• Latest
  • Trending
jewellery shop india

सोना फिर चढ़ा, तेल नब्बे डॉलर के पास

August 12, 2026
daily-news

कोयला खदानों से डेटा सेंटर तक: भारत की बड़ी आर्थिक और तकनीकी खबरें

September 14, 2026
brics

भारत की बड़ी खबरें: एशिया कप, धीरज बोम्मादेवरा, हिंदी दिवस और G20-ब्रिक्स

September 14, 2026
ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

September 13, 2026
मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

September 13, 2026
ब्रिक्स सुधार, ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर निवेश, भारतीय वाणिज्य दूतावास, हॉकी, बद्री नस्ल और बांस की बड़ी खबरें।

ब्रिक्स से ओडिशा निवेश तक भारत की बड़ी खबरें

September 12, 2026
भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में शुरू, भारत चौथी बार अध्यक्ष

September 12, 2026
daily-news

भारत में ब्रिक्स बैठक: व्यापार, UPI, डिजिटल मजदूर चौक और आर्थिक सुधार

September 11, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: LPG नियम, मत्स्य योजना, BRICS, AI, सुधार और ग्रीन मिशन

September 10, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: रेलवे, UPI, कौशल, तकनीक और हरित विकास में बड़े फैसले

September 10, 2026
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

September 7, 2026
पीएम मोदी पुतिन मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

September 7, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत का बढ़ा रुतबा

September 7, 2026
Monday, September 14, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

सोना फिर चढ़ा, तेल नब्बे डॉलर के पास

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 12, 2026
in the blitz, अर्थ, व्यापार
0
jewellery shop india

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।आज सोना 1.4 फ़ीसदी चढ़कर 1,52,803 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया और चांदी 1.7 फ़ीसदी बढ़कर 2,35,352 रुपये प्रति किलो। उधर कच्चा तेल 90 डॉलर के क़रीब पहुँच गया। इसका आप पर क्या असर पड़ेगा — यह समझने के लिए तीनों को एक साथ देखना पड़ेगा।

सिलसिला यहाँ से शुरू होता है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अटक गई, जिसके बाद ब्रेंट कच्चा तेल 2.44 फ़ीसदी चढ़कर 89.86 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया — 31 जुलाई के बाद का सबसे ऊँचा स्तर। भारत अपनी ज़रूरत का ज़्यादातर तेल बाहर से ख़रीदता है, इसलिए हर बार जब तेल चढ़ता है तो तीन चीज़ें एक साथ हिलती हैं: आयात का बिल, रुपया और महंगाई का अंदेशा। आज रुपया 15 पैसे कमज़ोर होकर 95.44 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, और शेयर बाज़ार में सेंसेक्स 388 अंक गिरा। जब रुपया कमज़ोर होता है और दुनिया में अनिश्चितता बढ़ती है, तो पैसा सोने की तरफ़ भागता है — और सोना चढ़ जाता है।

YOU MAY ALSO LIKE

कोयला खदानों से डेटा सेंटर तक: भारत की बड़ी आर्थिक और तकनीकी खबरें

भारत की बड़ी खबरें: एशिया कप, धीरज बोम्मादेवरा, हिंदी दिवस और G20-ब्रिक्स

एक ही वजह, तीन दाम: तेल, रुपया और सोना अलग-अलग बाज़ार हैं — पर आज तीनों को हिलाने वाली ख़बर एक ही थी।

सीधी बात यह है — तेल का दाम विदेश में तय होता है, पर उसका असर आपकी रसोई और आपकी शादी की ख़रीदारी, दोनों तक आता है।

एक नज़र में

• 24 कैरेट सोना: ₹1,52,803 प्रति 10 ग्राम, 1.4 फ़ीसदी ऊपर
• चांदी: ₹2,35,352 प्रति किलो, 1.7 फ़ीसदी ऊपर
• एमसीएक्स सोना (अक्टूबर वायदा): ₹1,53,869, 0.50 फ़ीसदी ऊपर
• ब्रेंट कच्चा तेल: $89.86 प्रति बैरल, 2.44 फ़ीसदी ऊपर
• रुपया: 15 पैसे कमज़ोर होकर 95.44 प्रति डॉलर
• सेंसेक्स: 78,154 — 388 अंक नीचे
• वजह: अमेरिका-ईरान बातचीत में गतिरोध
• फिच का अनुमान: आरबीआई ब्याज दर 25 आधार अंक बढ़ा सकता है

अब सबसे काम की बात — इसका सीधा असर आप पर कहाँ पड़ेगा। पहला, अगर घर में शादी है या सोना ख़रीदने की सोच रहे हैं, तो याद रखिए कि यह भाव पिछले कुछ महीनों की ऊँचाई पर है और इसका बड़ा हिस्सा दुनिया की अनिश्चितता से बना है, भारत की माँग से नहीं। दूसरा, चांदी सोने से ज़्यादा चढ़ी है, और यह अक्सर तब होता है जब उद्योग की माँग भी साथ में बढ़े — चांदी सिर्फ़ गहना नहीं, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स का कच्चा माल भी है। तीसरा, अगर आपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड ले रखा है, तो आज आरबीआई ने 2019-20 सीरीज़ IX और 2020-21 सीरीज़ V की समय-पूर्व निकासी क़ीमत 14,957 रुपये प्रति यूनिट तय की है।

और तेल? यहाँ राहत की एक बड़ी बात है जो शोर में दब जाती है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक़ अब भारत का करीब 70 फ़ीसदी कच्चा तेल होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बाहर से आता है, और भारत क़रीब 40 देशों से तेल ख़रीदता है। यानी तेल आने में रुकावट का ख़तरा काफ़ी घट चुका है। जो नहीं घटा वह है दाम, क्योंकि बैरल का भाव दुनिया तय करती है, चाहे वह कहीं से भी चले। घर के स्तर पर इसका जवाब भी वही पुराना और भरोसेमंद है — जितना ईंधन बचेगा, उतना बिल घटेगा। बाक़ी सब बाज़ार के हाथ में है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation