ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।ग्लासगो से भारत 39 मेडल लेकर लौटा और तालिका में चौथे नंबर पर रहा। पर सबसे बड़ी कहानी बॉक्सिंग रिंग से निकली — अकेले उसी खेल से 10 मेडल, जिनमें सात गोल्ड।
कुल हिसाब 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज़ का रहा। बॉक्सिंग में सात गोल्ड किसी भी देश का एक कॉमनवेल्थ गेम्स में इस खेल में सबसे बड़ा आँकड़ा है। प्रधानमंत्री ने बीते हफ़्ते खिलाड़ियों से मुलाक़ात की। जिन घरों से ये पदक आए, वे ज़्यादातर हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर के छोटे क़स्बों के हैं — यानी वही इलाक़े, जहाँ अखाड़ा और बॉक्सिंग हॉल आज भी सबसे भरोसेमंद रास्ता माने जाते हैं।
एक खेल, दस पदक: बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ी साल भर विदेशी मुक़ाबले खेलते हैं — फ़ाइनल में यही अनुभव काम आता है।
फ़ाइनल तक पहुँचना ट्रेनिंग से आता है। फ़ाइनल जीतना अनुभव से। पहला काम भारत ने बड़े पैमाने पर कर लिया है।
एक नज़र में
• कुल पदक: 39 — 13 गोल्ड, 17 सिल्वर, 9 ब्रॉन्ज़
• तालिका में जगह: चौथी
• बॉक्सिंग: 10 पदक, जिनमें 7 गोल्ड — किसी भी देश का इस खेल में एक गेम्स में सबसे बड़ा आँकड़ा
• ध्यान देने वाली बात: गोल्ड से ज़्यादा सिल्वर — यानी जीते हुए फ़ाइनल से ज़्यादा हारे हुए फ़ाइनल
• खेलो इंडिया: 2026-31 के लिए 4 अगस्त को 36,441 करोड़ रुपये मंज़ूर
• अगला आयोजन: अहमदाबाद
तालिका में एक और आँकड़ा है, जिस पर कम बात हुई — गोल्ड 13 और सिल्वर 17। यानी भारतीय खिलाड़ी जितने फ़ाइनल जीते, उससे ज़्यादा हारे। इसकी वजह प्रतिभा नहीं है और सुविधाएँ भी नहीं, जो पिछले दस साल में काफ़ी सुधरी हैं। वजह मुक़ाबलों की गिनती है। जो खिलाड़ी साल भर अपने ही स्तर के लोगों से खेलता रहता है, वह फ़ाइनल में तकनीक के साथ पहुँचता है पर अनुभव के बिना। बॉक्सिंग इसी बात का उलटा उदाहरण है — वहाँ भारतीय खिलाड़ी लगातार विदेशी मुक़ाबले खेलते हैं, और नतीजा सामने है।
इसीलिए खेलो इंडिया का नया चरण अहम है। 4 अगस्त को 2026-31 के लिए 36,441 करोड़ रुपये मंज़ूर हुए हैं और खिलाड़ियों का दायरा कई गुना बढ़ाया जा रहा है। इस पैसे का सबसे क़ीमती इस्तेमाल एक और स्टेडियम नहीं होगा। वह होगा घरेलू टूर्नामेंट का भरा-पूरा कैलेंडर और खिलाड़ियों को नियमित विदेशी मुक़ाबले — वही दो चीज़ें जो सिल्वर को गोल्ड में बदलती हैं। 17 फ़ाइनल तक पहुँचने वाला देश बन जाना आसान नहीं था। उससे आगे का क़दम पहले वाले से छोटा है।














