ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई कैबिनेट की बैठक में 13,041 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि इनमें चार रेलवे और एक हाईवे प्रोजेक्ट शामिल हैं।
रेलवे के चार प्रोजेक्ट्स में हावड़ा-चेन्नई मुख्य रेलवे लाइन का क्वाड्रपलिंग किया जाएगा। इसके अलावा कटक-पारादीप रूट पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन, यानी क्वाड्रपलिंग का काम किया जाएगा।
पांचवें प्रोजेक्ट के तहत मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक चार लेन का हाईवे बनाया जाएगा। यह सड़क नेपाल सीमा तक जाएगी।
कैबिनेट ने खड़गपुर-भद्रक (रानीताल) चौथी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 3,352 करोड़ रुपये है। इसके अलावा भद्रक-हरिदासपुर चौथी रेल लाइन के लिए 1,583 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
रेलवे नेटवर्क के विस्तार के तहत गुम्मिडिपुंडी-गुडूर तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना पर करीब 2,229 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, कटक-पारादीप तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को 2,286 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा।
कैबिनेट ने बिहार में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा फोर-लेन हाईवे परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना की लागत 3,591 करोड़ रुपये होगी। यह मार्ग मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी के साथ नेपाल सीमा के पास स्थित सोनबरसा तक सड़क संपर्क को बेहतर करेगा।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में खड़गपुर-भद्रक (रानीताल) चौथी रेल लाइन की लंबाई 173 किलोमीटर होगी, वहीं भद्रक-हरिदासपुर के बीच 75 किलोमीटर लंबी चौथी लाइन बनाई जाएगी।
सरकार के मुताबिक, इन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से रेलवे की क्षमता बढ़ेगी और व्यस्त रेल मार्गों पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी। इससे ट्रेनों का संचालन बेहतर होने के साथ यात्रियों और माल ढुलाई के लिए कनेक्टिविटी मजबूत होगी। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे














