• Latest
  • Trending

गंगा संधि ने उड़ाई बांग्लादेश की नींद

June 1, 2026
ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

फास्ट-ट्रैक अदालतों को 2031 तक मिला फंड

November 6, 2026
solar

सौर बिजली रात तक सहेजने को ₹14,500 करोड़ मंजूर

November 6, 2026
स्वदेशी एआई

अब 22 भारतीय भाषाओं में बोलेगा देसी एआई

November 4, 2026
स्वच्छ ऊर्जा से मजबूत हो रही भारत की ऊर्जा सुरक्षा

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

November 3, 2026
श्रीहरिकोटा से एनवीएस-03 लेकर उड़ान भरता जीएसएलवी-एफ18। एजेंसी जांच: तस्वीर पर एएनआई, पीटीआई या रॉयटर्स का नाम हो तो न लगाएं।

नाविक को मिला तीसरा नया उपग्रह

November 2, 2026
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
Saturday, November 7, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

गंगा संधि ने उड़ाई बांग्लादेश की नींद

सुवेंदु सरकार की पहली अग्निपरीक्षा का भी समय

by ब्लिट्ज़ इंडिया
June 1, 2026
in the blitz
0

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में एक बार फिर जल बंटवारे का मुद्दा खटास डालता दिख रहा है। 1996 में हुई गंगा जल बंटवारा संधि दिसंबर 2026 में खत्म होने जा रही है और उससे पहले ढाका ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह नई शर्तों के साथ नई संधि चाहता है। दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद यह सवाल और बड़ा हो गया है कि क्या नई शुभेंदु अधिकारी सरकार केंद्र के साथ मिलकर जल समझौतों को आगे बढ़ाएगी या फिर ममता बनर्जी की तरह राज्य हितों का हवाला देकर विरोध करेगी।

बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी सरकार ने सीधे कहा है कि भारत के साथ भविष्य के रिश्ते काफी हद तक नई गंगा जल संधि पर निर्भर करेंगे। यही वजह है कि अब यह सिर्फ नदी या पानी का मुद्दा नहीं रह गया, बल्कि भारत-बांग्लादेश संबंधों, बंगाल की राजनीति और सीमा सुरक्षा तक से जुड़ा बड़ा रणनीतिक मामला बन चुका है।

YOU MAY ALSO LIKE

फास्ट-ट्रैक अदालतों को 2031 तक मिला फंड

सौर बिजली रात तक सहेजने को ₹14,500 करोड़ मंजूर

बांग्लादेश क्यों बेचैन है?
बांग्लादेश की राजनीति में गंगा और फरक्क ा का मुद्दा हमेशा बेहद संवेदनशील रहा है। वहां लंबे समय से यह धारणा बनाई जाती रही है कि भारत ने ऊपर की धारा में पानी रोककर बांग्लादेश को नुकसान पहुंचाया है।

बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने साफ कहा है कि नई संधि ‘बांग्लादेश की जरूरतों और अपेक्षाओं’ के मुताबिक होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समझौता तब तक जारी रहना चाहिए जब तक नया समझौता नहीं हो जात। ढाका की चिंता इसलिए भी बढ़ी हुई है, क्योंकि बांग्लादेश ने हाल ही में पद्मा नदी पर एक बड़ा बैराज प्रोजेक्ट मंजूर किया है।

सरकार का दावा है कि इससे फरक्क ा बैराज के ‘नकारात्मक असर’ को कम किया जा सकेगा। यह प्रोजेक्ट 2033 तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गंगा में पानी कम हुआ तो नया बैराज उल्टा तलछट बढ़ाकर समस्या और बढ़ा सकता है।

क्या है 1996 की गंगा जल संधि?
भारत और बांग्लादेश के बीच 30 साल की गंगा जल बंटवारा संधि 12 दिसंबर 1996 को हुई थी। उस समय भारत में एचडी देवगौड़ा की सरकार थी और बांग्लादेश में शेख हसीना प्रधानमंत्री थीं। यह समझौता फरक्क ा बैराज से निकलने वाले पानी के बंटवारे को लेकर हुआ था।

फरक्क ा बैराज पश्चिम बंगाल में बनाया गया था, ताकि हुगली नदी में पानी भेजकर कोलकाता पोर्ट को जिंदा रखा जा सके लेकिन बांग्लादेश का आरोप रहा कि फरक्क ा की वजह से सूखे मौसम में उसके हिस्से का पानी कम हो जाता है, जिससे खेती, पर्यावरण और पीने के पानी पर असर पड़ता है। नई गंगा संधि के तहत तय किया गया कि सूखे मौसम में गंगा के पानी का बंटवारा एक तय फार्मूले के आधार पर होगा।

अगर फरक्क ा पर पानी 70 हजार क्यूसेक से कम हुआ तो भारत और बांग्लादेश बराबर-बराबर पानी बांटेंगे।

अगर पानी 70 से 75 हजार क्यूसेक के बीच हुआ तो बांग्लादेश को 35 हजार क्यूसेक मिलेगा और बाकी भारत रखेगा।

अगर पानी बहुत कम हुआ तो दोनों देश आपसी बातचीत से समाधान निकालेंगे।

यह समझौता 2026 तक के लिए था और अब दिसंबर में इसकी अवधि खत्म होने वाली है।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation