• Latest
  • Trending

सुक्खू सरकार को एक और झटका,पर्यटन निगम के 18 होटल बंद करने का आदेश

November 29, 2024
सुप्रीम कोर्ट

‘साल भर नज़र रखेंगे’: सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसले को लगातार निगरानी में बदल दिया

July 27, 2026
semiconductor

₹1.27 लाख करोड़, दूसरा चरण: अपनी चिप बनाने की राह पर भारत का बड़ा दांव

July 27, 2026
mansoon

16 से 6 फ़ीसदी: देर से आई बारिश के बाद तेज़ी से भरता खरीफ़ बुवाई का अंतर

July 27, 2026
Congratulations to Mirabai Chanu

सोने की हैट्रिक: मीराबाई चानू ने तोड़ डाले मुक़ाबले के सारे रिकॉर्ड

July 27, 2026
bharat-jal-suraksha-rainwater-harvesting-2026

बारिश के बाद का असली सवाल: भारत अपना पानी कहां रखेगा

July 27, 2026
व्यवस्था में हो सुधार, अराजकता अस्वीकार्य

प्रोटेस्ट, पॉलिटिक्स और अराजकता!

July 27, 2026
modi

सरकार छात्रों के साथ, पेपर लीक के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट ः मोदी

July 27, 2026
व्यवस्था में हो सुधार, अराजकता अस्वीकार्य

88 मिनट में नीट पेपर लीक पर 4 बड़े एक्शन

July 27, 2026
व्यवस्था में हो सुधार, अराजकता अस्वीकार्य

व्यवस्था में हो सुधार, अराजकता अस्वीकार्य

July 27, 2026
‘ब्रेन ड्रेन’ रोकने के लिए इसरो का बड़ा कदम

‘ब्रेन ड्रेन’ रोकने के लिए इसरो का बड़ा कदम

July 27, 2026
पपीते के पत्ते का अर्क बढ़ाता है प्लेटलेट्स? टाटा हॉस्पिटल की स्टडी पर उठे सवाल

पपीते के पत्ते का अर्क बढ़ाता है कैंसर रोगियों की प्लेटलेट्स !

July 27, 2026
एक टनल-एक हाईवे से बदल जाएगा यूपी-एनसीआर का पूरा नक्शा

एक टनल-एक हाईवे से बदल जाएगा यूपी-एनसीआर का पूरा नक्शा

July 27, 2026
Monday, July 27, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

सुक्खू सरकार को एक और झटका,पर्यटन निगम के 18 होटल बंद करने का आदेश

- हाईकोर्ट ने कहा, घाटे में चल रहे 'सफेद हाथियों' पर खर्च क्यों

by ब्लिट्ज़ इंडिया
November 29, 2024
in the blitz
0
ब्लिट्ज ब्यूरो

शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार को हाईकोर्ट से एक और बड़ा झटका लगा है। हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उपक्रम हिमाचल पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के 18 घाटे में चल रहे होटलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि एचपीटीडीसी इन ‘सफेद हाथियों’ के रख-रखाव में सार्वजनिक संसाधनों का अपव्यय न करें। इन होटलों का संचालन जारी रखते हुए राज्य के खजाने पर गैरजरूरी बोझ डालने से बचें।

मांगी रिपोर्ट
हिमाचल हाईकोर्ट के जस्टिस अजय मोहन गोयल ने अपने आदेश में कहा कि पर्यटन निगम को इन होटलों को बंद कर देना चाहिए क्योंकि इनका संचालन घाटे में चल रहा है। इससे राज्य के वित्तीय संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। अदालत ने यह भी कहा कि इन निर्देशों की अनुपालना की जिम्मेदारी पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक की होगी। इस आदेश के पालन को सुनिश्चित करना होगा और कोर्ट को इसकी रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।

YOU MAY ALSO LIKE

‘साल भर नज़र रखेंगे’: सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसले को लगातार निगरानी में बदल दिया

₹1.27 लाख करोड़, दूसरा चरण: अपनी चिप बनाने की राह पर भारत का बड़ा दांव

बाकी कर्मचारियों को अन्य होटलों में भेजने के आदेश
अदालत ने यह भी कहा कि इन होटलों को चलाने के लिए जो न्यूनतम स्टाफ जरूरी है, वही स्टाफ वहां रखा जाए। बाकी कर्मचारियों को अन्य होटलों में स्थानांतरित कर दिया जाए, ताकि जहां स्टाफ की कमी हो, वहां उसकी भरपाई की जा सके।

ये होटल होंगे बंद
1. पैलेस होटल, चायल 2. होटल गीतांजलि, डालहौजी 3. होटल बघाल, दाड़लाघाट 4. होटल धौलाधार, धर्मशाला 5. होटल कुनाल, धर्मशाला 6. होटल कश्मीर हाउस, धर्मशाला 7. होटल एप्पल ब्लॉसम, फागू 8. होटल चंदरभागा, केलंग 9. होटल देवदार, खजियार, 10. होटल गिरिगंगा, खड़ापत्थर, 11. होटल मेघदूत, कयारीघाट 12. होटल शबरी, कुल्लू 13. होटल लॉग हट्स, मनाली 14. होटल हडिंबा कॉटेज, मनाली, 15. होटल कुन्जुम, मनाली 16. होटल भागसू, मैक्लोडगंज 17. होटल द कैस्टल, नागर 18. होटल शिवालिक, परवाणू।

होटलों की उपयोगिता निराशाजनक
हाईकोर्ट ने कहा- एचपीटीडीसी द्वारा अपने होटलों की कार्यकुशलता और उपयोगिता का हवाला निराशाजनक था। एचपीटीडीसी अपनी संपत्तियों का सही तरीके से उपयोग कर लाभ अर्जित करने में असमर्थ रहा है। यदि इन संपत्तियों का संचालन जारी रखा जाता है तो यह राज्य के खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जबकि राज्य सरकार पहले ही वित्तीय संकट का सामना कर रही है, जैसा कि अदालत में आए अन्य मामलों में देखा गया है।

कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया
हाईकोर्ट ने यह भी नोट किया कि पिछली सुनवाई में, 17 सितंबर 2024 को उसने एचपीटीडीसी से अपेक्षाएं जताई थीं कि वह अपने संसाधनों को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएगा, लेकिन इस आदेश तक निगम ने इस दिशा में कोई अहम कदम नहीं उठाया है

प्रबंध निदेशक को रिपोर्ट पेश करने के आदेश
हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि 3 दिसंबर 2024 को अगली सुनवाई के दौरान एचपीटीडीसी के प्रबंध निदेशक को कोर्ट में पेश होकर एक शपथ पत्र दाखिल करना होगा। इस शपथ पत्र में वह यह बताएंगे कि आदेश का पालन कैसे किया गया है और साथ ही उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सूची भी प्रस्तुत करेंगे, जो चतुर्थ श्रेणी के हैं और अब इस दुनिया में नहीं हैं। इन कर्मचारियों के परिवारों के लिए बकाया राशि जारी करने के लिए यह कदम उठाया जाएगा।

निगम को कितनी अतिरिक्त राशि मिली
इसके अलावा हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि एचपीटीडीसी को यह सूचित करना होगा कि सरकार और निजी संस्थाओं द्वारा निगम को कितनी अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई है, जो उनके द्वारा किए गए बकायों के रूप में है।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation