• Latest
  • Trending
farmer

जैविक खेती को मिली नई पहचान

August 10, 2026
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026

बारिश लौटी, बुवाई अब भी पीछे

August 10, 2026
आयुष्मान भारत योजना

70 पार हैं तो इलाज का हक़ अलग

August 10, 2026
student

चार साल की डिग्री, तो पीजी एक साल में

August 10, 2026
ev-scooter

हर नौवाँ स्कूटर बैटरी वाला

August 10, 2026
boxing

बॉक्सिंग में सात गोल्ड, अब आगे

August 10, 2026
student

अब सर्टिफ़िकेट पर नहीं, नौकरी पर पैसा

August 10, 2026
Makhana

दरभंगा का मखाना, अब जहाज़ से ऑस्ट्रेलिया

August 10, 2026
पीएम-किसान अब 2031 तक चलेगी

बारिश 11 फ़ीसदी कम, अब क्या करें

August 10, 2026
ई20 पेट्रोल से इंजन खराब नहीं होते: गडकरी

E20 पेट्रोल: जाँच में क्या निकला

August 10, 2026
milk

गाँव की समिति अब डिजिटल हो रही है

August 10, 2026
gale cricket stedium

गॉल से शुरुआत, और दो बड़े झटके

August 10, 2026
E20 पेट्रोल

ई20: आत्मनिर्भर भारत की नई क्रांति

August 10, 2026
Monday, August 10, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

जैविक खेती को मिली नई पहचान

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 10, 2026
in दृष्टिकोण
0
farmer

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।पूर्वोत्तर भारत आज केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता के लिए ही नहीं, बल्कि जैविक खेती और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के क्षेत्र में भी देश के लिए एक नई मिसाल बनकर उभर रहा है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं ने यहां के किसानों को आधुनिक कृषि, बेहतर बाजार और नई व्यावसायिक संभावनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ऑर्गेनिक खेती को मिला बड़ा प्रोत्साहन

YOU MAY ALSO LIKE

नॉर्थ-ईस्ट बना विकसित भारत का नया ग्रोथ इंजन

पेपर लीक ः विपक्ष का ‘चुनिंदा आक्रोश’

मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट फॉर नॉर्थ ईस्ट (एमओवीसीडी-एनईआर) योजना ने पूर्वोत्तर में जैविक खेती को नई गति दी है। इस योजना के तहत किसानों को केवल ऑर्गेनिक खेती के लिए प्रोत्साहित ही नहीं किया गया बल्कि उन्हें उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग और बाजार तक की पूरी वैल्यू चेन से भी जोड़ा गया है।

इस वर्ष मई तक लगभग 2.36 लाख हेक्टेयर भूमि को इस योजना के दायरे में लाया जा चुका है जिससे करीब 2.70 लाख किसानों को सीधा लाभ मिला है।

किसानों को मिले नए बाजार

कृषि उड़ान योजना ने पूर्वोत्तर के किसानों के लिए नए अवसर खोले हैं। अब फल, सब्जियां, फूल और अन्य जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पाद हवाई मार्ग से देश के विभिन्न बाजारों तक कम समय में पहुंचाए जा रहे हैं। इससे किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ी है।
इस योजना के तहत देश के 58 हवाई अड्डे जुड़े हुए हैं जिनमें से 25 हवाई अड्डे पूर्वोत्तर क्षेत्र को सेवाएं प्रदान करते हैं।

वन धन विकास योजना से आदिवासी परिवारों को मिला संबल

वन-धन विकास योजना ने पूर्वोत्तर के वन आधारित जीवन और आजीविका को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस योजना के माध्यम से विशेष रूप से आदिवासी समुदायों को वन उत्पादों के मूल्यवर्धन, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया गया है जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिली है।

स्थानीय उत्पादों को मिली नई पहचान

पूर्वोत्तर के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पादों को अब भौगोलिक संकेतक (जीआर्इ) टैग के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। मार्च तक पूर्वोत्तर के 89 उत्पादों को जीआर्इ पंजीकरण मिल चुका था। इसके अलावा अगले दो वर्षों में 150 और उत्पादों को जीआर्इ टैग देने के लिए चिन्हित किया गया है। इससे स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचने और उनकी ब्रांड वैल्यू बढ़ने की उम्मीद है।

कृषि उत्पादों के विपणन के लिए कार्यरत एनईआरएएमएसी ने किसानों को बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। वर्ष 2021 तक एनईआरएएमएसी द्वारा विपणन किए जाने वाले प्रोसेस्ड कृषि उत्पादों की संख्या 38 से बढ़कर 75 से अधिक हो गई।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation