नई दिल्ली। दिल्ली की स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन नीति, 2026 को प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक में मंथन किया। सरकार का लक्ष्य नीति के जरिए 10 हजार से ज्यादा स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना और 4 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। बैठक में 407.5 करोड़ रुपये के फंड, इनक्यूबेशन सेंटर और स्टार्टअप्स के लिए जमीन व कार्यस्थल पर सुझाव लिए गए।
बैठक का आयोजन प्रशिक्षण व तकनीकी शिक्षा विभाग, दिल्ली सरकार ने यूथ फॉर गवर्नेंस के सहयोग से किया। इसमें शिक्षा मंत्री आशीष सूद के साथ उद्योगपति, स्टार्टअप संस्थापक, निवेशक और विशेषज्ञ शामिल हुए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नीति के तहत डीयू के कॉलेजों और स्कूलों में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने समेत स्टार्टअप्स को सहयोग देने की पहल की जा रही है। बैठक में स्टार्टअप फाउंडर्स, उद्योगपतियों, निवेशकों और उद्यमिता विशेषज्ञों ने दिल्ली को ‘डीरेगुलेशन कैपिटल’ बनाने का सुझाव दिया। स्टार्टअप्स के लिए जमीन और कार्यस्थल बढ़ाने, एफएआर और सर्किल रेट के युक्तिकरण पर चर्चा हुई।
होगी रोजगार की भरमार
आशीष सूद ने कहा कि बैठक में स्टार्टअप संस्थापकों के साथ चर्चा हुई, जिन्होंने दिल्ली से शुरुआत कर स्टार्टअप को बड़े स्तर तक पहुंचाया है। सरकार का लक्ष्य अपने कार्यकाल में 10 हजार से अधिक स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना है। इससे 4 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मिलेंगे।














