पूर्व वाइस एयर चीफ नागेश कपूर ने तेजस एमके-2 की समय सीमा और एचएएल की काम करने की रफ्तार पर सवाल उठाते हुए भारत को नई रणनीति अपनाने की सलाह दी है।
भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमानों की कमी के बीच तेजस एमके-2 और स्वदेशी फाइटर जेट कार्यक्रम की समय सीमा को लेकर पूर्व वाइस एयर चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि भारत को आधुनिक लड़ाकू विमानों की जरूरत है और इसके लिए बहुत लंबे समय तक इंतजार नहीं किया जा सकता है। कपूर ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की काम की रफ्तार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एचएएल जिस गति से काम कर रहा है, वह भारतीय वायुसेना की उम्मीदों के मुताबिक नहीं है। 2035 में चौथी पीढ़ी का विमान ठीक नहीं।
जब कपूर से पूछा गया कि अगर तेजस एमके-2, 2030 के दशक के मध्य में बड़ी संख्या में वायुसेना में शामिल होता है तो क्या उस समय चौथी पीढ़ी के विमान पर निर्भर रहना सही होगा जबकि चीन छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की दिशा में आगे बढ़ चुका है और पाकिस्तान पांचवीं पीढ़ी के विमान पर विचार कर रहा है? इस पर उन्होंने साफ कहा कि ऑपरेशन के लिहाज से यह पर्याप्त नहीं होगा। भारत के पास फिलहाल पांचवीं या छठी पीढ़ी का कोई लड़ाकू विमान नहीं है। वहीं चीन पांचवीं पीढ़ी के जे-20 विमानों की संख्या तेजी से बढ़ा रहा है।














