• Latest
  • Trending
Chandrayaan-3 started again!

कोई न कर सका वो कमाल चंद्रयान-3 ने कर दिखाया

April 4, 2025
Fire

भ्रष्टतंत्र पर प्रहार जरूरी

July 4, 2026
pm-modi-addresses-ias-trainee-officers-citizen-devo-bhava-viksit-bharat-2047.webp

हमेशा याद रखें, प्रशासन से जुड़ी हर फाइल के पीछे मानवीय पहलू हो आधार

July 4, 2026
International-Yoga-Day-2026.webp

दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए भी जरूरी है योग

July 4, 2026
rajasthan-pakistan-border-special-watch-zone-security-plan.webp

भारत-पाकिस्तान सरहद का नया ‘सुरक्षा ब्लूप्रिंट’तैयार

July 4, 2026
highway-750x375.webp

केएमपी एक्सप्रेसवे पर दौड़ेगा विकास

July 4, 2026
metro

नए कॉरिडोर से 40 मिनट में पूरा होगा 2 घंटे का सफर

July 4, 2026
दिल्ली की बेटियों ने किया कमाल ः 8 साल की उम्र, 18 विश्व रिकॉर्ड

दिल्ली की बेटियों ने किया कमाल ः 8 साल की उम्र, 18 विश्व रिकॉर्ड

July 4, 2026
सरकारी राहत ने दी मुंबई में रीडेवलपमेंट को रफ्तार

सरकारी राहत ने दी मुंबई में रीडेवलपमेंट को रफ्तार

July 4, 2026
देश में पहली बार कपड़ा व्यापारियों के लिए भी थाना

देश में पहली बार कपड़ा व्यापारियों के लिए भी थाना

July 4, 2026
बटन दबाइए, पैदल यात्रियों के लिए रुक जाएंगी गाड़ियां…

बटन दबाइए, पैदल यात्रियों के लिए रुक जाएंगी गाड़ियां…

July 4, 2026
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की सुरंगों में पहली बार टनल हुड का प्रयोग

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की सुरंगों में पहली बार टनल हुड का प्रयोग

July 4, 2026
विकास के रोडमैप से और चमकेगा पूर्वोत्तर का चेहरा

विकास के रोडमैप से और चमकेगा पूर्वोत्तर का चेहरा

July 4, 2026
Sunday, July 5, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

कोई न कर सका वो कमाल चंद्रयान-3 ने कर दिखाया

by Blitzindiamedia
April 4, 2025
in the blitz
0
Chandrayaan-3 started again!

YOU MAY ALSO LIKE

भ्रष्टतंत्र पर प्रहार जरूरी

हमेशा याद रखें, प्रशासन से जुड़ी हर फाइल के पीछे मानवीय पहलू हो आधार

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो (इसरो) का चंद्रयान-3 लगातार चांद से नई जानकारी साझा कर रहा है। हाल ही में मिशन में शामिल चंद्रा सरफेस थर्मोफिजिकल एक्सपेरिमेंट (चा-एसटीई) ने चंद्रमा के दक्षिणी हिस्से सतही तापमान मापा है। ये कदम इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि पहली बार है जब इस इलाके में सीधे जाकर तापमान संबंधी डेटा हासिल किया गया है। चंद्रयान-3 जब लॉन्च हुआ और कामयाबी के साथ चांद के दक्षिण ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग तो सारी दुनिया हैरान रह गई थी क्योंकि कोई भी ऐसा नहीं कर पाया था। बात वहीं तक सीमित नहीं है क्योंकि चंद्रयान आज तक भी ऐसा डेटा भेज रहा है जो चीन, रूस, अमेरिका जैसे देशों के अभियानों से भी नहीं मिल पाया।
कितना है चांद के दक्षिण क्षेत्र का तापमान
मशहूर वैज्ञानिक पत्रिका ‘नेचर कम्युनिकेशंस अर्थ एंड एनवायरनमेंट’ में छपी रिसर्च के मुताबिक ‘चा-एसटीई’ ने चांद की सतह का अधिकतम तापमान 355 केल्विन (82°C) दर्ज किया, जो पहले अनुमानित तापमान 330 केल्विन (57°C) से 25 केल्विन ज्यादा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह अंतर विक्रम लैंडर के सूर्यमुखी ढलान (6°C) पर उतरने की वजह से हुआ है।
इससे पहले कब मापा गया सीधे तापमान
इसरो की फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी के वैज्ञानिक के. दुर्गा प्रसाद ने बताया कि चांद पर पानी और बर्फ की खोज भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों और संभावित मानव बस्तियों के लिए महत्वपूर्ण है। अब तक चांद के तापमान को रिमोट सेंसिंग तकनीक से मापा जाता था। सीधा मापन सिर्फ अपोलो 15 और 17 मिशनों में हुआ था, लेकिन वे सिर्फ भूमध्यीय क्षेत्र तक सीमित थे. चंद्रयान-3 का ‘चा-एसटीई’ प्रयोग इस कमी को पूरा कर रहा है।
क्यों है तापमान में भारी अंतर
वैज्ञानिकों ने बताया कि चांद की मिट्टी (रेगोलिथ) की थर्मल कंडक्टिविटी बहुत कम होती है, जिससे सतह के कुछ ही सेंटीमीटर के अंदर तापमान में भारी अंतर पाया जाता है। ‘चा-एसटीई’ के आंकड़ों से चंद्रमा की सतह के थर्मल फीचर्स को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी।
इंसानों की बस्ती के लिए जानकारी बेहद अहम
‘चा-एसटीई’ के आंकड़ों के मुताबिक 14°C से ज्यादा ढलान वाले ध्रुवीय-उन्मुख इलाके पानी और बर्फ के लिए बेहतरीन हो सकते हैं। ये इलाके कम सोलर रेडिएशन हासिल करते हैं, जिससे वहां तापमान लंबे समय तक स्थिर रहता है।
यह जानकारी भविष्य में चांद पर पानी-बर्फ की खोज और इंसानों के बसने के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
रिसर्च में कौन-कौन शामिल
इस रिसर्च में के दुर्गा प्रसाद के साथ चंदन कुमार, अंबिली जी, कल्याण रेड्डी पी, संजीव के.मिश्रा, जन्मेजय कुमार, दिनकर प्रसाद वज्जा, आसिक, टिंकल लाडिया, अर्पित पटेल, मूर्ति एसवीएस, अमिताभ और पीआरएल के निदेशक अनिल भारद्वाज शामिल थे।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

Plugin Install : Popular Post Widget need JNews - View Counter to be installed
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation