नई दिल्ली। संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति की बैठक में विपक्षी सदस्यों ने यूपीआई लेनदेन पर शुल्क की व्यवस्था को लेकर चिंता जताई और कहा कि इस फैसले का असर पूरे देश पर होगा बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब ने बताया कि यूपीआई बैठक की कार्यवाही का हिस्सा नहीं था, लेकिन सदस्यों ने इस संबंध में चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि अक्टूबर में नई समिति के अस्तित्व में आने के बाद इस मुद्दे पर विचार किया जा सकता है।
समिति के सदस्य और आरएसपी सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन ने कहा कि 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारिक भुगतान पर शुल्क लगाने के सरकार के फैसले से देश की पूरी आबादी प्रभावित होगी। प्रेमचंद्रन ने कहा, ‘यह पूरी तरह जनविरोधी फैसला है।’ कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, ‘भाजपा एक तरफ डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रही थी और अब आम आदमी की जेब काटने की तैयारी कर रही है। अमेरिका की कंपनी गूगल, वालमार्ट को फायदा पहुंचाने के लिए यूपीआई ट्रांजेक्शन पर टैक्स लगाने की कवायद की जा रही है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि संसदीय समितियों की कार्यवाही विशेषाधिकार प्राप्त होती है और उस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है, लेकिन यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने की आशंका को लेकर देशभर में चिंता और नाराजगी है तथा ऐसे मुद्दे संसदीय कार्यवाही में भी उठते हैं। तिवारी ने कहा, ‘यूपीआई और इस तथ्य को लेकर कि लेनदेन शुल्क लगाया जाने वाला है, पूरे देश में चिंता और आक्रोश है। आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) सदस्य गुरुनाथम, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत, आरजेडी सांसद मनोज झा और एनसीपी नेता क्लाइड क्रास्टो ने भाजपा सरकार पर अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।
क्या है विवाद?
विवाद की मुख्य वजह मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर है। नए ढांचे में 2000 रुपये से ज्यादा के कुछ मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर एमडीआर लागू होगा।
सरकार ने साफ किया है कि यह ग्राहक से लिया जाने वाला शुल्क नहीं है और इसे सरकार या एनपीसीआई टैक्स के तौर पर नहीं वसूलता।
एमडीआर का हिस्सा पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़े बैंकों और पेमेंट एप प्रोवाइडर्स के बीच जाता है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए ढांचे के तहत यूपीआई के व्यक्ति-से-व्यक्ति पेमेंट पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही 2000 रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट भी शुल्क मुक्त रहेंगे। सरकार के मुताबिक करीब 96% मर्चेंट यूपीआई ट्रांजेक्शन प्रभावित नहीं होंगे।
पेट्रोल पंप, रेलवे टिकट समेत इन जगहों पर लगेगा सिर्फ 5 रुपये का एमडीआर ट्रांजेक्शन अमाउंट चाहे कितना भी हो।














