• Latest
  • Trending
Increased self-reliance, huge reduction in army's ammunition imports

बढ़ी आत्मनिर्भरता, सेना के गोला-बारूद आयात में भारी कमी

May 24, 2024
ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

फास्ट-ट्रैक अदालतों को 2031 तक मिला फंड

November 6, 2026
solar

सौर बिजली रात तक सहेजने को ₹14,500 करोड़ मंजूर

November 6, 2026
स्वदेशी एआई

अब 22 भारतीय भाषाओं में बोलेगा देसी एआई

November 4, 2026
स्वच्छ ऊर्जा से मजबूत हो रही भारत की ऊर्जा सुरक्षा

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

November 3, 2026
श्रीहरिकोटा से एनवीएस-03 लेकर उड़ान भरता जीएसएलवी-एफ18। एजेंसी जांच: तस्वीर पर एएनआई, पीटीआई या रॉयटर्स का नाम हो तो न लगाएं।

नाविक को मिला तीसरा नया उपग्रह

November 2, 2026
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
Sunday, November 8, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

बढ़ी आत्मनिर्भरता, सेना के गोला-बारूद आयात में भारी कमी

- 'मेक इन इंडिया' नीति से निर्यात विस्तार में भी मदद मिली

by ब्लिट्ज़ इंडिया
May 24, 2024
in नया-भारत
0
Increased self-reliance, huge reduction in army's ammunition imports
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। ‘मेक इन इंडिया’ नीति के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण ने भारतीय सेना को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए आयात पर निर्भरता कम करने में काफी मदद की है। भारतीय सेना के पास हथियार प्रणालियों की मौजूदा सूची में गोला-बारूद हासिल करने के लिए लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का बजट है। मालूम हो कि कुछ साल पहले तक विदेशों से गोला-बारूद खरीदने पर सरकार लगभग 35-40 प्रतिशत खर्च कर रही थी।

आयात पूरी तरह से बंद करने की तैयारी
रक्षा सूत्रों के अनुसार निजी क्षेत्र में गोला-बारूद का उत्पादन होने से सेना को काफी मदद मिल रही है। भारतीय सेना अगले कुछ वर्षों में कुछ विशेष प्रकार के गोला-बारूद के अलावा सामान्य किस्म के गोला-बारूद के आयात को पूरी तरह से बंद करना चाहती है।

YOU MAY ALSO LIKE

राफेल, सुखोई के साथ काशी में दिखा वायुसेना का दम

‘समुद्र मंथन’ में भारत को बड़ी कामयाबी ओडिशा में मिला गैस का भंडार

अब, उस आवश्यकता को घटाकर 10 प्रतिशत से भी कम कर दिया गया है और अगले कुछ वर्षों में इसे और कम करने पर विचार किया जा रहा है।

पूर्ण स्वदेशीकरण
गोला-बारूद को विभिन्न प्रकार की हथियार प्रणालियों जैसे टैंक, तोपखाने की बंदूकें, वायु रक्षा मिसाइलों और कई ग्रेनेड लॉन्चर सिस्टम आदि के लिए पूर्ण स्वदेशीकरण किया गया है। गोला-बारूद के स्वदेशीकरण ने न केवल आयात निर्भरता को कम किया है बल्कि देश को अपने निर्यात आधार का विस्तार करने में भी मदद की है।

निजी क्षेत्र का महत्व
गोला-बारूद की अधिकांश वैश्विक आवश्यकता को निजी क्षेत्र के उद्योग के एक महत्वपूर्ण हिस्से के साथ-साथ स्वदेशी सार्वजनिक क्षेत्र की फर्मों द्वारा भी पूरा किया जा रहा है।

सेना आवश्यक गोला-बारूद विकसित करने के लिए उद्योग का भी समर्थन कर रही है और उन्हें अपने उत्पादों को और बेहतर बनाने के लिए समय दे रही है।

सहयोगी उद्योग
कुछ उद्योग साझेदार बने हैं जिन्होंने सेना को आयात कटौती करने में मदद की है, उनमें सार्वजनिक क्षेत्र की म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (पूर्व-आयुध फैक्टरी बोर्ड फर्म) और निजी क्षेत्र की सोलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड, अडाणी डिफेंस, ह्यूजेस प्रिसिजन और एसएमपीपी लिमिटेड शामिल हैं। इस क्षेत्र में कई नई कंपनियां भी आ रही हैं, जिससे स्थिति को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

बड़े पैमाने पर निर्यात ऑर्डर
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एमआईएल को तोपखाने के गोले के लिए बड़े पैमाने पर निर्यात ऑर्डर मिल रहे हैं और वैश्विक क्षेत्र में मांग ने इसके आसपास नए सहायक उद्योगों के विकास में मदद की है।

अधिकारियों ने कहा कि बहुत उच्च स्तरीय सटीक निर्देशित तोपखाने का गोला बारूद भी विकसित किया जा रहा है। निजी और सार्वजनिक, दोनों क्षेत्रों की कंपनियां भारतीय सेना की तोपखाने इकाइयों के लिए बड़ी मददगार साबित होंगी।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation