• Latest
  • Trending
एशियाई खेलों में भारत ने कबड्डी के दोनों स्वर्ण पदक जीते

भारत की प्रमुख खबरें: एशियाई खेल, हरित ईंधन, पर्यटन और बुनियादी ढांचा

September 27, 2026
कृषि भवन, नई दिल्ली में पराली प्रबंधन की समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव। फोटो : पीआईबी

हरियाणा में पराली की आग 53% घटी

October 14, 2026
प्रधानमंत्री मोदी

भारत की विकास गाथा: स्टार्टअप, व्यापार, डेटा और खादी

October 13, 2026
प्याज

प्याज महंगा, सेना को 27 पदक और नई रक्षा पहल

October 13, 2026
dal

दाल का आयात बिल 14,634 करोड़ रुपये घटा

October 12, 2026
daily-news

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

October 11, 2026
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
Wednesday, October 14, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

भारत की प्रमुख खबरें: एशियाई खेल, हरित ईंधन, पर्यटन और बुनियादी ढांचा

by ब्लिट्ज़ इंडिया
September 27, 2026
in the blitz
0
एशियाई खेलों में भारत ने कबड्डी के दोनों स्वर्ण पदक जीते

कबड्डी ने दोनों सोने संभाल लिए

आइची-नागोया, 27 सितंबर। खिताब जीतना एक बात है। बचाना दूसरी, क्योंकि तब तक हर टीम आपका खेल देख चुकी होती है।

एशियाई खेल के सातवें दिन भारत की पुरुष और महिला, दोनों कबड्डी टीमों ने स्वर्ण जीता। आकाशवाणी ने यह खबर 26 सितंबर को रात 8:55 पर दी।

YOU MAY ALSO LIKE

हरियाणा में पराली की आग 53% घटी

भारत की विकास गाथा: स्टार्टअप, व्यापार, डेटा और खादी

प्रधानमंत्री कार्यालय की उसी शाम की विज्ञप्ति के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुरुष टीम को “एशियाई खेल में स्वर्ण पदक बनाए रखने पर” बधाई दी। उन्होंने कहा कि “उनकी सफलता कई आने वाले खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगी।”

जिन्हें नाम लेकर बधाई मिली

प्रधानमंत्री कार्यालय ने उसी शाम अलग-अलग विज्ञप्तियों में और भी बधाइयां दीं।

महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पर। तजिंदरपाल सिंह को पुरुष शॉट पुट के रजत पर। प्राची चौधरी को महिलाओं की 400 मीटर के कांस्य पर।

निशानेबाजी में तिलोत्तमा सेन, विदरसा विनोद कोचलुमकल और आशी चौकसे को 50 मीटर राइफल तीन पोजीशन टीम के रजत पर। टेबल टेनिस में मानुष शाह और दिया चिताले को मिश्रित युगल के कांस्य पर। स्क्वैश में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार को मिश्रित टीम के कांस्य पर।

मीडिया की 26 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के कुल 30 पदक हो चुके हैं — 4 स्वर्ण, 12 रजत और 14 कांस्य। ये बारह खेलों से आए हैं, और अकेले निशानेबाजी के 11 हैं। खेल 4 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे, तो यह गिनती और बदलेगी।

अनाहत सिंह और अभय सिंह स्क्वैश के एकल फाइनल में पहुंच चुके हैं, आकाशवाणी ने 26 सितंबर को दोपहर 1:34 पर बताया।
भारत को इसमें जो मिला वह तालिका में दर्ज नहीं होता। वह प्रधानमंत्री के संदेश में लिखा है। जींद का कोई चौदह साल का लड़का किसी रेडर को कोना रोकते देखेगा, और तय करेगा कि यह काम करके भी जिंदगी चलती है।

एक नजर में

•सातवें दिन कबड्डी के स्वर्ण : 2 — पुरुष और महिला
•पुरुष टीम : खिताब बचाया
•खेल की अवधि : 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026

तुलना

•कांस्य : 14 — सबसे बड़ा हिस्सा, कुल 30 का 47%
•रजत : 12 — कुल का 40%
•स्वर्ण : 4 — कुल का 13%
•कांस्य पदक स्वर्ण से 250% ज्यादा हैं।

हमारा हिसाब

• 4 + 12 + 14 = 30, यानी तालिका के तीनों अंक मिलकर कुल अंक से मिलते हैं।
•निशानेबाजी के 11 पदक कुल 30 का 36.7% हैं, और वह बारह में से एक ही खेल है।

भारत को क्या मिला

अपने ही ईजाद किए खेल में बचाया हुआ खिताब, और एक निशानेबाजी कार्यक्रम के 11 पदक जो अब किसी एक नाम के भरोसे नहीं चलता।
पुरुष और महिला कबड्डी टीमें, और निशानेबाजी दल, जिसके 11 पदक इस तालिका के पीछे का चुपचाप हिसाब हैं।
आंकड़े प्रधानमंत्री कार्यालय की 26 सितंबर की विज्ञप्तियों से, और एएनआई की उसी तारीख की सातवें दिन की रिपोर्ट से; pib.gov.in पर जांचे।


कच्छ का तट जहाजों को ईंधन देगा

गांधीधाम, 27 सितंबर। कच्छ की खाड़ी से रॉटरडैम जाने वाला जहाज आज तेल जलाता है।

करीब पंद्रह महीने बाद वह उसी बंदरगाह पर ऐसा ईंधन भर सकेगा जो धूप, पानी और कार्बन से बना होगा।

देश के पहले बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल संयंत्र की आधारशिला 26 सितंबर को कांडला के दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण में रखी गई। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यह काम किया।

साढ़े तीन हजार नौकरियां

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की 26 सितंबर की विज्ञप्ति के मुताबिक संयंत्र रोज 150 टन ई-मेथनॉल बनाएगा। इससे 3,500 से ज्यादा सीधे और परोक्ष रोजगार बनेंगे। कुल निवेश 2,300 करोड़ रुपये है।

काम दो चरणों में होगा

पहले चरण में 1,200 करोड़ रुपये से रोज 50 टन की क्षमता, लक्ष्य जनवरी 2027। दूसरे चरण में 1,100 करोड़ रुपये से रोज 100 टन और, लक्ष्य मार्च 2027।

निवेश को नौकरियों से भाग दीजिए तो हर नौकरी के पीछे 65.7 लाख रुपये की पूंजी बैठती है। रसायन के कारखानों में यह आम है। इसे साफ कहना जरूरी है — संयंत्र रोजगार योजना नहीं होता।

असली फायदा उस पूरी कड़ी में है जो इसके साथ कांडला के आसपास खड़ी होगी : ढुलाई, भंडारण, आपूर्ति।

वह आंकड़ा जो विज्ञप्ति में नहीं है

पहले चरण में रोज एक टन की क्षमता 24 करोड़ रुपये में आ रही है। दूसरे चरण में वही क्षमता 11 करोड़ रुपये में। यानी दूसरा चरण पहले से 54.2% सस्ता है। यह हिसाब मंत्रालय के अपने चार आंकड़ों से यहीं निकाला गया है।

वजह सीधी है। पहला चरण जमीन, पानी, बिजली का कनेक्शन और चलाने का तजुर्बा — सब खरीदता है। दूसरा चरण वही सब किराये पर ले लेता है।

कीमत की बात भी मंत्रालय की है। कांडला का हरित मेथनॉल 750 डॉलर प्रति टन बैठेगा, जबकि दुनिया की दर करीब 1,300 डॉलर है — यानी 42.3% कम, हर टन पर 550 डॉलर का फर्क।

"कांडला के दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण में देश के पहले बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल संयंत्र की आधारशिला, 26 सितंबर 2026 को रखी गई।" श्रेय : फोटो : पीआईबी।
“कांडला के दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण में देश के पहले बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल संयंत्र की आधारशिला, 26 सितंबर 2026 को रखी गई।” श्रेय : फोटो : पीआईबी।
नामरूप से कांडला तक

यह परियोजना दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण और असम के नामरूप की असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड की साझा है, 76:24 के अनुपात में। बंदरगाह की तरफ से 567.32 करोड़ रुपये की इक्विटी आएगी। साथ में 75 एकड़ जमीन, अलवणीकृत पानी और हरित हाइड्रोजन के रूप में नवीकरणीय ऊर्जा।

