• Latest
  • Trending
Ayodhya getting decorated to welcome Shri Ram

श्रीराम के स्वागत में सज रही अयोध्या

November 10, 2023
ब्रिक्स से किसान आईडी तक भारत की 10 बड़ी खबरें

ब्रिक्स देशों की संसदें दिल्ली में जुटीं

October 27, 2026
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

ब्रिक्स मंच से निर्यात और जीएसटी तक भारत की बड़ी खबरें

October 26, 2026
daily-news

साप्ताहिक समाचार डायरी 19–25 अक्टूबर 2026: 11 करोड़ फार्मर आईडी | Blitz India Media

October 25, 2026
सरिया एक साल में 26% महंगा, बढ़ी निर्माण लागत

सरिया एक साल में 26 फीसदी महंगा

October 24, 2026
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क, 22 अक्टूबर 2026 · फोटो : पीएमओ इंडिया

पोलैंड से दोगुना कारोबार, 12.7 अरब डॉलर

October 23, 2026
village

गांव-घर तक पहुंचा विकास, रफ्तार की परीक्षा बाकी

October 22, 2026
गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी समिति

गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी नई समिति

October 21, 2026
export

यूएई से कारोबार 100 अरब डॉलर पार

October 20, 2026
न्यूजीलैंड एफटीए

न्यूजीलैंड में भारतीय सामान पर अब ड्यूटी नहीं

October 20, 2026
ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

October 19, 2026
वैश्विक 'सैटकॉम' जंग के दबाव में नहीं आएंगे

भारत बनेगा डिजिटल महाशक्ति

October 19, 2026
तंबाकू- सिगरेट छोड़ो अभियान

तंबाकू- सिगरेट छोड़ो अभियान

October 19, 2026
Tuesday, October 27, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

श्रीराम के स्वागत में सज रही अयोध्या

by ब्लिट्ज़ इंडिया
November 10, 2023
in दृष्टिकोण
0
Ayodhya getting decorated to welcome Shri Ram

deepakरघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई… राजा श्रीराम के सूर्यवंश की यही प्रथा थी जिसका उन्होंने सदा पालन किया। आज भी इस प्रथा पर अयोध्या से 15 किमी दूर स्थित सरायराशी गांव के सूर्यवंशी क्षत्रिय कायम हैं। यहां के सूर्यवंशी क्षत्रियों ने 500 साल पहले संकल्प लिया था कि जब तक अयोध्या में राम मंदिर पुन: नहीं बन जाता तब तक उनकी पीढ़ियांं न छत्र लगाएंगी, न ही सिर पर पगड़ी बांधेंगी और न ही पैर में चमड़े का जूता धारण करेंगी। आज भी उनकी पीढ़ियांं इस पर कायम हैं और उनका यह संकल्प अब राम की नगरी अयोध्या में प्रभु राम का मंदिर बनने के बाद पूरा हो जाएगा जो सैकड़ों साल की कानूनी लड़ाई लड़ने और उसे जीतने के बाद संभव हो पा रहा है।

त्रेता में तो वस्तुत: भगवान श्रीराम 14 वर्षों के वनवास के दौरान लंका में रावण को परास्त करने के बाद अयोध्या लौट आए थे पर कलयुग में उन्हें अपने मूल स्थान पर विराजने में 500 वर्षों की लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। वैसे तो राम जन्मभूमि आंदोलन में हजारों लोगों ने अपने प्राणों की आहुतियां दीं लेकिन इस संघर्ष में भगवान राम के वंशज माने जाने वाले सरायराशी गांव के सूर्यवंशियों ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के मंदिर को बचाने के लिए मुगलों के साथ निरंतर लड़ाई लड़ी और अपने प्राणों की आहुति दी।

YOU MAY ALSO LIKE

लोकतंत्र, विरोध का अधिकार और जंतर-मंतर

देश के 1,000 आईटीआई का होगा कायाकल्प

सूर्यवंशी क्षत्रियों ने यह भी घोषणा की थी कि वह भगवान राम के भव्य मंदिर में विराजमान होने के साथ ही साफा बांधकर रामलला का दर्शन करेंगे और अब उनके इस संकल्प के पूर्ण होने का समय भी नजदीक आ रहा है।

श्रीराम का 500 वर्षों का यह वनवास आगामी 22 जनवरी 2024 को पूरी तरह तब समाप्त हो जाएगा जब अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रीरामलला के बालस्वरूप की मूर्ति की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा हो जाएगी। विद्वानों द्वारा अलग-अलग ग्रंथों में श्रीराम के बाल स्वरूप की विवेचना के आधार पर रामलला की मूर्ति बनाने का कार्य शुरू हो चुका है।

भगवान श्रीराम की प्रतिमा बनाने के लिए देश के प्रसिद्ध मूर्तिकारों को उनकी टीम सहित अयोध्या बुलाया गया । इनमें कर्नाटक के शिल्पकार गणेश एल भट्ट, राजस्थान के शिल्पकार सत्यनारायण पांडेय, पद्मविभूषण सुदर्शन साहू और मैसुरू के अरुण योगीराज शमिल हैं। मंदिर के गर्भगृह में भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप (5 वर्ष) की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

कई सौ वर्ष के संघर्ष के बाद अब अयोध्या में प्रभु श्रीराम का दिव्य और भव्य मंदिर आकार ले रहा है। अयोध्या मंस श्रीराम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा व्यवस्था कार्यालय की स्थापना के साथ ही राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की जमीनी तैयारी शुरू हो चुकी है। प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम के लिए भूतल के सारे निर्माण कार्य पूरे हो गए हैं।

5 सदी से अयोध्या में पर्यटक और श्रद्धालु आने से कतराते थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जब सुप्रीम फैसला राम मंदिर के पक्ष में सुनाया और 5 अगस्त 2020 को देश के पीएम मोदी ने राम मंदिर का भूमि पूजन किया तो उस दिन से अयोध्या निरंतर प्रगति की ऊंचाई पर खड़ी नजर आने लगी।

मंदिर की मासिक सहयोग राशि भी करीब 2 करोड़ पहुंचने का अनुमान है। मंदिर ट्रस्ट ने श्रीरामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम के लिए भव्य तैयारियां की हैं। देश और विदेश से लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है।

25 हजार लोगों के टिकट से लेकर उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। देश भर के कई गांवों से 5-5 लोगों को बुलाए जाने की भी तैयारी है। टीवी पर अयोध्या का लाइव प्रसारण भी कराया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में स्थापित रामलला की सुंदर फोटो खींची जाएगी। इसे लाखों की संख्या में छपवा कर श्रद्धालुओं को प्रसाद के साथ वितरित किया जाएगा। इस तरह रामलला की फोटो 10 करोड़ घरों तक पहुंचाने का कार्यक्रम भी बनाया गया है।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। राम मंदिर के निर्माण के साथ ही अयोध्या की तस्वीर ही नहीं, बल्कि तकदीर भी बदलने लगी। पूर्ववर्ती सरकारों में उपेक्षित रहने वाली अयोध्या नगरी में बीजेपी की सरकार आने के बाद विकास की गंगा बह रही है।

अयोध्या के कायाकल्प की नींव उस दिन पड़ी जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त, 2020 को यहां राम मंदिर की आधारशिला रखी थी। लंबे अरसे से चले आ रहे मंदिर-मस्जिद के विवाद के चलते 5 सदी से अयोध्या में पर्यटक और श्रद्धालु आने से कतराते थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जब सुप्रीम फैसला राम मंदिर के पक्ष में सुनाया और 5 अगस्त 2020 को देश के प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर का भूमि पूजन किया तो उस दिन से अयोध्या निरंतर प्रगति की ऊंचाई पर खड़ी नजर आने लगी। इन 3 वर्षों में एक तरफ जहां कई गुना राम भक्तों की संख्या बढ़ी तो अयोध्या के विकास में लगभग 34 हजार करोड़ की परियोजनाएं भी परवान चढ़ने लगीं।

अयोध्या में एक तरफ मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट का 80 फीसदी से अधिक का निर्माण का काम पूरा हो गया है तो वहीं 1450 एकड़ में फैले नव्य अयोध्या का निर्माण भी तीव्र गति के साथ शुरू किया गया है। अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का निर्माण लगभग पूरा हो रहा है।

इसके अलावा बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए राम नगरी में 5 स्थानों पर मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बस स्टेशन भी बनकर तैयार है। इतना ही नहीं अधिकांश योजनाएं भगवान राम के भव्य मंदिर में विराजमान होने से पहले पूरी हो जाएंगी। श्रद्धालु हवाई, सड़क और रेल मार्ग से आसानी से अयोध्या पहुंचें, इसके लिए सभी आधारभूत कार्यों को दिसंबर 2023 में पूरा कर लिए जाने के हिसाब से तीव्रतम गति से कार्य जारी है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation