• Latest
  • Trending
One third of the food produced in the world is being destroyed

विश्व में उत्पादन का एक तिहाई भोजन हो रहा नष्ट

July 12, 2024
india-vs-england

जवाब आया: एजबेस्टन में भारत ने पहला वनडे छह विकेट से जीता

July 17, 2026
Agriculture

आसमान पर टिकी नज़र: कमज़ोर मानसून और महंगाई के बीच खेती की परीक्षा

July 17, 2026
ऊर्जा संक्रमण से भारत घटा रहा तेल आयात पर निर्भरता

2030 का आधा सफर तय: अब साफ बिजली की असली परीक्षा ग्रिड और भंडारण की है

July 17, 2026
water

पूर्वानुमान से परे: जल सुरक्षा भारत की चुपचाप चलती राष्ट्र-निर्माण परियोजना क्यों है

July 17, 2026
job

हर साल 1 करोड़ 10 लाख युवा: सबसे बड़ा सवाल है नौकरी

July 17, 2026
ev car

अब हर 8 में से 1 गाड़ी इलेक्ट्रिक, जून में ईवी की रिकॉर्ड बिक्री

July 17, 2026
गगनयान मिशन

वापसी सुरक्षित हो, तभी उड़ान: गगनयान के तीन अहम टेस्ट पास

July 17, 2026
भारत-नासा का NISAR सैटेलाइट 30 जुलाई को होगा लॉन्च

धरती पर रहेगी पैनी नज़र: भारत-नासा का बड़ा रडार सैटेलाइट NISAR 30 जुलाई को उड़ेगा

July 17, 2026
market

बाज़ार सपाट बंद, दबाव रुपये पर आया; ब्रेंट क्रूड नरम पड़ा

July 17, 2026
पश्चिम एशिया संकट ने चुपचाप बदल दिया भारत के व्यापार का नक्शा

ब्रिटेन से रास्ता खुला, अब नज़र अमेरिका पर: टैरिफ की घड़ी और आखिरी एक फीसदी

July 17, 2026
employment

हर साल 1 करोड़ 10 लाख युवा: सबसे बड़ा सवाल है नौकरी

July 15, 2026
भारत-नासा का NISAR सैटेलाइट 30 जुलाई को होगा लॉन्च

धरती पर रहेगी पैनी नज़र: भारत-नासा का बड़ा रडार सैटेलाइट NISAR 30 जुलाई को उड़ेगा

July 15, 2026
Friday, July 17, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

विश्व में उत्पादन का एक तिहाई भोजन हो रहा नष्ट

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 12, 2024
in दृष्टिकोण
0
One third of the food produced in the world is being destroyed
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। दुनिया भर में इंसानों के लिए पैदा किया जा रहा करीब एक तिहाई भोजन बर्बाद हो रहा है। अगर इस बर्बादी को 50 फीसदी भी रोका जाए तो करीब 15 करोड़ लोगों का पेट भर सकता है। इतना ही नहीं, जब भोजन बर्बाद होता है तो भूमि, पानी, ऊर्जा और अन्य इनपुट जो भोजन के उत्पादन, प्रसंस्करण, परिवहन, तैयारी, भंडारण और निपटान में उपयोग किए जाते हैं, वे भी बर्बाद हो जाते हैं। इसमें ग्रीनहाउस गैसों का भारी उत्सर्जन होता है, जो जलवायु परिवर्तन की वजह बन रहा है।

एफएओ और ओईसीडी की संयुक्त रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार भोजन की बर्बादी को आधा करने से कृषि क्षेत्र से हो रहे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में चार फीसदी की कमी आ सकती है। रिपोर्ट कहती है कि हमें यह सब गंभीरता से सोचना व समझना होगा। हमारे द्वारा बर्बाद हर निवाला किसी दूसरे का पेट भरने में मदद कर सकता है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि अधिकतर घरों में भोजन की बर्बादी ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक में हो रही है। कई बार तो यह ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा देखी जा रही

YOU MAY ALSO LIKE

शुचिता का सबक

समुद्र से आकाश तक हमारा भारत सुरक्षित और आत्मनिर्भर: मोदी

रिपोर्ट के अनुसार 2021 से 2023 के बीच बर्बाद भोजन में करीब आधा हिस्सा फल और सब्जियों का था। करीब एक चौथाई हिस्सा अनाज का था।

भारत में भी घरों में फल और सब्जियों का खराब होना आम बात
भारत में भी घरों में फल और सब्जियों का खराब होना बेहद आम है। संयुक्त राज्य अमेरिका में एक तिहाई भोजन बिना खाए ही रह जाता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में घरों में बर्बाद होने वाले भोजन का लगभग 96 फीसदी लैंडफिल, दहन सुविधाओं या सीवर सिस्टम में बह गया। शेष भोजन को खाद में बदल दिया गया।

10 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी भोजन की उपलब्धता
2030 तक खाद्य पदार्थों के होने वाले नुकसान को आधा करने से कमजोर देशों में आम लोगों के पास 10 प्रतिशत अधिक भोजन उपलब्ध होगा।
इसी तरह निम्न और मध्यम आय वाले देशों में 6 प्रतिशत और उच्च मध्यम आय वाले देशों में भी लोगों के पास पहले से 4 प्रतिशत अधिक भोजन होगा। संयुक्त राष्ट्र ने 2030 तक प्रति व्यक्ति बर्बाद हो रहे खाद्य पदार्थों में 50 फीसदी की कटौती करने का लक्ष्य तय किया है।

2030 तक 60 करोड़ लोग होंगे भुखमरी की चपेट में
खाद्य एवं कृषि संगठन का अनुमान है कि 2030 में करीब 60 करोड़ लोग भुखमरी का सामना करने को मजबूर होंगे। खाद्य पदार्थों की हो रही बर्बादी और नुकसान को कम करने से वैश्विक स्तर पर कहीं ज्यादा लोगों के लिए भोजन उपलब्ध होगा। इससे खाद्य उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों में गिरावट आएगी।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation