• Latest
  • Trending
प्रत्यक्ष कर संग्रह से भरा खजाना

प्रत्यक्ष कर संग्रह से भरा खजाना

March 24, 2023
अक्षर पटेल के ऑलराउंड प्रदर्शन से भारत ने एजबेस्टन में पहला वनडे छह विकेट से जीत लिया।

आर-पार का मुकाबला: सीरीज़ 1–1 बराबर, कल लॉर्ड्स में होगा फैसला

July 18, 2026
पश्चिम एशिया संकट ने चुपचाप बदल दिया भारत के व्यापार का नक्शा

तीन समझौते, तीन रफ्तार: ब्रिटेन से रास्ता खुला, यूरोप करीब, अमेरिका छह दिन की घड़ी पर

July 18, 2026
job

आबादी का सुनहरा मौका: नौकरी और हुनर भारत की सबसे बड़ी असल परीक्षा

July 18, 2026
rbi (

बैंकों का व्यस्त शनिवार: HDFC बैंक ने पहली बार दिया बोनस शेयर का तोहफा

July 18, 2026
Reliance

पहली बार 3 लाख करोड़ के पार: रिलायंस के तीनों इंजन एक साथ चले

July 18, 2026
ev car

तीन लाख के पार: भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

July 17, 2026
employment

जवान देश की सबसे बड़ी पूंजी: नौकरी और हुनर का असली इम्तिहान

July 17, 2026
Agriculture

बारिश ने पकड़ी रफ्तार: कमज़ोर शुरुआत के बाद घटने लगी मानसून की कमी

July 17, 2026
Market

बाज़ार में लौटी रौनक: बड़े शेयरों के दम पर सेंसेक्स चढ़ा, रिलायंस के नतीजे आज

July 17, 2026
पश्चिम एशिया संकट ने चुपचाप बदल दिया भारत के व्यापार का नक्शा

तीन समझौते, तीन रफ्तार: ब्रिटेन से रास्ता खुला, यूरोप करीब, अमेरिका आखिरी कदम पर

July 17, 2026
india-vs-england

जवाब आया: एजबेस्टन में भारत ने पहला वनडे छह विकेट से जीता

July 17, 2026
Agriculture

आसमान पर टिकी नज़र: कमज़ोर मानसून और महंगाई के बीच खेती की परीक्षा

July 17, 2026
Sunday, July 19, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

प्रत्यक्ष कर संग्रह से भरा खजाना

संशोधित अनुमान से एक लाख करोड़ से अधिक का राजस्व मिला

by ब्लिट्ज़ इंडिया
March 24, 2023
in राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
0
प्रत्यक्ष कर संग्रह से भरा खजाना

नई दिल्ली। सरकार ने 2021-22 के बजट के संशोधित अनुमान में जितने प्रत्यक्ष कर संग्रह का अनुमान लगाया था, उससे करीब 1 लाख करोड़ रुपये अधिक का राजस्व मिला है। वित्त वर्ष पूरा होने से पंद्रह दिन पहले के ये आंकड़े हैं। कर संग्रह में वृदि्ध आर्थिक सुधार और बेहतर कर प्रशासन का संकेत है। विनिवेश की कम प्राप्ति और रूस-यूक्रेन संकट को देखते हुए सरकार को अनुमान से ज्यादा राजस्व संग्रह राहत दे सकता है।

चालू वित्त वर्ष में 16 मार्च तक रिफंड भुगतान के बाद सरकार को करीब 13.60 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष कर प्राप्त हुआ जबकि संशोधित अनुमान 12.50 लाख करोड़ रुपये का था। इस दौरान करदाताओं को 1.87 लाख करोड़ रुपये रिफंड भी किए गए हैं। प्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 48.41 फीसदी बढ़ा है। कोविड से पहले 2019-20 में 9.56 लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष कर संग्रह हुआ था। 2018-19 में 10.09 लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष कर मद में प्राप्त हुए थे।

YOU MAY ALSO LIKE

एआई से भारत बनेगा 1000 अरब डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी

युद्ध के बावजूद बेअसर रहेंगे भारत-इस्राइल रक्षा संबंध

अग्रिम कर 40.75 फीसदी अधिक
कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह में से 6.63 लाख करोड़ रुपये अग्रिम कर के रूप में आए, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 40.75 फीसदी अधिक हैं। निगमित कर मद में 7.19 लाख करोड़ रुपये और व्यक्तिगत आयकर के रूप में 6.04 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
इसका मतलब यह हुआ कि सरकार को 2021-22 के संशोधित अनुमान 6.35 लाख करोड़ रुपये से निगमित कर में करीब 84,000 करोड़ रुपये का ज्यादा राजस्व प्राप्त हुआ।

कर संग्रह में वृदि्ध आर्थिक सुधार और बेहतर कर प्रशासन का संकेत

व्यक्तिगत आयकर 25 हजार करोड़ ज्यादा
व्यक्तिगत आयकर मद में संशोधित अनुमान की तुलना में 25,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई। हालांकि व्यक्तिगत आयकर का ज्यादातर हिस्सा मार्च के अंतिम दिनों में प्राप्त होता है। ऐसे में प्रत्यक्ष कर संग्रह में अभी और इजाफा हो सकता है। इससे सरकार को विनिवेश मद में कम प्राप्तियों और खर्च में बढ़ोतरी के बावजूद राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 6.9 फीसदी पर रखने में मदद मिलेगी।

विनिवेश से कम मिला धन
चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान के मुताबिक विनिवेश से 78,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद थी लेकिन वास्तविक प्राप्तियां 12,424 करोड़ रुपये रहीं। इसके अलावा सरकार को उर्वरक सब्सिडी बिल और अन्य मदों में संशोधित अनुमान से करीब 1 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े हैं। इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि प्रत्यक्ष कर संग्रह संशोधित अनुमान से करीब 50,000 करोड़ रुपये अधिक रहेगा। लेकिन ताजा आंकड़े इससे कहीं अधिक हैं। इससे सरकार को ज्यादा व्यय के लिए तीसरी अनुपूरक मांग वहन करने में मदद मिलेगी।’ कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह में 41 फीसदी (उपकर को छोड़कर) राज्यों के खजाने में जाएगा।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation