ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।पूर्वोत्तर भारत आज केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता के लिए ही नहीं, बल्कि जैविक खेती और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के क्षेत्र में भी देश के लिए एक नई मिसाल बनकर उभर रहा है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं ने यहां के किसानों को आधुनिक कृषि, बेहतर बाजार और नई व्यावसायिक संभावनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ऑर्गेनिक खेती को मिला बड़ा प्रोत्साहन
मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट फॉर नॉर्थ ईस्ट (एमओवीसीडी-एनईआर) योजना ने पूर्वोत्तर में जैविक खेती को नई गति दी है। इस योजना के तहत किसानों को केवल ऑर्गेनिक खेती के लिए प्रोत्साहित ही नहीं किया गया बल्कि उन्हें उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग और बाजार तक की पूरी वैल्यू चेन से भी जोड़ा गया है।
इस वर्ष मई तक लगभग 2.36 लाख हेक्टेयर भूमि को इस योजना के दायरे में लाया जा चुका है जिससे करीब 2.70 लाख किसानों को सीधा लाभ मिला है।
किसानों को मिले नए बाजार
कृषि उड़ान योजना ने पूर्वोत्तर के किसानों के लिए नए अवसर खोले हैं। अब फल, सब्जियां, फूल और अन्य जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पाद हवाई मार्ग से देश के विभिन्न बाजारों तक कम समय में पहुंचाए जा रहे हैं। इससे किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ी है।
इस योजना के तहत देश के 58 हवाई अड्डे जुड़े हुए हैं जिनमें से 25 हवाई अड्डे पूर्वोत्तर क्षेत्र को सेवाएं प्रदान करते हैं।
वन धन विकास योजना से आदिवासी परिवारों को मिला संबल
वन-धन विकास योजना ने पूर्वोत्तर के वन आधारित जीवन और आजीविका को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस योजना के माध्यम से विशेष रूप से आदिवासी समुदायों को वन उत्पादों के मूल्यवर्धन, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया गया है जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिली है।
स्थानीय उत्पादों को मिली नई पहचान
पूर्वोत्तर के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पादों को अब भौगोलिक संकेतक (जीआर्इ) टैग के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। मार्च तक पूर्वोत्तर के 89 उत्पादों को जीआर्इ पंजीकरण मिल चुका था। इसके अलावा अगले दो वर्षों में 150 और उत्पादों को जीआर्इ टैग देने के लिए चिन्हित किया गया है। इससे स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचने और उनकी ब्रांड वैल्यू बढ़ने की उम्मीद है।
कृषि उत्पादों के विपणन के लिए कार्यरत एनईआरएएमएसी ने किसानों को बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। वर्ष 2021 तक एनईआरएएमएसी द्वारा विपणन किए जाने वाले प्रोसेस्ड कृषि उत्पादों की संख्या 38 से बढ़कर 75 से अधिक हो गई।














