जल सप्ताह अब भारत का वैश्विक मंच
नई दिल्ली, 24सितंबर। गांव के घर में नल से पानी आना अब अपवाद नहीं रह गया। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने 22 सितंबर को भारत मंडपम में झारखंड का आंकड़ा दिया। वहां ग्रामीण घरों तक नल का पानी जल जीवन मिशन के तहत करीब 7 फीसदी से बढ़कर 37 फीसदी तक पहुंचा। वे उस राज्य के राज्यपाल रह चुके हैं।
यह बढ़त 30 फीसदी अंक की है, और बाद वाला आंकड़ा पहले से 5.29 गुना है। पर जल शक्ति मंत्रालय की विज्ञप्ति इस दायरे के दोनों सिरों की तारीख नहीं देती। इसलिए काम कितनी तेजी से हुआ, यह इस आंकड़े से नहीं निकलता — और ब्लिट्ज ने सालाना रफ्तार जानबूझकर नहीं निकाली।
नाम बदला, और वजह भी बताई
आठ संस्करण तक यह आयोजन “भारत जल सप्ताह” था। नौवां “भारत अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह” है। मंत्रालय की विज्ञप्ति खुद इसकी वजह लिखती है — दुनिया की बढ़ती भागीदारी, और साझा जल चुनौतियों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग का बढ़ता महत्व।
नीदरलैंड और जर्मनी साझेदार देश हैं। चौदह राज्य साझेदार राज्य हैं और दो केंद्रीय मंत्रालय साझेदार मंत्रालय। आयोजन 22 से 26 सितंबर तक चलेगा, विषय है ‘जलवायु-अनुकूल जल प्रबंधन’।
एक किताब का असली मतलब
उपराष्ट्रपति ने दो प्रकाशन जारी किए — सस्टेनेबल अर्बन रिवर मैनेजमेंट फ्रेमवर्क, और एआई एंड एमएल ड्रिवन इंटीग्रेटेड रिजर्वायर सेडिमेंट मैनेजमेंट।
दूसरा ज्यादा तकनीकी है और कम समझा गया है। नदी अपने साथ गाद लाती है और वह बांध के पीछे बैठ जाती है। जलाशय जितना पानी रोकने के लिए बना था, हर दशक उससे कम रोक पाता है। बाहर से कुछ टूटता नहीं दिखता, पर बांध जितना पानी और बिजली देने का वादा करके बना था, उतना नहीं देता। बड़ी संख्या में बांधों पर यह नुकसान ठीक-ठीक नापना ही उस प्रकाशन का विषय है।
वैश्विक नदी शहर गठबंधन की बैठक में पांच शहरी नदी प्रबंधन योजनाएं भी शुरू की गईं।
मंच पर बुलाए गए दो नाम
उद्घाटन सत्र में दो जल कार्यकर्ताओं को नाम लेकर सम्मानित किया गया। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा की राम कुमारी ने पेयजल और जल संरक्षण के लिए महिलाओं और समुदायों को जोड़ा। विज्ञप्ति के मुताबिक उनके काम से करीब 225 परिवारों तक पानी की पहुंच बेहतर हुई।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के सीताराम मड़ावी दो दशक से ज्यादा समय से कुओं, खेत तालाबों और जल संरक्षण पर काम कर रहे हैं। इससे भूजल और सिंचाई, दोनों तक पहुंच बढ़ी।
225 परिवार राष्ट्रीय मिशन के सामने छोटी संख्या है। राष्ट्रीय मिशन बनता भी इन्हीं छोटी संख्याओं से है।
कौन आया, क्या मिला
वेनेजुएला की पेयजल एवं स्वच्छता उपमंत्री येसेनिया कैरोलिना मोरेनो गेर्डेल ने मंत्रिस्तरीय सत्र में कहा कि पानी तक पहुंच बुनियादी मानव अधिकार है।
सत्र में भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमुस एबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन और नीदरलैंड की राजदूत मारिसा गेरार्ड्स भी शामिल हुए। विश्व बैंक की दक्षिण एशिया क्षेत्रीय निदेशक मारा के. वारविक और आईयूसीएन के जल वैश्विक निदेशक जेम्स डाल्टन भी मौजूद रहे।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने मंत्रिस्तरीय सत्र की शुरुआत करते हुए बात को आदान-प्रदान से आगे रखा। उन्होंने कहा कि अब ज्ञान बांटने से आगे बढ़कर मिलकर ज्ञान बनाना है, और संकट के बाद जवाब देने से आगे बढ़कर संकट आने से पहले तैयारी करनी है।
भारत को इस सबसे जो मिला वह कोई साझा बयान नहीं है। यह हर साल लगने वाला एक मंच है, अपनी जमीन पर। यहां पानी की तकनीक दिखाई, खरीदी, बेची और साथ मिलकर बनाई जाती है। साथ चलने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी 22 से 25 सितंबर तक चल रही है। और यह उस मेज के सिरे पर कुर्सी है, जिस विषय पर भारत के अपने काम का पैमाना ही उसकी योग्यता है।
एक नजर में
•संस्करण : 9वां भारत अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह, 22 से 26 सितंबर 2026, भारत मंडपम, नई दिल्ली
•विषय : जलवायु-अनुकूल जल प्रबंधन
•साझेदार देश : 2 — नीदरलैंड और जर्मनी
•साझेदार राज्य : 14
•साझेदार मंत्रालय : 2
जारी प्रकाशन : 2
•शुरू हुई शहरी नदी योजनाएं : 5
तुलना
•झारखंड में ग्रामीण नल जल, पहले का आंकड़ा : करीब 7% — आधार
झारखंड में ग्रामीण नल जल।
•बाद का आंकड़ा : 37% — उपराष्ट्रपति का बताया हुआ
•पहुंच 30 फीसदी अंक बढ़ी, जो आधार का 5.29 गुना है।
हमारा हिसाब
37 में 7 का भाग देने पर 5.29 आता है। 37 में से 7 घटाने पर 30 फीसदी अंक। विज्ञप्ति दायरे के दोनों सिरों की तारीख नहीं देती, इसलिए सालाना रफ्तार नहीं निकाली गई।
भारत को क्या मिला
अपनी जमीन पर हर साल लगने वाला पानी का अंतरराष्ट्रीय बाजार और बातचीत की मेज, उस विषय पर जहां भारत के अपने काम का पैमाना ही उसकी योग्यता है।
ब्लिट्ज की सराहना
जल शक्ति मंत्रालय, और उद्घाटन सत्र में सम्मानित छिंदवाड़ा की राम कुमारी तथा गढ़चिरौली के सीताराम मड़ावी।
आंकड़े जल शक्ति मंत्रालय की विज्ञप्ति से; pib.gov.in पर जांचे।
ब्लिट्ज़ की सलाह
झारखंड वाला आंकड़ा और दूर तक जाएगा अगर मंत्रालय उसके दोनों सिरों की तारीख भी छापे। बिना अवधि के पहुंच का आंकड़ा पाठक को उसका आकार नहीं बताता, और यह काम आकार बताने लायक बड़ा है।
उड़ान के अगले चरण की शुरुआत
नई दिल्ली, 24 सितंबर। छोटे शहर से हवाई जहाज पकड़ना अब और कस्बों तक पहुंचने वाला है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 22 सितंबर को नई दिल्ली के द अशोक में 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ समझौता ज्ञापनों पर दस्तखत किए। मंत्रालय ने एयरोड्रोम विकास के लिए चैलेंज मोड पोर्टल भी शुरू किया।
इस पोर्टल पर राज्य सरकारें और केंद्रशासित प्रदेश खुद अपनी हवाई पट्टियों और हेलीपैड के नाम भेजेंगे। अब तक यह चुनाव ऊपर से नीचे आता था।
मंत्रालय की उसी तारीख की विज्ञप्ति के मुताबिक उड़ान ने शुरू होने के बाद से 687 मार्ग और 95 एयरोड्रोम चालू किए हैं। इन पर 3.66 लाख से ज्यादा उड़ानों में करीब 1.71 करोड़ यात्री ले जाए गए। इससे निकलता है एक उड़ान पर औसतन 46.7 यात्री, और एक एयरोड्रोम पर 7.2 मार्ग। ये दोनों हिसाब ब्लिट्ज ने मंत्रालय के अपने जोड़ से निकाले हैं; विज्ञप्ति में ये नहीं हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि विमानन क्षेत्र में रोजगार 2014 के करीब 30 लाख से बढ़कर अब करीब 77 लाख हो गया है। उनके मुताबिक यह 2040 तक 2.5 करोड़ तक पहुंच सकता है। यह बढ़त 47 लाख की है, यानी 2014 के आंकड़े का 2.57 गुना।
एक बात पाठक ध्यान में रखे। यह पूरे क्षेत्र का रोजगार है, उड़ान योजना का पैदा किया हुआ नहीं, और विज्ञप्ति क्षेत्र की सीमा नहीं बताती। 2040 का आंकड़ा अनुमान है।
राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि अगले दस साल में 120 नए गंतव्य और 4 करोड़ अतिरिक्त यात्री जोड़ने पर काम हो रहा है। बराबर बांटें तो यह सालाना 40 लाख यात्री हुए, और अब तक की पूरी गिनती का 2.34 गुना।
मंत्री ने तेजू (अरुणाचल प्रदेश) और पूर्णिया (बिहार) के हवाई अड्डों का नाम लिया, जो कभी सैकड़ों किलोमीटर तक हवाई संपर्क से कटे हुए थे। मंत्रालय ने मार्ग बोली का योजना दस्तावेज भी जारी किया, जिसके तहत विमान कंपनियां चिन्हित मार्गों के लिए बोली लगाएंगी।

फिल्म पुरस्कार दिल्ली से बाहर गए
एकता नगर, 24 सितंबर।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिए। यह पहली बार है जब यह समारोह दिल्ली से बाहर हुआ। वरिष्ठ अभिनेता अनंत नाग को 2024 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार मिला।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने बताया कि 34 भाषाओं की 400 फीचर फिल्में प्रविष्टियों में आईं। 24 भाषाओं की 161 गैर-फीचर फिल्में भी आईं। पुरस्कार 22 फीचर और 23 गैर-फीचर श्रेणियों में दिए गए। यानी 561 प्रविष्टियां और 45 श्रेणियां, और हर भाषा पर औसतन करीब 12 फीचर प्रविष्टियां।
आर्टिकल 370 सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म रही और इसी के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। ब्रह्मयुगम के लिए ममूटी और चंदू चैंपियन के लिए कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया। अमरन के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशन मिला। कल्कि 2898 एडी सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म रही। कैप्टन मिलर को राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों वाली सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला।
आठवीं अनुसूची से बाहर की भाषाओं को भी जगह मिली। ढोली सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म रही और इम्बू सर्वश्रेष्ठ तुलु फिल्म। रवि राज मुर्मू की संथाली फिल्म आंगेन को किसी निर्देशक की सर्वश्रेष्ठ पहली फिल्म का पुरस्कार मिला।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि समारोह को राज्यों के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जाना है। उन्होंने राज्यों से जगह के प्रस्ताव मांगे।
उन्होंने बताया कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज के 13 पाठ्यक्रमों में करीब 380 छात्र दाखिल हैं। प्रधानमंत्री ने देश भर में 15,000 क्रिएटिव लैब की मंजूरी दी है। वेव्स का अगला संस्करण अक्टूबर 2027 में होगा।

गुजरात में क्रॉसिंग शुल्क माफ
गांधीनगर, 24 सितंबरभारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड ने गांधीनगर में समझौता ज्ञापन पर दस्तखत किए हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की विज्ञप्ति के मुताबिक इसका मकसद गुजरात में राजमार्ग, नहर और पाइपलाइन क्रॉसिंग की मंजूरी को सरल और समयबद्ध बनाना है।
सबसे काम की बात शुल्क माफी है। क्रॉसिंग पर दोनों संस्थाएं एक-दूसरे से जो शुल्क, प्रभार और दूसरे कर लेती थीं, वे दोनों तरफ से माफ हो गए। जहां राजमार्ग नहर को काटता है, वहां अब तक एक सरकारी संस्था दूसरी सरकारी संस्था को उसी सरकारी खजाने से बिल भेज रही थी। इससे परियोजना की लागत घटेगी और एक पूरा बिलिंग चक्र हट जाएगा।



समझौते में परियोजना की जानकारी जल्दी साझा करने, एक जैसी इंजीनियरिंग पद्धति अपनाने, और क्रॉसिंग बनाने तथा उसकी देखरेख की जिम्मेदारी साफ बांटने की बात भी है। दस्तखत प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी और निगम के मुख्य अभियंता ने किए।
विज्ञप्ति बचत का कोई आंकड़ा नहीं देती, और ब्लिट्ज ने कोई अनुमान नहीं लगाया।
नौ ऑडिट रिपोर्ट संसद के सामने
नई दिल्ली, 24सितंबर। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का अपना प्रेस-विज्ञप्ति रजिस्टर 12 से 17 अगस्त 2026 के बीच नौ विज्ञप्तियां दर्ज करता है। इनमें आठ सदन में रखी गई रिपोर्टों की घोषणा हैं।
13 अगस्त 2026 को सात रिपोर्ट सदन में रखी गईं। इनमें प्रोजेक्ट इम्पोर्ट्स स्कीम पर निष्पादन ऑडिट, एफआरबीएम अधिनियम के पालन पर रिपोर्ट और सीमा शुल्क पर ऑडिट रिपोर्ट शामिल हैं। उसी दिन सरकारी, वैज्ञानिक और पर्यावरण मंत्रालयों पर रिपोर्ट रखी गई। भारतनेट पर निष्पादन ऑडिट और ग्रीन इंडिया मिशन पर ऑडिट रिपोर्ट भी उसी दिन आईं। संघ सरकार के रेलवे लेखों पर दो रिपोर्ट भी रखी गईं। जीएसटी पर ऑडिट रिपोर्ट 12 अगस्त 2026 को रखी गई।
इसके बाद कोई रिपोर्ट नहीं रखी गई है। ओवरसाइट डेस्क यहां स्थिति दर्ज कर रहा है, निष्कर्ष नहीं। डेस्क ने अभी वे खंड पढ़े नहीं हैं। ब्लिट्ज का नियम साफ है — रिपोर्ट यहां पढ़ी जाए और मंत्रालय का जवाब उसके साथ हो, तभी निष्कर्ष छपेगा।
स्थिति के बारे में इतना कहा जा सकता है। सदन में रखी गई रिपोर्ट सामान्य क्रम में लोक लेखा समिति के पास जाती है, और सार्वजनिक उपक्रमों के मामले में सार्वजनिक उपक्रम समिति के पास। विभागों की स्थायी समितियां अपने विषय की बातें उठा सकती हैं। हिसाब असल में कार्रवाई रिपोर्ट पर बराबर होता है, और यही वह पड़ाव है जिसकी खबर सबसे कम छपती है।
17 अगस्त 2026 को नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ने इंटोसाई के फॉलो-अप ऑडिट कार्य समूह की वार्षिक बैठक को संबोधित किया। वह अंतरराष्ट्रीय निकाय ठीक इसी आखिरी पड़ाव से जुड़ा है।
ब्लिट्ज़ की सलाह
रजिस्टर बताता है कि रिपोर्ट किस दिन रखी गई, पर यह नहीं कि वह अब किस पड़ाव पर है। हर प्रविष्टि के सामने एक स्थिति का खाना जोड़ दिया जाए तो पाठक किसी निष्कर्ष को उसके अंजाम तक देख सकेगा। ऑडिट में बदलाव उसी आखिरी पड़ाव से आता है।













