• Latest
  • Trending
भारत में पहली बार नदी के अंदर दौड़ी मेट्रो

भारत में पहली बार नदी के अंदर दौड़ी मेट्रो

April 21, 2023
Gwalior-Fort-in-Madhya-Pradesh

ग्वालियर में ₹5,500 करोड़, 18 हज़ार नौकरियां

August 6, 2026
hospital

22 बच्चे, और वायरस का वाहक अब भी तय नहीं

August 6, 2026
farmer

किसान के हर ₹1 पर ₹2.30

August 6, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

अब सिर्फ़ 460 गांव बाकी हैं

August 6, 2026
solar

19 लाख घरों का बिजली बिल अब ज़ीरो

August 6, 2026
airport

अब खाड़ी नहीं, अमेरिका से आता है ज़्यादा पैसा

August 5, 2026
वैश्विक संकट के बीच भी नहीं थमेगी भारत की रफ्तार

यूपी में जीएसटी 15% बढ़ा

August 5, 2026
boxing

ग्लासगो में 39 पदक, सात गोल्ड सिर्फ़ बॉक्सिंग से

August 5, 2026
solar

बारह लाख घरों ने बिजली बेचकर कमाए

August 5, 2026
पीएम-किसान अब 2031 तक चलेगी

पीएम-किसान अब 2031 तक

August 5, 2026
आरबीआई

कल सुबह 10 बजे आरबीआई का फ़ैसला आएगा। आपकी होम लोन ईएमआई पर इसका क्या असर होगा — और असली बात रेट में नहीं, भाषा में है

August 4, 2026
election center

तीन राज्य, तीन सीटें, तीन अलग नतीजे: बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर ने एक ही दिन तीन अलग कहानियां सुनाईं

August 4, 2026
Thursday, August 6, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

भारत में पहली बार नदी के अंदर दौड़ी मेट्रो

by ब्लिट्ज़ इंडिया
April 21, 2023
in the blitz, नया-भारत
0
भारत में पहली बार नदी के अंदर दौड़ी मेट्रो

आस्था भट्टाचार्य

कोलकाता। कोलकाता मेट्रो ने इतिहास रच दिया है । देश में पहली बार मेट्रो नदी में बनी सुरंग में हुगली नदी के नीचे से होती हुई कोलकाता से हावड़ा पहुंची। इस सफर में केवल अधिकारी और इंजीनियर ही सवार थे। इसे ऐतिहासिक घटना बताते हुए मेट्रो के जीएम उदय कुमार रेड्डी ने कहा, उम्मीद है कि रूट पर सेवाएं इसी साल से शुरू हो जाएंगी। इसके साथ ही हावड़ा देश का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन (सतह से 33 मीटर नीचे) बन जाएगा।

520 मीटर हुगली नदी के नीचे सुरंग
हावड़ा से एस्प्लेनेड तक का मार्ग लगभग 4.8 किमी लंबा है, जिसमें से 520 मीटर हुगली नदी के नीचे सुरंग के जरिए होगा। सुरंग पानी की सतह के स्तर से 32 मीटर नीचे है। नदी के नीचे मेट्रो के लिए दो सुरंगें बनाई गई हैं। यह ईस्ट-वेस्ट मेट्रो का प्रमुख आकर्षण है। यात्रियों के लिए यह अलग अनुभव होगा क्योंकि वे एक मिनट से भी कम समय में लगभग आधा किलोमीटर तक पानी के नीचे से गुजरेंगे।

YOU MAY ALSO LIKE

ग्वालियर में ₹5,500 करोड़, 18 हज़ार नौकरियां

22 बच्चे, और वायरस का वाहक अब भी तय नहीं

यूरोस्टार ट्रेनों की तरह बनी हैं सुरंगें
चैनल टनल से गुजरने वाली लंदन और पेरिस के बीच यूरोस्टार ट्रेनों की तरह ही कोलकाता में इन सुरंगों को बनाया गया है। एफकोन्स ने अप्रैल 2017 में सुरंगों की खुदाई शुरू की और उसी वर्ष जुलाई में उन्हें पूरा किया। अब इसमें मेट्रो का ट्रायल चल रहा है। यह भारत के लिए ऐतिहासक क्षण था।

7 महीने तक रूट पर रोज ट्रायल
कोलकाता मेट्रो के महाप्रबंधक पी. उदय कुमार रेड्डी ने कहा कि यह तो बस शुरुआत है और इस रूट पर नियमित अंडरवाटर ट्रायल जल्द ही शुरू होगा। रेड्डी, जिन्होंने इस यात्रा को क्रांतिकारी वर्णित किया, पहले ट्रायल रन का हिस्सा थे। उन्होंने महाकरण स्टेशन से हावड़ा मैदान स्टेशन तक यात्रा की। नदी में सुरंग बनाना इंजीनियरिंग का चमत्कार है। यह भारत में पहली बार हुआ । 1980 के दशक में भारत की पहली मेट्रो का हिस्सा कोलकाता में चली थी। अब पहली बार नदी के अंदर सुरंग भी यहीं बनी है। सुरंग का निचला भाग पानी की सतह से 36 मीटर दूर है और ट्रेनें जमीनी स्तर से 26 मीटर नीचे चलेंगी। नदी के नीचे सुरंग बनाना एक चुनौती थी। पानी की जकड़न, वॉटरप्रूफिंग और गास्केट की डिजाइनिंग प्रमुख मुद्दे थे। सुरंग बनाने के दौरान चौबीसों घंटे दल तैनात रहे।

120 साल तक ऐसी ही रहेगी सुरंग
सुरंगों को 120 साल तक सेवा के लिए बनाया गया है। पानी की एक बूंद भी नदी की सुरंगों में प्रवेश नहीं कर सकती। सुरंगों के कंक्रीट के बीच में हाइड्रोफिलिक गास्केट हैं। अगर पानी सुरंगों के अंदर आता है, तो गास्केट खुल जाएगी। पानी के प्रवेश की संभावना में टीबीएम सुरक्षित निकासी के लिए पनडुब्बी की तरह बंद हो जाएंगे। इन सुरंगों को भूकंपीय क्षेत्र 3 के अनुसार बनाया गया है, जिस जोन में कोलकाता आता है। टनल बोरिंग मशीन के कटिंग चैंबर में प्रवेश की आवश्यकता होने पर एफकॉन्स ने अत्यधिक अनुभवी टनल क्रू को तैनात किया।

नारियल तोड़कर और पूजा करके हुआ ट्रायल
जब ट्रेन हुगली को पार कर पूर्व-पश्चिम मेट्रो के हावड़ा स्टेशन पर पहुंची तो मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी एच एन जायसवाल एफकॉन्स टीम के साथ मौजूद थे। पूजा और नारियल तोड़ने की रस्म की गई। वहां से अधिकारी 16.6 किमी पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर पर टर्मिनल स्टेशन हावड़ा मैदान तक की यात्रा पूरी करने के लिए ट्रेन में सवार हुए। बाद में दूसरी ट्रेन ने भी यही सफर तय किया। अगले कुछ महीनों में एस्प्लेनेड-हावड़ा मैदान खंड पर दो ट्रेनों का उपयोग किया जाएगा। केएमआरसी को पांच से सात महीने में परीक्षण पूरा करने और साल के अंत तक वाणिज्यिक परिचालन शुरू करने के लिए सुरक्षा मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation