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रेलवे को 6,456 करोड़ की सौगात, तीन प्रोजेक्ट मंजूर

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 30, 2024
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ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने रेल मंत्रालय के तीन प्रोजेक्टों को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्टों की कुल अनुमानित लागत लगभग 6,456 करोड़ रुपये है। इन प्रोजेक्टों से देश के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ा जाएगा। इससे आवागमन आसान होगा। आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी।

ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ की बल्ले-बल्ले
तीनों प्रोजेक्ट चार राज्यों- ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के 7 जिलों में फैले हुए हैं। इनसे भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 300 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। इन प्रोजेक्टों के तहत 14 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे दो आकांक्षी जिलों (नुआपाड़ा और पूर्वी सिंहभूम) सहित कई क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

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19 लाख लोगों को फायदा होगा
नई लाइन परियोजनाओं से लगभग 1,300 गांवों और लगभग 11 लाख लोगों को रेल संपर्क मिलेगा। वहीं, मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 1,300 गांवों और लगभग 19 लाख लोगों को फायदा होगा।

माल ढुलाई में तेजी आएगी
रेलवे लाइनों की क्षमता बढ़ाने और नए रेल मार्ग बनाने से माल ढुलाई में तेजी आएगी। सप्लाई चेन मजबूत होगी। नई रेलवे लाइनें बिछाने से उन क्षेत्रों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा जो अभी तक इससे वंचित हैं। रेलवे सेवाओं की क्षमता और विश्वसनीयता में भी सुधार आएगा। रेलवे लाइनों के दोहरीकरण से ट्रेनों के संचालन में आसानी और भीड़भाड़ कम होगी। इससे रेलवे के सबसे व्यस्त रूटों पर बुनियादी ढांचे का विकास होगा।

– 4 राज्यों के 7 जिलों में बिछेगी विकास की पटरी
– 1,300 गांवों और 11 लाख लोगों को मिलेगा रेल संपर्क

पीएम मोदी के ‘न्यू इंडिया’ विजन के अनुरूप प्रोजेक्ट
ये प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न्यू इंडिया’ के विजन के अनुरूप हैं। इन प्रोजेक्ट से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा। इससे लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वे ‘आत्मनिर्भर’ बनेंगे। ये प्रोजेक्ट पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का नतीजा हैं। इस प्लान का उद्देश्य देश में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है। यह एकीकृत योजना का एक बेहतरीन उदाहरण है जो लोगों, सामान और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध संपर्क प्रदान करेगा।

खनिजों की ढुलाई के लिए अहम
ये रूट कृषि उत्पादों, उर्वरक, कोयला, लौह अयस्क, स्टील, सीमेंट, चूना पत्थर जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। क्षमता बढ़ोतरी कार्यों से माल ढुलाई में प्रति वर्ष 45 मिलियन टन की अतिरिक्त वृद्धि होगी। रेलवे परिवहन का पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल साधन है। इससे जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की रसद लागत को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, इससे तेल आयात में 10 करोड़ लीटर की कमी आएगी। सीओटू उत्सर्जन में 240 करोड़ किलोग्राम की कमी आएगी, जो 9.7 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।

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