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पूरे एनसीआर को मिलेगी बुलेट रफ्तार

दिल्ली-मेरठ के बाद कई और रूटों पर होगी रैपिड रेल की सवारी

by ब्लिट्ज़ इंडिया
February 11, 2023
in दिलली-एनसीआर
0
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ब्लिट्ज विशेष

नई दिल्ली। दिल्ली- मेरठ के बाद एनसीआर के कई और शहरों में भी रैपिड रेल दौड़ाने की तैयारी है। रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) अब जल्द ही साहिबाबाद में दिल्ली सीमा से लेकर गाजियाबाद में दुहाई तक 17 किमी के खंड पर रैपिड ट्रेन दौड़ाने जा रहा है। यह दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर का 20 प्रतिशत हिस्सा होगा, जिसके 2025 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है। इसके बाद राजधानी दिल्ली और पश्चिमी यूपी के शहर मेरठ के बीच की 82 किलोमीटर की यात्रा महज एक घंटे में पूरी हो सकेगी। इससे दिल्ली या नोएडा में काम करने वाले लोगों का मेरठ में रहना संभव हो सकेगा।

इसके बाद कुछ और शहरों में रैपिड रेल चलाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। हालांकि, बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार आरआरटीएस नेटवर्क को कितनी तेजी से आगे बढ़ाती है ताकि ये आईजीआई हवाई अड्डे और गुड़गांव जैसे महत्वपूर्ण वाणिज्यिक केंद्र तक पहुंच सके।

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कब महसूस की गई जरूरत
आरआरटीएस की आवश्यकता 1998 में उस वक्त महसूस की गई थी जब भारतीय रेलवे ने इसे दिल्ली-एनसीआर के लिए भविष्य में यातायात के एक विकल्प के रूप में पहचाना था। साथ में, दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और एनसीआर के अन्य जिले पहले से ही भारत के सबसे बड़े शहरी समूह(साथ लगते गांवों समेत) हैं। अगले सात वर्षों में, इसके दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क बनने का अनुमान है।

योजना परवान नहीं चढ़ी
प्रारंभिक योजना मौजूदा रेलवे कॉरिडोर के साथ आरआरटीएस बनाने की थी। उस समय रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने खंड के सर्वे के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक सैलून कोच में यात्रा की थी, लेकिन तब आरआरटीएस की योजना परवान नहीं चढ़ सकी।

2009 में पुनर्जीवन
यह योजना 2009 में पुनर्जीवित हुई जब एनसीआर -2032 के परिवहन पर कार्यात्मक योजना ने दिल्ली से मेरठ, रेवाड़ी, पानीपत, पलवल, रोहतक और बड़ौत को तेजी से कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए 520 किमी की लंबाई के साथ आठ आरआरटीएस कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव दिया। दो अन्य कॉरिडोर गाजियाबाद से खुर्जा और हापुड़ तक प्रस्तावित थे।

दो काॅरिडोर विचाराधीन
सूत्रों ने कहा कि दो कॉरिडोर – दिल्ली-अलवर और दिल्ली-सोनीपत-पानीपत – अभी भी विचाराधीन हैं और दिल्ली सरकार ने अभी तक इन प्रोजेक्ट्स में अपने हिस्से के निवेश के लिए हामी नहीं भरी है।

योजना का पहला चरण
पहले चरण में तीन प्राथमिकता वाले कॉरिडोर – दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-गुड़गांव-एसएनबी-अलवर (198 किमी.) और दिल्ली – सोनीपत- पानीपत (103 किमी.) को विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया। 2011 में यूपीए सरकार ने परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। 2013 में एनसीआर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) को आरआरटीएस बनाने के लिए एक कंपनी के रूप में शामिल किया गया था। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर दिल्ली-अलवर कॉरिडोर से जुड़ा होगा, जो गुड़गांव और आईजीआई हवाई अड्डे को आरआरटीएस नेटवर्क में लाएगा, तो रैपिड रेल कामकाजी आबादी के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्रों को छूएगी। इससे उसे राइडरशिप मिलेगी। एक बार ऐसा होने पर, कारों की संख्या कम होने की भी संभावना है जिससे वाहनों के प्रदूषण को कम करने में मदद करेगी।
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