• Latest
  • Trending
court

गैरकानूनी संगठन का सदस्य होना भी माना जाएगा अपराध

March 31, 2023
प्याज बफर स्टॉक की नपी-तुली निकासी, दाम पर सरकार की नजर

नपी-तुली मात्रा में निकाला जा रहा हैप्याज का सफर स्टाक

September 5, 2026
भारत की आर्थिक और कारोबारी गतिविधियाँ अगस्त 2026

जापान की जेसीआर ने बढ़ाई भारत की क्रेडिट रेटिंग, A− हुई

September 5, 2026
vikram

भारत की अंतरिक्ष में नई छलांग, इसरो ने भेजा पहरेदार

September 5, 2026
भारत की GDP वृद्धि 7.8%: खेती, वाहन, रेलवे और निवेश के आंकड़े

तिपहिया, ट्रेन और खेत: तिमाही का असली हिसाब

September 3, 2026
हरित भारत मिशन CAG रिपोर्ट 2026

हरित भारत मिशन पर CAG रिपोर्ट: 10 साल के कामकाज में बड़ी कमियां

September 3, 2026
daily-news

आईसीएमआर की तीन जाँच तकनीकें उद्योग के लिए

September 3, 2026
हरित भारत मिशन CAG रिपोर्ट 2026

हरित भारत मिशन पर सीएजी की रिपोर्ट

September 3, 2026
daily-news

भारत के विभिन्न राज्यों की महत्वपूर्ण खबरें

September 2, 2026
हरित भारत मिशन CAG रिपोर्ट 2026

हरित भारत मिशन का दस साल का हिसाब

August 31, 2026
पराली से बायो-बाइंडर तकनीक

पराली जो अब सड़क बनेगी

August 31, 2026
भारत-उज़्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत-उज़्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

August 31, 2026
daily-news

भारत-उज़्बेकिस्तान सहयोग: शिक्षा, दवा, कृषि, योग और खेल में नई साझेदारी

August 31, 2026
Saturday, September 5, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

गैरकानूनी संगठन का सदस्य होना भी माना जाएगा अपराध

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्णय, अपना ही पुराना फैसला पलट दिया

by ब्लिट्ज़ इंडिया
March 31, 2023
in लीगल
0
court

दीप्सी द्विवेदी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला दिया है। इसके अनुसार गैरकानूनी संगठन का सदस्य होना भी अपराध माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गैरकानूनी संगठन का सदस्य होना ही यूएपीए के तहत कार्रवाई का आधार बन सकता है। खास बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले में वर्ष 2011 में दिया अपना ही फैसला पलट दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अरूप भुयन बनाम असम सरकार, इंदिरा दास बनाम असम सरकार और केरल सरकार बनाम रनीफ मामलों में दिए अपने फैसले में कहा था कि गैरकानूनी संगठन का सदस्य होना ही गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने का आधार नहीं हो सकता, जब तक कि वह किसी हिंसा की घटना में शामिल ना हो।

– गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम, 1967 की धारा 10(ए)(1) को भी सही ठहराया

कोर्ट ने की ये टिप्पणी
जस्टिस एमआर शाह, जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस संजय करोल की पीठ ने अपने फैसले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 10(ए)(1) को भी सही ठहराया है, जो गैरकानूनी संगठन की सदस्यता को भी अपराध घोषित करती है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 2011 का फैसला जमानत याचिका पर दिया गया था, जिसमें कानून के प्रावधानों की संवैधानिकता पर सवाल नहीं उठाया गया था। पीठ ने कहा कि 2011 के फैसले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और आतंकवाद और विघटनकारी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की संवैधानिकता को भी सही ठहराया गया था। साथ ही ये भी कहा कि अदालत ने केंद्र सरकार का तर्क सुने बिना कानून के प्रावधानों की व्याख्या की थी।

YOU MAY ALSO LIKE

क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष पीठ

तीन नए कानून, और एक साल की समयसीमा

केंद्र सरकार ने दायर की थी याचिका
बता दें कि 2014 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर संदर्भ दिया था कि केंद्रीय कानूनों की व्याख्या, केंद्र सरकार का तर्क सुने बिना नहीं की जा सकती। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए तत्कालीन जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस एएम सप्रे की पीठ ने मामले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया था। ताजा फैसला उसी संदर्भ में आया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि 2011 के फैसले अमेरिकी बिल ऑफ राइट्स के आधार पर दिए गए थे लेकिन इससे आतंकवाद से संबंधित मामलों से निपटने में परेशानी हो रही है। यह तर्क दिया कि सरकार की दलील सुने बिना आतंकवाद विरोधी कानून के प्रावधानों की व्याख्या नहीं की जा सकती।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation