ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और पेपर लीक करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। पीएम मोदी ने एलान किया है कि पेपर लीक के दोषियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा क्योंकि छात्रों का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी है।
नए कानून के तहत होगी कार्रवाई
नीट पेपर लीक मामले में आरोपियों पर नए ‘एंटी-चीटिंग’ कानून के तहत कार्रवाई होगी और उन पर ‘पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। 2024 से लागू कानून के तहत दोषी पाए जाने और सजा होने पर पांच साल की जेल और 10 लाख रुपये जुर्माना हो सकता है।
यहां बन रहे फास्ट ट्रैक कोर्ट
सूत्रों ने बताया कि नीट लीक के संबंध में अब तक इस कानून के तहत चार एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन मामलों की सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर चार फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जा रहे हैं।
भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत वर्ष 2000 में हुई थी। इनका गठन 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर किया गया था। आयोग ने देशभर में 1734 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए विशेष फंड की अनुशंसा की थी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड भी बेहतर रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार, दुष्कर्म और पॉक्सो मामलों के लिए बनी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2019 से 2025 तक 3.06 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया है। इन अदालतों में मामलों के निपटारे का रेट 96.28% है, यानी जितने नए मामले आए, लगभग उतने ही मामलों का निपटारा भी हुआ। हालांकि, नए मामले लगातार दर्ज होने के कारण 2025 के अंत तक 2.45 लाख से ज्यादा मामले लंबित थे, जबकि 2024 के अंत में यह संख्या 2.04 लाख थी। पीएम मोदी ने इससे पहले कहा था कि पेपर लीक का मुद्दा सिर्फ किसी एक राज्य या केंद्र सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की चिंता का विषय है जिसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
इसके पूर्व केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया था कि मानसून सत्र 2026 के दूसरे दिन की कार्यवाही के शुरू होने से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ‘मंगल मिलन बैठक’ बुलाई गई थी। इस बैठक में एनडीए के सभी घटक दलों के नेता शामिल हुए थे। रिजिजू ने कहा कि नीट पेपर लीक में शामिल लोगों पर टॉप वकीलों से सलाह करके सख्त एक्शन लिया जाएगा। जहां भी पेपर लीक होता है, वहां न सिर्फ केंद्र बल्कि राज्यों को भी सख्त एक्शन लेना चाहिए। सीजेपी के एक डेलीगेशन ने अपनी मांगों पर जोर देने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। रिजिजू ने कहा कि एनडीए संसदीय दल की बैठक ‘बहुत सार्थक’ रही। प्रधानमंत्री ने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि किसानों का हित प्राथमिकता रहेगा और उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा।











