• Latest
  • Trending
export

आख़िरी एक फ़ीसदी: 24 जुलाई की घड़ी के बीच भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता

July 23, 2026
कावेरी जल विवाद पर फिर गरमाई तमिलनाडु की राजनीति

मानसून की मेहरबानी से आगे: जल सुरक्षा की लंबी राह

July 23, 2026
Zimbabwe

युवा टीम, नई शुरुआत: भारत का ज़िम्बाब्वे में आगाज़ आज

July 23, 2026
Market

लगातार तीसरे दिन गिरावट: तेल और टैरिफ़ की घड़ी के बीच बाज़ार सतर्क

July 23, 2026
स्काईरूट के विक्रम-1 ने रचा इतिहास, भारत बना तीसरा देश

सात उड़ानों का साल: इसरो का अब तक का सबसे व्यस्त वर्ष

July 23, 2026
हिमालय में सुरक्षित विकास ही भविष्य का रास्ता

नाज़ुक हिमालय में निर्माण: ऐसा विकास जो पहाड़ का सम्मान करे

July 22, 2026
Will find a mutually beneficial solution for India and America: Jaishankar

जोखिम घटाओ, विकल्प बढ़ाओ: भारत ने पूरब पर अपना दांव और गहरा किया

July 22, 2026
Market

लगातार तीसरे दिन गिरावट: बाज़ार ने कच्चे तेल, महंगाई और टैरिफ की घड़ी को पढ़ा

July 22, 2026
sikkim-teesta-tunnel-accident-rescue-2026

पहाड़ के नीचे: एक बचाव, एक शोक और मज़दूरों के प्रति एक ज़िम्मेदारी

July 22, 2026
स्काईरूट के विक्रम-1 ने रचा इतिहास, भारत बना तीसरा देश

निजी रॉकेट, राष्ट्रीय गौरव: भारत एक ख़ास अंतरिक्ष क्लब में शामिल

July 22, 2026
monsoon

पहाड़ों पर फिर रेड अलर्ट: मानसून ने पकड़ी दोबारा रफ़्तार

July 22, 2026
semiconductor

पहली चिप की उलटी गिनती: अब भारत में बनेगा सिलिकॉन

July 22, 2026
द ओडिसी बॉक्स ऑफिस

सिनेमाघरों में रौनक: जुलाई का बॉक्स ऑफ़िस 480 करोड़ के पार

July 22, 2026
Thursday, July 23, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

आख़िरी एक फ़ीसदी: 24 जुलाई की घड़ी के बीच भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 23, 2026
in the blitz, व्यापार
0
export

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।एक तारीख़ इस समय भारत की सबसे अहम बातचीत को घेरे हुए है। शुक्रवार, 24 जुलाई को भारत और अमेरिका के बीच एक अस्थायी टैरिफ़ व्यवस्था की मियाद ख़त्म हो रही है — और इसी घड़ी के सामने वार्ताकार द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को “आख़िरी एक फ़ीसदी” पर बताते हैं: बेहद क़रीब, पर न दस्तख़त हुए हैं और न मसौदा सार्वजनिक हुआ है।

सौदे की रूपरेखा अब दिखने लगी है। अमेरिका पहले ही भारतीय सामान पर अपनी जवाबी टैरिफ़ दर 25% से घटाकर 18% कर चुका है, और दोनों देशों ने साझा “मिशन 500” तय किया है — यानी 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना कर 500 अरब डॉलर तक ले जाना। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर के बीच बाज़ार पहुंच, कृषि और ग़ैर-टैरिफ़ बाधाओं पर कई दौर हो चुके हैं। भारत का रुख़ साफ़ है: वह तभी दस्तख़त करेगा जब शर्तें भारतीय निर्यातकों को असल बढ़त दें, सिर्फ़ समयसीमा से पहले सौदा निपटाने के लिए नहीं।

YOU MAY ALSO LIKE

मानसून की मेहरबानी से आगे: जल सुरक्षा की लंबी राह

युवा टीम, नई शुरुआत: भारत का ज़िम्बाब्वे में आगाज़ आज

समय से ज़्यादा शर्तें अहम: 24 जुलाई को अस्थायी टैरिफ़ खिड़की बंद हो रही है और दर 25% से 18% पर आ चुकी है — भारत कपड़ा, इंजीनियरिंग, रत्न, दवा और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए टिकाऊ, प्रतिस्पर्धी पहुंच पर अड़ा है।

किसी भी बातचीत में आख़िरी एक फ़ीसदी सबसे कठिन होता है, क्योंकि असली फ़ायदा वहीं छिपा होता है। इसे सही करने का धैर्य, जल्दी निपटाने की रफ़्तार से ज़्यादा क़ीमती है।

एक नज़र में

• समयसीमा: अस्थायी अमेरिकी टैरिफ़ व्यवस्था 24 जुलाई को ख़त्म
• स्थिति: पहले चरण का समझौता “आख़िरी एक फ़ीसदी” पर
• टैरिफ़: जवाबी दर पहले ही 25% से घटकर 18%
• लक्ष्य: “मिशन 500” — 2030 तक 500 अरब डॉलर का आपसी व्यापार

आम भारतीय के लिए दांव कूटनीति से कहीं ज़्यादा ठोस है। एक सोचा-समझा समझौता उन श्रम-आधारित उद्योगों के लिए टैरिफ़ की दीवार नीची करता है जो करोड़ों को रोज़गार देते हैं — कपड़ा, रत्न-आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, चमड़ा — और दवा व इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे ऊंचे मूल्य वाले निर्यातकों के लिए भी। अच्छी शर्तों और जल्दबाज़ी में की गई शर्तों का फ़र्क़ कारख़ानों के ऑर्डर और नौकरियों में गिना जाता है — यही वजह है कि भारत सुर्ख़ी के लिए नहीं, अपनी शर्त पर टिका है।

सकारात्मक रास्ता है मज़बूती से बातचीत जारी रखना। भारत सबसे तेज़ बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में है, ब्रिटेन के साथ एक जीवंत समझौता और यूरोपीय संघ के साथ पूरा हुआ करार पहले से उसके विकल्प बढ़ा रहे हैं — इसलिए कोई एक समयसीमा उसे घेर नहीं सकती। मसौदा इसी हफ़्ते तय हो या थोड़ा बाद, इनाम एक ही है: टिकाऊ, प्रतिस्पर्धी पहुंच जो भारतीय सामान को विदेशी बाज़ारों में उसकी योग्यता के दम पर जगह दिलाए।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation