमिश्क में कार्यालयों से काम कर रहे हैं। हालांकि पहले से ही देश के अधिकांश हिस्से पर नियंत्रण रखने वाले विद्रोही गठबंधन के लिए आने वाली कठिनाइयों के संकेत पहले से ही थे। असद और उनके अधिकांश शीर्ष अधिकारियों के रूस भागने के बाद अपने पद पर बने रहे जलाली ने कहा, हम काम कर रहे हैं ताकि हालात तुरंत सुचारू हो सकें। उन्होंने कहा कि सरकार विद्रोहियों के साथ समन्वय कर रही है, और वह विद्रोही नेता अहमद अल-शरा, जिसे पहले अबू मोहम्मद अल-गोलानी के नाम से जाना जाता था, से मिलने के लिए तैयार हैं।

गढ़ों का सफाया
सीरिया में कई चुनौतियां बशर के पतन से उन मुख्य गढ़ीं का सफाया हो गया जहां से ईरान और रूस पूरे क्षेत्र में सत्ता चलाते थे। लंबे समय से असद के दुश्मनों के साथ जुड़ा तुर्किये ताजा घटनाक्रमों के बाद मजबूत होकर उभरा है, जबकि इस्राइल ने इसे असद के ईरानी समर्थित सहयोगियों पर अपने प्रहार का परिणाम बताया है। अरब दुनिया को पश्चिमी एशिया के केंद्रीय राज्यों में से एक को फिर से एकीकृत करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल पूरे देश में कई चुनौतियां हैं और उनसे लड़ना आसान नहीं है।

क्रूरता के लिए दुनिया में बदनाम हैं सीरियाई जेलें
Rebels free prisoners from Bashar's dungeons, celebrations on the streets... sabotage in prisons
सीरिया की जेलें लंबे समय से क्रूर हालात के लिए बदनाम हैं। मानवाधिकार संगठनों और दलबदलुओं द्वारा यातना, भुखमरी और गुप्त फांसी को बड़े पैमाने पर प्रलेखित किया गया है। 2013 में, ‘सीजर’ नामक व्हिसलब्लोअर ने सीरिया से 53,000 तस्वीरों की तस्करी की, जिससे असद की जेलों में बड़े पैमाने पर अत्याचार और अमानवीय स्थिति का खुलासा हुआ। चैथम हाउस में मध्य पूर्व विशेषज्ञ लीना खतीब ने कहा, असद की कुख्यात जेलों में डाले जाने की चिंता ने सीरियाई लोगों में अविश्वास पैदा कर दिया। असद ने सत्ता पर नियंत्रण बनाने और विरोध को कुचलने के लिए डर की इस संस्कृति को बढ़ावा दिया।

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