• Latest
  • Trending
धनुष, तेजस,  टी-90 टैंक का डंका

धनुष, तेजस, टी-90 टैंक का डंका

February 18, 2023
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026

बांधों में सिर्फ़ 44 फ़ीसदी पानी

August 15, 2026
Athletics-track-inside-a-stadium

अब पाँच साल की उम्र से खिलाड़ी की तलाश

August 15, 2026
solar

70 शहर से 700 तक पहुँची पाइप गैस

August 15, 2026
vegetable

थाली फिर महंगी, और गाँव में ज़्यादा

August 15, 2026
भारत के एक विश्वविद्यालय पुस्तकालय में पढ़ते छात्र

अब कोचिंग के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा

August 15, 2026
dialy-news

स्वतंत्रता दिवस पर भारत की बड़ी खबरें

August 15, 2026
पीएम-किसान अब 2031 तक चलेगी

अगस्त की बारिश ही तय करेगी इस साल की फ़सल

August 14, 2026
जून में भारत की ईवी बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

हर 100 में से 8 नई कार अब बिजली की

August 14, 2026
ग्रामीण भारत में काम करती महिलाएँ

बिहार में हर परिवार से एक महिला को काम की पूँजी

August 14, 2026
red-fort

कल लाल क़िले पर 80वाँ स्वतंत्रता दिवस

August 14, 2026
economy growth

भारत की अर्थव्यवस्था: महंगाई, बाजार और कारोबार

August 14, 2026
farmer

पीएम-किसान अब 2031 तक, ₹3.15 लाख करोड़ मंज़ूर

August 14, 2026
Saturday, August 15, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

धनुष, तेजस, टी-90 टैंक का डंका

75 से अधिक देशों को सैन्य साजो सामान की आपूर्ति कर रहा भारत

by ब्लिट्ज़ इंडिया
February 18, 2023
in ब्लिट्ज इंडिया मीडिया
0
धनुष, तेजस,  टी-90 टैंक का डंका

नई दिल्ली। वर्तमान में भारत 75 से अधिक मित्र देशों की फौज को विभिन्न प्रकार के रक्षा उपकरणों की आपूर्ति कर रहा है। डिफेंस के क्षेत्र में भारत ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के रास्ते कदम तीव्र गति से बढ़ा रहा है। ‘धनुष’, ‘तेजस’ व टी-90 टैंक जैसे दर्जनों स्वदेशी रक्षा उत्पादों का डंका अब रक्षा उपकरण बाजार में बजने लगा है। एसयू-30 एमके1, चीता हेलिकॉप्टर, एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर, डोर्नियर डीओ-228, हाई मोबिलिटी ट्रक, आईएनएस कलवारी, आईएनएस खंडेरी, आईएनएस चेन्नई और एंटी-सबमरीन वारफेयर कार्वेट (एएसडब्लूसी) जैसे उपकरण अब ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ से जुड़ी परियोजनाओं की गाथा कह रहे हैं।

– मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ ने पकड़ी गति

- मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' ने पकड़ी गति

1 of 3
- +

क्या आयात बिल कम हुआ

गत 10 फरवरी को ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के लिए परियोजनाओं की स्थिति जानने के मकसद से लोकसभा सांसद अण्णासाहेब शंकर जोल्ले, तेजस्वी सूर्या, कराडी सनगन्ना अमरप्पा और प्रताप सिम्हा ने सवाल पूछा था। सांसदों ने जानना चाहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान कार्यक्रमों के तहत रक्षा क्षेत्र में शुरू की गई परियोजनाओं का विवरण क्या है। इन कार्यक्रमों ने आयात बिल को कम करने में क्या मदद की है। यदि हां तो कुल संख्या में व आयात के प्रतिशत हिस्से से संबंधित विवरण क्या है। क्या दोनों कार्यक्रमों ने रक्षा क्षेत्र में भारतीय निर्यात को बढ़ाने में भी मदद की है। रक्षा क्षेत्र में वर्ष 2023 और 2024 के लिए विनिर्माण, निर्यात और आयात के क्या लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। क्या उक्त उद्देश्य के लिए शुरू की गई सभी परियोजनाएं लक्ष्यों को पूरा करने के लिए तैयार हैं। अब तक उन योजनाओं में कितनी प्रगति हुई है।

YOU MAY ALSO LIKE

Bindeshwar Pathak

14 विपक्षी दलों की याचिका हुई खारिज

लंबी है स्वदेशी उपकरणों की सूची

रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री अजय भट्ट के मुताबिक, विगत कुछ वर्षों के दौरान देश में 155 एमएम आर्टिलरी गन प्रणाली ‘धनुष’, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट ‘तेजस’, सर्फेस टू एयर मिसाइल प्रणाली ‘आकाश’, मेन बैटल टैंक ‘अर्जुन’, टी-90 टैंक, टी-72 टैंक, आर्मर्ड पर्सनल कैरियर बीएमपी-11/11के’, एसयू-30 एमके1, चीता हेलिकॉप्टर, एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर, डोर्नियर डीओ-228 और हाई मोबिलिटी ट्रक तैयार होने लगे हैं। इनके अलावा आईएनएस कलवारी, आईएनएस खंडेरी, आईएनएस चेन्नई, एंटी-सबमरीन वारफेयर कार्वेट (एएसडब्ल्यूसी), अर्जुन आर्मर्ड रिपेयर एंड रिकवरी व्हीकल, ब्रिजलेइंग टैंक और 155 एमएम अम्यूनिशन के लिए बाई-मॉडुलर चार्ज सिस्टम (बीएमसीएस) भी अब ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ की परियोजनाओं का हिस्सा हैं।

फास्ट अटैक क्राफ्ट

मीडियम बुलेट प्रूफ व्हीकल (एमबीपीवी), वेपन लोकेटिंग रडार (डब्ल्यूएलआर), सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियोज (एसडीआर), पायलेटलेस टार्गेट एयर क्राफ्ट के लिए लक्ष्य पैराशूट, बैटल टैंक्स के लिए ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स साइट्स, वाटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट, इनशोर पेट्रोल वेसल, ऑफशोर पेट्रोल वेसल, फास्ट इंटरसेप्टर बोट, लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी और 25 टी टग्स, इत्यादि सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी स्वदेशी मुहिम के तहत आगे बढ़ रही हैं।

लक्ष्य है 175000 करोड़ का रक्षा विनिर्माण

विदेशी स्रोतों से रक्षा खरीद संबंधी व्यय विगत चार वर्षों अर्थात 2018-19 से 2021-22 समग्र व्यय का 36 फीसदी हो गया है। भारत 75 से अधिक मित्र देशों को रक्षा उपस्कर और कलपुर्जों का निर्यात कर रहा है। गत पांच वर्षों में जारी किए गए अनुमोदनों का निर्यात मूल्य 2018-19 में 10746 करोड़ रुपये, 2019-20 में 9116 करोड़ रुपये, 2020-21 में 8435 करोड़ रुपये, 2021-22 में 12815 करोड़ रुपये और 2021-22 (7 फरवरी 2023 तक) में 10967 करोड़ रुपये रहा है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2024-25 तक 35000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात सहित 175000 करोड़ का रक्षा विनिर्माण प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया है। जहां तक निर्यात लक्ष्यों का संबंध है, राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता किए बिना स्वदेशीकरण के माध्यम से प्रति वर्ष आयात को न्यूनतम करने पर जोर दिया जा रहा है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation