• Latest
  • Trending
Danger from illegal sand mining, now railway bridge will be audited in 3 years

अवैध रेत खनन से खतरा अब 3 साल में होगा रेलवे ब्रिज का ऑडिट

May 10, 2024
सरिया एक साल में 26% महंगा, बढ़ी निर्माण लागत

सरिया एक साल में 26 फीसदी महंगा

October 24, 2026
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क, 22 अक्टूबर 2026 · फोटो : पीएमओ इंडिया

पोलैंड से दोगुना कारोबार, 12.7 अरब डॉलर

October 23, 2026
village

गांव-घर तक पहुंचा विकास, रफ्तार की परीक्षा बाकी

October 22, 2026
गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी समिति

गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी नई समिति

October 21, 2026
export

यूएई से कारोबार 100 अरब डॉलर पार

October 20, 2026
न्यूजीलैंड एफटीए

न्यूजीलैंड में भारतीय सामान पर अब ड्यूटी नहीं

October 20, 2026
ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

October 19, 2026
वैश्विक 'सैटकॉम' जंग के दबाव में नहीं आएंगे

भारत बनेगा डिजिटल महाशक्ति

October 19, 2026
तंबाकू- सिगरेट छोड़ो अभियान

तंबाकू- सिगरेट छोड़ो अभियान

October 19, 2026
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बंद, दिल्ली पुलिस के नए नियम

लोकतंत्र, विरोध का अधिकार और जंतर-मंतर

October 19, 2026
देश के 1,000 आईटीआई का होगा कायाकल्प

देश के 1,000 आईटीआई का होगा कायाकल्प

October 19, 2026
कैप्टन स्मित को इजरायल का राष्ट्रपति पुरस्कार

कैप्टन स्मित को इजरायल का राष्ट्रपति पुरस्कार

October 19, 2026
Saturday, October 24, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

अवैध रेत खनन से खतरा अब 3 साल में होगा रेलवे ब्रिज का ऑडिट

by ब्लिट्ज़ इंडिया
May 10, 2024
in महाराष्ट्र
0
Danger from illegal sand mining, now railway bridge will be audited in 3 years
ब्लिट्ज ब्यूरो

मुंबई। पश्चिम रेलवे ने बॉम्बे हाई कोर्ट को सूचित किया है कि रेलवे ब्रिज का एक्सटर्नल ऑडिट अब 5 साल की बजाय 3 साल में कराया जाएगा। जून 2024 तक इस संबंध में टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई में वैतरणा क्रीक और सफाले ब्रिज के आसपास हो रहे अवैध रेत खनन के चलते ब्रिज की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि ब्रिज से रोजाना 20 लाख रेलवे यात्री गुजरते हैं। इसलिए रेलवे 5 साल के बजाय बार-बार ब्रिज का एक्सटर्नल ऑडिट कराने पर विचार करे।

इंस्पेक्शन रिपोर्ट में ब्रिज सुरक्षित
रेलवे के वकील ने कहा कि रेलवे हर साल ब्रिज का इंटरनल ऑडिट करती है। हालांकि अब हर 3 साल में एक्सटर्नल ऑडिट की जाएगी। फिलहाल इंस्पेक्शन रिपोर्ट में ब्रिज क्रमांक 88, 90, 91 और 93 पूरी तरह से सुरक्षित हैं। रेत खनन पर रोक लगाने के लिए ब्रिज क्रमांक 92 के पास बैरिकेटिंग की गई थी। हालांकि उसे कलेक्टर के आदेश के बाद हटा दिया गया। 20 फ्लड लाइट और सोलर पैनल भी इंस्टाल किए गए हैं। विडियो कॉन्फ्रेंस में मौजूद एडिशनल कलेक्टर ने कहा कि अस्थायी तौर पर बैरिकेट हटाए गए हैं, जिसे बाद में लगा दिया जाएगा।

YOU MAY ALSO LIKE

प्लास्टिक के फूलों पर राज्य में प्रतिबंध

मुंबई की फैमिली के चारों सदस्यों के पास सिर्फ एक किडनी

‘जूली द्वीप के पास रेत खनन पर लगे रोक’
जूली खारभूमि लाभार्थी सहकारी संस्था और आवाज फाउंडेशन की ओर से दायर जनहित याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है, जिसमें दावा किया गया है अवैध रेत खनन से द्वीप के अस्तित्व पर संकट पैदा हो गया है। इसलिए रेत खनन पर रोक लगाने का निर्देश दिया जाए। इससे रेलवे ब्रिज पर भी विपरीत असर हो सकता है।

– अफसर इसे लेकर बनाएं प्लान:बॉम्बे हाई कोर्ट
– वैतरणा क्रीक ठाणे और सफाले ब्रिज पर अवैध खनन पर जताई चिंता

‘ट्रेटा पॉड की उपयोगिता पर मंगाई रिपोर्ट’
इससे पहले, हाई कोर्ट ने राजस्व विभाग के प्रधान सचिव को संबंधित कर्मचारियों को तीन माह में बोट और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने और संवेदनशील इलाकों में ट्रेटा पॉड के इस्तेमाल को लेकर वैज्ञानिक अध्ययन करने को कहा। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि कैसे ट्रेटा पॉड रेत खनन को रोकने के लिए व्यावहारिक तौर पर समाधान कारक नहीं हो सकते। सरकार ट्रेटा पॉड के उपयोग से संबंधित रिपोर्ट नहीं देगी, तो उक्त पॉड का प्रायोगिक तौर पर इस्तेमाल करने का निर्देश देने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। याचिका पर 28 जून को सुनवाई होगी।

‘इकोलॉजी व पर्यावरण के लिए हानिकारक’
जस्टिस नितिन जामदार व जस्टिस एमएम साठे की बेंच ने कहा कि एक दशक से अधिक समय से यह मामला चल रहा है। अवैध रेत खनन के चलते द्वीप के किनारों में कटाव की स्थिति दिख रही है। ऐसा खनन इकोलॉजी और पर्यावरण के लिए खतरनाक है, इसके बावजूद रेत खनन को रोकने के पर्याप्त और सार्थक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। रेत खनन को रोकने के लिए द्वीप व क्रीक के आसपास ट्रेटा पॉड नहीं लगाए जा रहे क्योंकि सरकार इसे खर्चीला मानती है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation