ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। स्टार्टअप वह यूनिट होती है, जिसे देश में रजिस्टर्ड हुए 5 साल से ज्यादा समय न हुआ हो। यह एक नया बिजनेस होता है। साथ ही सालाना कारोबार किसी भी वित्त वर्ष में 25 करोड़ रुपये से ज्यादा न हुआ हो। स्टार्टअप आमतौर पर वे होते हैं, जो टेक्नोलॉजी या अपनी नॉलेज की मदद से इनोवेशन और डेवलपमेंट बेस्ड काम करते हैं। भारत में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए कई सरकारी योजनाएं हैं जिनसे आप कमा सकते हैं करोड़ों रुपये। आइए जानते हैं कुछ स्कीमों के बारे में…
1. स्टार्टअप इंडिया
2016 में केंद्र सरकार ने ‘स्टार्टअप इंडिया योजना’ शुरू की थी। इसमें रोजगार व उद्योग के लिए फंडिंग सहायता, मार्गदर्शन और उद्योग भागीदारी के अवसर प्रदान करके स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाता है। इसका उद्देश्य देश में एक ऐसा माहौल तैयार करना है, जो स्टार्टअप ग्रोथ के अनुकूल हो। इस स्कीम में स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग, बिजनेस डेवलपमेंट ट्रेनिंग आदि दी जाती है। कारोबार की शुरुआत में तीन साल तक इन्कम टैक्स से छूट मिलती है। अगर कोई कारोबारी अपने कारोबार में दिवालिया हो जाता है, तो वह स्टार्टअप को 90 दिनों में बंद कर सकता है। ज्यादा जानकारी startupindia.gov.in वेबसाइट से ली जा सकती है।
2. स्टैंडअप इंडिया स्कीम
इसमें एससी/एसटी, पिछड़ा वर्ग और सभी वर्ग की महिलाओं को बिजनेस के लिए 10 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक का बिजनेस लोन दिया जाता है। अगर दो लोग मिलकर स्टैंडअप इंडिया लोन लेना चाहते हैं, तो उनमें से एक एंटरप्रेन्योर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या महिला होना चाहिए और उनकी कारोबार में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होनी चाहिए। इस लोन पर बेस रेट के साथ 3 प्रतिशत की सालाना ब्याज दर लगती है। अवधि 7 साल होती है।
3. स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम
किसी स्टार्टअप को मार्केट में एंट्री, प्रोडक्ट ट्रायल, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट, कमर्शियलाइजेशन आदि के लिए फंड चाहिए, तो वे इस स्कीम के तहत ले सकते हैं। स्टार्टअप के बिल्कुल शुरुआत में लगाई जाने वाली पूंजी सीड फंडिंग या सीड मनी कहलाती है। इस स्कीम का उद्देश्य स्टार्टअप को शुरुआती प्रोजेक्ट में आर्थिक मदद मुहैया कराना है। ज्यादा जानकारी seedfund.startupindia.gov.in वेबसाइट से ली जा सकती है।
4. स्टार्टअप्स के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम
इस स्कीम में स्टार्टअप्स को बिना गारंटी के 10 करोड़ रुपये तक का लोन दिया जाता है। यह लोन उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग के मुताबिक स्टार्टअप के दायरे में आने वाली कंपनियों को दिया जाता है। लोन पर गारंटी सरकार देती है। इसमें पहली ट्रांजेक्शन बेस्ड कवर गारंटी होगी और दूसरी लोन पर अंब्रेला बेस्ड गारंटी होती है। ज्यादा जानकारी cgtmse.in वेबसाइट से ली जा सकती है।
5. मुद्रा स्कीम
अपना बिजनेस शुरू करने या बिजनेस को बड़ा करने के लिए बड़ी पूंजी की जरूरत है, तो आप मुद्रा स्कीम से लोन ले सकते हैं। इस योजना के तहत तीन तरह के लोन दिए जाते हैं। पहला है शिशु लोन, इसके तहत कोई भी व्यक्ति अपना बिजनेस शुरू करने के लिए 50,000 रुपये तक का लोन ले सकता है। किशोर लोन के तहत बिजनेस का विस्तार करने के लिए 5 लाख रुपये तक का लोन लिया जा सकता है। तरुण लोन के तहत 10 लाख रुपये तक का लोन लिया जा सकता है। यह लोन उन्हें मिलता है जिनका बिजनेस पूरी तरह से जम चुका है। लोन पर सालाना ब्याज दर करीब 8 फीसदी से शुरू होती है। यह लोन 7 साल तक के लिए मिल सकता है। ज्यादा जानकारी mudra.org.in वेबसाइट से ले सकते हैं।
स्टार्टअप के फायदे
– अपने सपनों को साकार करने का अवसर
– खुद का बॉस बनने का मौका
– बड़ा पैसा कमाने की संभावना
– दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव डालने का मौका
ये हैं नुकसान
– उच्च जोखिम
– लंबे समय तक कड़ी मेहनत
– अनिश्चितता
– वित्तीय चुनौतियां




















