ग्रामीण युवाओं के रोजगार पर नया जोर, अब नौकरी मिलने के बाद भी एक साल तक निगरानी
नई दिल्ली। ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के दूसरे चरण में सरकार ने प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार की निरंतरता पर भी विशेष जोर दिया है। नई व्यवस्था में न्यूनतम रोजगार अवधि तीन महीने से बढ़ाकर छह महीने कर दी गई है, जबकि नौकरी पाने वाले युवाओं की 12 महीने तक निगरानी की जाएगी।
योजना के तहत अब तक 18.47 लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है और 12.43 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है। देश के 31 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में 760 प्रशिक्षण केंद्र सक्रिय हैं।
रोजगार मिलने के बाद शुरुआती छह महीने तक पात्र युवाओं को प्रति माह ₹1,270 की दर से कुल ₹7,620 तक सहायता देने का भी प्रावधान है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए ₹750 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। यह बदलाव प्रशिक्षण को वास्तविक और टिकाऊ रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
देश के 3,600 मीडिया संस्थान ‘पीबी शब्द’ से जुड़े, 15 भारतीय भाषाओं में मिल रही समाचार सामग्री
नई दिल्ली। प्रसार भारती की समाचार साझाकरण सेवा ‘पीबी शब्द’ देश में सार्वजनिक समाचार नेटवर्क के रूप में तेजी से विस्तार कर रही है। सरकार की ताजा जानकारी के अनुसार अब तक 3,600 मीडिया संस्थान इस सेवा से जुड़ चुके हैं।
इसके माध्यम से पंजीकृत मीडिया संस्थानों को समाचार, वीडियो, ऑडियो, तस्वीरें और इन्फोग्राफिक्स सहित सामग्री 15 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराई जा रही है। यह सुविधा मार्च 2027 तक पंजीकृत मीडिया संस्थानों को निःशुल्क उपलब्ध रहेगी।
सरकार के मुताबिक देशव्यापी प्रसार भारती नेटवर्क से जुटाई गई सामग्री को कई स्तरों पर संपादकीय जांच के बाद उपलब्ध कराया जाता है। छोटे और क्षेत्रीय समाचार संस्थानों के लिए यह विश्वसनीय समाचार सामग्री तक पहुंच बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
लंबित सरकारी मामलों को तेजी से निपटाने पर जोर, ई-कचरे को भी संसाधन में बदलने की पहल
नई दिल्ली। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने विशेष अभियान 6.0 के तहत लंबित मामलों के निस्तारण, बेहतर अभिलेख प्रबंधन, कार्यालयों में स्वच्छता और अनुपयोगी सामग्री के वैज्ञानिक निपटान पर जोर दिया है।
अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में लंबित काम को कम कर प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाना है। इसके साथ ही पुराने उपकरणों और ई-कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण तथा संसाधनों के पुनः उपयोग पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार ने इस पहल को लंबित फाइलों को उत्पादकता और कचरे को संसाधन में बदलने की दिशा में अभियान के रूप में प्रस्तुत किया है। इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज को अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और प्रभावी बनाना है।
प्रवासी भारतीय युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ रहा ‘भारत को जानिए कार्यक्रम’
नई दिल्ली। विदेशों में रहने वाली भारतीय मूल की नई पीढ़ी को आधुनिक भारत, उसकी संस्कृति और विकास यात्रा से परिचित कराने के लिए विदेश मंत्रालय का ‘भारत को जानिए कार्यक्रम’ लगातार विस्तार कर रहा है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार अब तक इसके 88 संस्करणों में 3,178 प्रवासी भारतीय युवा भाग ले चुके हैं और 89वें संस्करण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय मूल के युवाओं को केवल देश की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना नहीं, बल्कि उन्हें भारत में हो रहे आर्थिक परिवर्तन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्टार्टअप और विकास की नई यात्रा को नजदीक से समझने का अवसर देना भी है।
प्रवासी भारतीयों की नई पीढ़ी में विद्वानों और नवाचारकर्ताओं पर विशेष ध्यान
नई दिल्ली। ‘भारत को जानिए कार्यक्रम’ के 89वें संस्करण में ‘विद्वान और नवाचारकर्ता’ विषय को विशेष महत्व दिया गया है। इसका उद्देश्य विदेशों में रहने वाली भारतीय मूल की प्रतिभाशाली युवा पीढ़ी को भारत के आधुनिक ज्ञान और नवाचार तंत्र से जोड़ना है।
कार्यक्रम के लिए 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के 25 प्रवासी भारतीय युवाओं को दो सप्ताह के लिए भारत की विकास यात्रा, प्रतिष्ठित संस्थानों, तकनीकी प्रगति, संस्कृति और नवाचार से परिचित कराने की व्यवस्था है।
विदेश मंत्रालय कार्यक्रम के दौरान आवास, भोजन, स्थानीय परिवहन और वीजा सहित अधिकांश खर्च वहन करता है। पात्र प्रतिभागियों को हवाई किराये का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा वहन करना होता है।
यह पहल विदेशों में जन्मी और पली-बढ़ी भारतीय मूल की नई पीढ़ी तथा आधुनिक भारत के बीच दीर्घकालिक संबंध बनाने का माध्यम बन सकती है।
विश्व कौशल मंच पर भारत की बड़ी मौजूदगी, अब तक का सबसे बड़ा भारतीय दल मैदान में
नई दिल्ली। भारत ने वैश्विक कौशल प्रतियोगिता में अपना अब तक का सबसे बड़ा दल उतारा है। यह भारत में व्यावसायिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के बढ़ते दायरे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
कौशल आधारित वैश्विक प्रतियोगिताओं में युवा तकनीशियन और प्रशिक्षित पेशेवर विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में अपनी दक्षता का प्रदर्शन करते हैं। भारत भी उच्च शिक्षा के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण, तकनीकी कौशल और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कार्यबल तैयार करने पर लगातार जोर दे रहा है।
कुशल कार्यबल का विस्तार भारत की विनिर्माण क्षमता, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
भारत-श्रीलंका समुद्री सहयोग को मजबूती, ‘स्लाइनेक्स-26’ नौसैनिक अभ्यास संपन्न
नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास ‘स्लाइनेक्स-26’ संपन्न हो गया है। यह अभ्यास दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग, आपसी तालमेल और पेशेवर क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस तरह के संयुक्त अभ्यास दोनों नौसेनाओं को समुद्री अभियानों के दौरान बेहतर समन्वय विकसित करने और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं।
हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत नौसैनिक सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षित समुद्री मार्गों और पड़ोसी देशों के बीच आपसी विश्वास के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकारी भंडार से आपूर्ति, ‘कांदा एक्सप्रेस’ का सहारा
नई दिल्ली। आम उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर प्याज उपलब्ध कराने और प्रमुख बाजारों में आपूर्ति मजबूत करने के लिए सरकार अपने सुरक्षित भंडार से प्याज बाजार में पहुंचा रही है। इसी व्यवस्था के तहत रेल मार्ग से ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए बड़ी मात्रा में प्याज भेजा जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य मांग वाले बाजारों तक तेजी से आपूर्ति पहुंचाना और कीमतों पर अचानक पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद करना है।
सरकार आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों में असामान्य वृद्धि की स्थिति में सुरक्षित भंडार का उपयोग बाजार हस्तक्षेप के लिए करती है। रेल के माध्यम से बड़े पैमाने पर परिवहन से कम समय में अधिक मात्रा में प्याज उपभोक्ता केंद्रों तक पहुंचाया जा सकता है।
विश्व कल्याण के लिए आध्यात्मिक जागरण अभियान का शुभारंभ
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘विश्व नवनिर्माण के लिए आध्यात्मिक जागरण’ अभियान का शुभारंभ किया है। इसके साथ ही ब्रह्माकुमारीज के ‘ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस’ ध्यान एवं साधना केंद्र का भी उद्घाटन किया गया।
अभियान का मूल उद्देश्य व्यक्तिगत चेतना, शांति, सकारात्मक सोच और मानवीय मूल्यों को व्यापक सामाजिक कल्याण से जोड़ना है।
तेजी से बदलती जीवनशैली और सामाजिक परिस्थितियों के बीच मानसिक शांति, सह-अस्तित्व, करुणा और मानवीय मूल्यों के महत्व को लेकर दुनिया भर में चर्चा बढ़ी है। यह अभियान इसी दिशा में समाज को जागरूक करने का प्रयास है।
विदेशों में भारतीयों के लिए ऑनलाइन हुईं वाणिज्य दूतावास सेवाएं, ‘सेवा’ पोर्टल से घर बैठे कई सुविधाएं
नई दिल्ली। विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए विदेश मंत्रालय का ‘सेवा—भारतीय वाणिज्य दूतावास सेवा तंत्र’ विभिन्न दूतावासी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध करा रहा है।
इसके जरिए पात्र आवेदक ऑनलाइन पंजीकरण, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने, आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और जरूरत के अनुसार दूतावास अथवा वाणिज्य दूतावास में मिलने का समय निर्धारित करने जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
यह कोई आज शुरू हुई नई सेवा नहीं है, लेकिन विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए उपयोगी जानकारी है। डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य दूतावासी सेवाओं को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाना है।