सोनोवाल ने समारोह में कहा। “आने वाले वर्षों में कांडला सिंगापुर-रॉटरडैम मार्ग पर हरित ईंधन का केंद्र बनेगा।” और आगे : “यह संयंत्र देश के हर प्रमुख बंदरगाह के लिए एक मॉडल होगा।”

पटेल ने कहा, “यह संयंत्र हमारी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को निर्यात में बदलता है।” सरमा ने कहा, “आज असम की एक कंपनी नामरूप से कांडला तक इस क्षमता को लेकर जा रही है।”

भारत को क्या मिला

जहाज ईंधन वहीं खरीदता है जहां वह सस्ता और साफ मिले। जो बंदरगाह वह ईंधन बेच सकता है, वह दो बार कमाता है — एक बार माल पर, एक बार बंकर पर।
भारत अब तक दुनिया को अपनी माल-ढुलाई बेचता रहा है। यह पहली गंभीर कोशिश है कि वह अपने अणु बेचे।


पर्यटन में जुड़ीं सवा करोड़ से ज्यादा नौकरियां

नई दिल्ली, 27 सितंबर। पर्यटन मंत्रालय के 26 सितंबर के बैकग्राउंडर के मुताबिक पर्यटन क्षेत्र में रोजगार का आंकड़ा 2019-20 के 6.94 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 8.46 करोड़ हो गया है।

यानी चार साल में 1.52 करोड़ नई नौकरियां, 21.9% की बढ़ोतरी — यह हिसाब मंत्रालय के अपने दो आंकड़ों से यहीं निकाला गया। यह क्षेत्र देश की जीडीपी में 5.22% का योगदान देता है।

घरेलू पर्यटकों की यात्राएं 2021 के 67.7 करोड़ से बढ़कर 2025 में 428.55 करोड़ हो गईं। विदेशी पर्यटक 0.1 करोड़ से 2.53 करोड़, और पर्यटन से विदेशी मुद्रा की कमाई 63,978 करोड़ रुपये से 2,76,831 करोड़ रुपये।

इन दो आंकड़ों को बांटिए तो एक बात निकलती है जो विज्ञप्ति में नहीं है। 2025 में हर विदेशी पर्यटक औसतन 1,09,419 रुपये की विदेशी मुद्रा छोड़कर गया। और हर एक विदेशी आगमन के मुकाबले देश में 169 घरेलू यात्राएं हुईं।

घरेलू पर्यटक होटल के कर्मचारी और बस के ड्राइवर को उसी रुपये में पैसा देता है। इसलिए यह घरेलू पर्यटन के खिलाफ बात नहीं है। बात इतनी है कि प्रचार का अगला रुपया कहां जाए।

आज विश्व पर्यटन दिवस है। भारत मंडपम में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत राष्ट्रीय डिजिटल टूरिज्म स्टैक और ‘देखो अपना देश’ 2.0 का शुभारंभ कर रहे हैं।

पहला एक खुला डिजिटल ढांचा है, जिससे किसी गांव का होमस्टे या कोई पंजीकृत गाइड खोजने पर मिल जाए। दूसरा उन जगहों की तरफ पर्यटक भेजने के लिए है जो तैयार हैं। और उन गिनी-चुनी जगहों से हटाने के लिए, जो भर चुकी हैं।

"पर्यटन मंत्रालय का भारत में पर्यटन के विकास और डिजिटल बदलाव पर ग्राफिक, 26 सितंबर 2026 को जारी।" श्रेय : फोटो : पीआईबी।
“पर्यटन मंत्रालय का भारत में पर्यटन के विकास और डिजिटल बदलाव पर ग्राफिक, 26 सितंबर 2026 को जारी।” श्रेय : फोटो : पीआईबी।
ब्लिट्ज की सलाह

मंत्रालय के अपने कागज में एक आंकड़ा सुर्खी से ज्यादा पीछा मांगता है। यात्रा और पर्यटन के 1,497 डीपीआईआईटी-मान्य स्टार्टअप 262 जिलों में हैं, 58% छोटे शहरों में। सबमें मिलाकर करीब 13,919 लोग काम करते हैं — यानी औसतन नौ।

इतने छोटे स्टार्टअप में विचार की कमी नहीं होती, कार्यशील पूंजी की होती है। डिजिटल स्टैक उन्हें खोजे जाने लायक बना देगा। पूंजी का सवाल खुला है। सिडबी के साथ मिलकर बनी एक पर्यटन-विशेष कर्ज खिड़की उसे किसी नए प्रचार अभियान से जल्दी हल करेगी।


गुंटूर में फाटक हटेगा, पुल बनेगा

 "समपार फाटक नंबर 3 की जगह बनने वाले चार लेन के सड़क ओवरब्रिज की आधारशिला, गुंटूर, 26 सितंबर 2026।" श्रेय : फोटो : पीआईबी।
“समपार फाटक नंबर 3 की जगह बनने वाले चार लेन के सड़क ओवरब्रिज की आधारशिला, गुंटूर, 26 सितंबर 2026।” श्रेय : फोटो : पीआईबी।

गुंटूर, 27 सितंबर गुंटूर-कृष्णा नहर खंड का समपार फाटक नंबर 3 हटेगा और उसकी जगह चार लेन का सड़क ओवरब्रिज बनेगा। आधारशिला 26 सितंबर को रेल और जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्र शेखर ने रखी।
रेल मंत्रालय की 26 सितंबर की विज्ञप्ति के मुताबिक 668 मीटर लंबा यह पुल करीब 108 करोड़ रुपये में बनेगा। पूरा खर्च रेलवे का है और इसमें 2.9 एकड़ जमीन लगेगी। पुल बस स्टैंड रोड को गोरंटला गांव से जोड़ेगा। यहीं निकाले हिसाब से लागत 16.17 लाख रुपये प्रति मीटर बैठती है।

सोमन्ना ने कहा कि आधुनिक ओवरब्रिज से समपार फाटक हटाना दुर्घटना-मुक्त आवागमन और समय की पाबंदी की तरफ जरूरी कदम है। विज्ञप्ति में यह भी दर्ज है : आंध्र प्रदेश के 74 रेलवे स्टेशन 3,500 करोड़ रुपये के निवेश से नए बनाए जा रहे हैं।

गुंटूर के रोजाना आने-जाने वाले को इसमें जो मिलेगा वह मिनटों में गिना जाएगा। वे मिनट, जो बंद फाटक पर खत्म हो जाते हैं। और रेलवे को वह खंड मिलेगा जिस पर ट्रेन को सड़क का हिसाब नहीं रखना पड़ेगा।


ई-वीजा अब 172 देशों तक

नई दिल्ली, 27 सितंबर। भारत का ई-वीजा 2014 में 43 देशों के नागरिकों के लिए शुरू हुआ था। पर्यटन मंत्रालय के 26 सितंबर के बैकग्राउंडर के मुताबिक अब यह 172 देशों के लिए है — 129 देश और जुड़े।

प्रवेश 88 अंतरराष्ट्रीय द्वारों से मिलता है : 37 हवाई अड्डे, 38 बंदरगाह और 13 भूमि बंदरगाह। ये तीनों मिलकर ठीक 88 बनते हैं। यह लिखने लायक है। कुल वीजा में करीब 78% अब इलेक्ट्रॉनिक हैं। करीब 95% आवेदन 72 घंटे में निपट जाते हैं।

ध्यान बंदरगाहों की गिनती पर रखिए। 88 में से 38 द्वार बंदरगाह हैं, और क्रूज जहाज का रास्ता इसी पर बनता है।


हरित हाइड्रोजन और बची हुई कार्बन

गांधीधाम, 27 सितंबर । “हरित ईंधन” कहने से काम नहीं चलता, क्योंकि उस नाम के नीचे कई अलग चीजें आती हैं। कांडला के संयंत्र की रसायन-विद्या इसीलिए लिखने लायक है।

ई-मेथनॉल हाइड्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड को जोड़कर बनता है। हरा वह इसलिए होता है कि दोनों हिस्से कहां से आए।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की 26 सितंबर की विज्ञप्ति कहती है कि संयंत्र नवीकरणीय बिजली, पानी और जैविक स्रोतों की कार्बन डाइऑक्साइड इस्तेमाल करेगा। बंदरगाह प्राधिकरण का योगदान हरित हाइड्रोजन के रूप में नवीकरणीय ऊर्जा है।

नवीकरणीय बिजली से पानी तोड़कर निकाली गई हाइड्रोजन में जीवाश्म कार्बन नहीं होता। जैविक स्रोत की कार्बन डाइऑक्साइड पौधों से आती है, किसी कोयले की परत से नहीं। वह कुछ समय पहले हवा में थी और वापस हवा में जाती है।

जहाज के मालिक के लिए यह फर्क पूरा फर्क है। जीवाश्म हाइड्रोजन से बना अणु ईंधन के नियमों में वैसा नहीं गिना जाता। कोयले की चिमनी से पकड़ी कार्बन से बना अणु भी नहीं। कारोबार और रसायन, दोनों की दलील एक ही है।

दो बातें विज्ञप्ति तय नहीं करती और डेस्क उससे जांच नहीं सका। जैविक कार्बन डाइऑक्साइड आएगी कहां से। और इलेक्ट्रोलाइज़र के लिए कितनी नवीकरणीय क्षमता अलग रखी गई है। 750 डॉलर प्रति टन की कीमत पूरी क्षमता पर टिकेगी या नहीं, यह इन्हीं दो से तय होगा।


पांच में एक प्रशिक्षित को नौकरी मिली

नई दिल्ली, 27 सितंबर। किसी प्रशिक्षण योजना का हिसाब सर्टिफिकेट के बाद होता है, और इस पर पर्यटन मंत्रालय ने अपनी नहीं, बाहर की गिनती छापी है।

मंत्रालय के 26 सितंबर के बैकग्राउंडर में भारतीय गुणवत्ता परिषद के 2025 के आकलन का हवाला है। उसमें पाया गया कि सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण योजना ने 2020-21 से 2024-25 के बीच 1.68 लाख से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण दिया। नौकरी 36,000 से ज्यादा को मिली।

यहीं निकाले हिसाब से यह 21.4% बैठता है — यानी लगभग पांच में एक।

इस आंकड़े को जोर से पढ़ने के बजाय ध्यान से पढ़ना चाहिए। छोटी अवधि का हॉस्पिटैलिटी प्रशिक्षण तीन तरह के लोग लेते हैं। जो पहले से काम में हैं और आगे बढ़ना चाहते हैं और पहली नौकरी ढूंढ़ने वाले।

नौकरी की गिनती सिर्फ तीसरे तबके को पकड़ती है। योजना के ढांचे में तो पहले से काम कर रहे लोगों को आगे का हुनर देना भी शामिल है। इसलिए 21.4% योजना के असर की सबसे नीची हद है, उसका माप नहीं।

जो यह आंकड़ा पक्का बताता है, वह इतना है। आकलन जिस पैमाने से चला, उससे पांच में चार प्रशिक्षितों का हिसाब नहीं मिलता। यह पहले माप की कमी है, प्रदर्शन की बाद में। और यही फर्क किसी ऑडिट की बात को आरोप से अलग करता है।

मंत्रालय इसी सिलसिले में और काम दर्ज करता है। 2024 में शुरू हुई ‘पर्यटन मित्र’ और ‘पर्यटन दीदी’ पहल में अब तक करीब 4,382 स्थानीय सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षण मिला है।

इनमें कैब और ऑटो ड्राइवर, ट्रांसपोर्ट और होटल का स्टाफ, होमस्टे के मालिक, गाइड, पुलिसकर्मी, फेरीवाले, दुकानदार और छात्र शामिल हैं। पाठ्यक्रम में बदलाव 21 केंद्रीय होटल प्रबंधन संस्थानों और आठ हॉस्पिटैलिटी समूहों के साथ चल रहा है।

ब्लिट्ज की सलाह

गुणवत्ता परिषद का अगला आकलन ज्यादा काम का होगा, अगर वह पहले से काम में लगे प्रशिक्षितों को अलग गिने। और नौकरी की दर सिर्फ दूसरे तबके के लिए छापे। मंत्रालय के पास दाखिले का वह ब्योरा है जिससे यह हो सकता है। जो आंकड़ा टिक सके, वह किसी योजना के लिए बड़े आंकड़े से ज्यादा कीमती है।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation