• Latest
  • Trending
semiconductor

चिप पर दांव: भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा अध्याय शुरू

July 21, 2026
solar

288 गीगावॉट के बाद का सवाल: भारत शाम की बिजली कहां रखेगा

July 27, 2026
vikram

तीन जांचें और पूरी: गगनयान उन पड़ावों से गुज़रा जिनकी तस्वीरें नहीं छपतीं

July 27, 2026
ev-charging

हर आठ में एक: इलेक्ट्रिक गाड़ियों ने वह लकीर पार कर ली जो अब पीछे नहीं जाएगी

July 27, 2026
export

बारह दिन शुल्क-मुक्त: भारत–ब्रिटेन समझौते ने ज़मीन पर क्या बदला

July 27, 2026
exam

छह लोग, एक परीक्षा हॉल: भारत ने अपनी परीक्षा व्यवस्था टास्क फोर्स के हवाले की

July 27, 2026
सुप्रीम कोर्ट

‘साल भर नज़र रखेंगे’: सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसले को लगातार निगरानी में बदल दिया

July 27, 2026
semiconductor

₹1.27 लाख करोड़, दूसरा चरण: अपनी चिप बनाने की राह पर भारत का बड़ा दांव

July 27, 2026
mansoon

16 से 6 फ़ीसदी: देर से आई बारिश के बाद तेज़ी से भरता खरीफ़ बुवाई का अंतर

July 27, 2026
Congratulations to Mirabai Chanu

सोने की हैट्रिक: मीराबाई चानू ने तोड़ डाले मुक़ाबले के सारे रिकॉर्ड

July 27, 2026
bharat-jal-suraksha-rainwater-harvesting-2026

बारिश के बाद का असली सवाल: भारत अपना पानी कहां रखेगा

July 27, 2026
व्यवस्था में हो सुधार, अराजकता अस्वीकार्य

प्रोटेस्ट, पॉलिटिक्स और अराजकता!

July 27, 2026
modi

सरकार छात्रों के साथ, पेपर लीक के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट ः मोदी

July 27, 2026
Tuesday, July 28, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

चिप पर दांव: भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा अध्याय शुरू

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 21, 2026
in the blitz
0
semiconductor

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।भारत ने इस दौर के सबसे रणनीतिक उद्योग में अपना दांव बड़ा कर दिया है। सरकार ने अपने सेमीकंडक्टर कार्यक्रम का दूसरा चरण — ‘सेमीकॉन 2.0’ — करीब 1.275 लाख करोड़ रुपये (13 अरब डॉलर) के ऐलान के साथ शुरू किया है, और मिशन को सिर्फ़ विनिर्माण संयंत्र (फैब) बनाने से आगे बढ़ाकर उसके पूरे तंत्र तक फैला दिया है: चिप डिज़ाइन, डिस्प्ले विनिर्माण, उन्नत पैकेजिंग, फैब में लगने वाले उपकरण और ख़ास सामग्री, शोध, और इस क्षेत्र को चलाने वाला हुनरमंद मानव-बल।

यह कोशिश अब ज़मीन पर आकार भी ले रही है। देश भर में पांच सेमीकंडक्टर संयंत्र 2026 के आख़िर तक चालू होने की उम्मीद है, जिनमें तीन अभी व्यावसायिक उत्पादन में हैं और दो आने वाले महीनों में शुरू होंगे। सबसे बड़ा है गुजरात के ढोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का विनिर्माण संयंत्र — भारत का पहला बड़े पैमाने का व्यावसायिक फैब — जो डच कंपनी एएसएमएल के उपकरणों और तकनीक से बन रहा है। दोनों मिलकर उस बदलाव की निशानी हैं, जहां भारत कहीं और डिज़ाइन हुई चिप को सिर्फ़ जोड़ने-जांचने से आगे बढ़कर उसे अपनी ज़मीन पर बनाने की ओर कदम रख रहा है।

YOU MAY ALSO LIKE

288 गीगावॉट के बाद का सवाल: भारत शाम की बिजली कहां रखेगा

तीन जांचें और पूरी: गगनयान उन पड़ावों से गुज़रा जिनकी तस्वीरें नहीं छपतीं

जोड़ने से बनाने तक: ‘सेमीकॉन 2.0’ में डिज़ाइन, फैब, पैकेजिंग, उपकरण और हुनर पर करीब 1.275 लाख करोड़ रुपये — 2026 के आख़िर तक पांच संयंत्र, अगुवाई टाटा के ढोलेरा फैब की।

जो देश अपनी चिप खुद बना सकता है, उसके हाथ में उसके बनाए हर फ़ोन, कार और उपग्रह का एक हिस्सा होता है। भारत इसी ताक़त में हिस्सेदारी खरीद रहा है।

एक नज़र में

• कार्यक्रम: ‘सेमीकॉन 2.0’, ऐलान ~1.275 लाख करोड़ रुपये (13 अरब डॉलर)
• दायरा: डिज़ाइन, विनिर्माण, डिस्प्ले, पैकेजिंग, उपकरण, सामग्री, शोध, हुनर
• ज़मीन पर: 2026 के आख़िर तक पांच फैब; तीन पहले से व्यावसायिक उत्पादन में
• अगुवा: ढोलेरा (गुजरात) में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का फैब, एएसएमएल की तकनीक से

एक फैक्ट्री कार्यक्रम दिन की बड़ी खबरों के बराबर क्यों बैठता है? क्योंकि सेमीकंडक्टर आधुनिक अर्थव्यवस्था का महीन अनाज हैं — कारों, फ़ोन, उपकरणों, रक्षा प्रणालियों और एआई के विस्तार में छिपा हुआ ज़रूरी घटक — और महामारी के दौर की चिप-किल्लत ने दिखा दिया कि पूरी तरह दूर की आपूर्ति पर निर्भर रहना कितना महंगा पड़ता है। जिस भी चरण को भारत अपने यहां ला सका, डिज़ाइन से लेकर पैकेजिंग तक, वह एक ऐसी कड़ी है जिसे अब पूरी तरह आयात नहीं करना पड़ेगा, और उसके इर्द-गिर्द हुनरमंद रोज़गार तथा आपूर्तिकर्ताओं का एक समूह पनपने लगता है।

सकारात्मक बात यह है कि यह धीरज भरी और सही क्रम में रखी गई औद्योगिक नीति है: चिप फैब को अच्छी पैदावार तक पहुंचने में सालों लगते हैं और इनमें त्वरित नतीजों की जगह गहरी, स्थिर प्रतिबद्धता चाहिए। आगे का रास्ता इसी धीरज को थामे रखना है — फैब के लिए ज़रूरी पानी, बिजली और बेहद साफ़-सुथरी व्यवस्था जुटाना, देश के इंजीनियरिंग संस्थानों के ज़रिए डिज़ाइन और हुनर का आधार चौड़ा करना, और उपकरण व सामग्री का तंत्र गहरा करना ताकि हर चिप की ज़्यादा कीमत देश में ही बने। इसी अनुशासन से, ‘सेमीकॉन 2.0’ किसी एक ऐलान से बढ़कर तकनीकी आत्मनिर्भरता की लंबी चढ़ाई का दूसरा पायदान बन जाता है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation