• Latest
  • Trending
Nine lakh voters increased in the capital

21 करोड़ से ज्यादा युवा वोटर निर्णायक भूमिका में

April 25, 2024
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
स्लीमनाबाद टनल

विंध्य की धरती को मिलेगा मां नर्मदा का आशीर्वाद, जल सुरंग की खुदाई पूरी

October 5, 2026
ev-scooter

23 रुपए में दिनभर के लिए इलेक्टि्रक स्कूटर

October 5, 2026
सोना 4,550 डॉलर के पार, चांदी भी 67 डॉलर के ऊपर

सोना गिरवी रखकर लोन लेने में यूपी वाले सबसे आगे

October 5, 2026
metro

मुंबई मेट्रो का महाविस्तार: 6 नए रूट पर 374 किमी में 130 स्टेशन

October 5, 2026
खटमलों ने उड़ाई अफसरों की नींद

खटमलों ने उड़ाई अफसरों की नींद

October 5, 2026
Wednesday, October 7, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

21 करोड़ से ज्यादा युवा वोटर निर्णायक भूमिका में

सभी दलों ने युवाओं को लुभाने के लिए तेज किए अपने प्रयास

by ब्लिट्ज़ इंडिया
April 25, 2024
in the blitz
0
Nine lakh voters increased in the capital
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। भारत के लोकसभा चुनाव में 21 करोड़ से ज्यादा युवा मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। इस वजह से युवा मतदाताओं की लोकसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका रहेगी। भारत में लोकसभा चुनाव के लिए 97 करोड़ मतदाता अपना मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। सबसे अहम बात यह है कि चुनाव में पहली बार वोट देने वाले यानी 18-19 साल के मतदाताओं की संख्या 1.82 करोड़ है। इसके अलावा 20 से 29 साल के युवा वोटरों की संख्या 19.74 करोड़ है। ये युवा मतदाता किसी भी हार-जीत में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

एक समाचार एजेंसी ने ऐसे कुछ युवा मतदाताओं से बात की जो पहली बार वोट डालने जा रहे हैं। युवा मतदाता लोकसभा चुनाव में भाग्य विधाता की भूमिका में होंगे। यह भी सच है कि युवा जिसके साथ होते हैं, सरकार उसकी होती है। सियासी दल इसको बखूबी जानते हैं, इसलिए दल युवाओं को लुभाने के लिए हर जतन करते दिख रहे हैं। युवाओं के मुद्दे पर वार-पलटवार हो रहे हैं। हालांकि गैजेट्स और इंटरनेट से लैस युवा वर्ग सबको खामोशी से परख रहा है और उनके दावों को तौल रहा है।

YOU MAY ALSO LIKE

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

मुंबई यूनिवर्सिटी के 22 वर्ष के एक छात्र रमेश ने कहा कि वह पार्टियों द्वारा धर्म को मुद्दा बना देने से नाखुश हैं। फिर भी, भारत की अर्थव्यवस्था बहुत तेज गति से बढ़ रही है और वह 2022 में पूर्व औपनिवेशिक शासक ब्रिटेन को पछाड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। वह चाहते हैं कि मोदी और उनकी भारतीय जनता पार्टी फिर से जीत हासिल करे। वह बोले कि जिस तरह से विकास हो रहा है, इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ रहा है और जो कुछ भी चल रहा है, मैं चाहूंगा कि मौजूदा सरकार बनी रहे। कितने उत्साहित हैं युवा वोटर इस पर दक्षिण की रहने वाली 2 2 साल की सॉफ्टवेयर डेवलपर कहती हैं कि मैं भारतीय लोकतंत्र का हिस्सा बनने और पहली बार अपनी राय जाहिर करने को लेकर अति उत्साहित हूं। मुझे खुशी है कि मेरा वोट मायने रखता है।

वह मोदी सरकार के कार्यकाल में हासिल उपलब्धियों की तारीफ करती हैं पर बेरोजगार युवा भारतीयों को काम खोजने में मदद करने के लिए और अधिक कोशिश किए जाने की जरूरत बताती हैं।

अधिकार के लिए आवाज उठाते ट्रांसजेंडर
देश की करीब 1.4 अरब आबादी अलग-अलग पृष्ठभूमियों से आती है, जिसमें ट्रांसजेंडर समुदाय भी शामिल है। इनकी संख्या कई लाख होने का अनुमान है। हिंदू आस्था में ‘तीसरे लिंग’ के कई संदर्भ हैं। 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर को पुरूष या महिला के बजाए एक तीसरे लिंग का दर्जा दिया था। कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक आदेश में सरकार से कहा था कि ट्रांसजेंडर को सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा समुदाय माना जाए और उन्हें नौकरी और शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण दिया जाए। इससे भारत के करीब तीस लाख से अधिक ट्रांसजेंडर को फायदा हुआ और उन्हें भी आम नागरिकों की तरह हर अधिकार मिलने लगे। चुनाव आयोग के मुताबिक देश में इस वक्त 48,044 थर्ड जेंडर मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं साल 2019 में यह संख्या 39,075 थी। हालांकि इन सबके बावजूद ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को आज भी भेदभाव का सामना करना पड़ता है। एक मुस्लिम ट्रांसजेंडर ने कहा कि उन्हें अभी भी हर आने वाली सरकार से इस समुदाय के उत्थान के लिए और बेहतर काम किए जाने की उम्मीद है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation