नई दिल्ली।जापान में एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी टीम एक बार फिर नीली जर्सी में नजर आएगी। नीदरलैंड्स और बेल्जियम में खेले गए हॉकी वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय पुरुष और महिला टीमों की प्राइमरी किट नारंगी कर दी गई थी।
जर्सी बदले जाने पर काफी विवाद हुआ था। कई पूर्व हॉकी खिलाड़ियों ने इसे गलत बताया था। इसे देखते हुए अब हॉकी इंडिया ने एशियन गेम्स के लिए अपना फैसला बदल दिया है। भारतीय टीम इस साल हॉकी वर्ल्ड कप में नारंगी जर्सी पहनकर खेली थी।
हॉकी इंडिया ने 27 जुलाई को जर्सी बदलने का कारण बताते हुए कहा था कि ऐसा नीले रंग के टर्फ की वजह से किया गया था। कहा गया कि नीली जर्सी के कारण भारतीय खिलाड़ियों को अपने साथी प्लेयर्स को देखने में दिक्कत ें आ रही थीं।
हालांकि पूर्व कप्तानों धनराज पिल्लै, वीरेन रासकिन्हा, परगट सिंह, अजीत पाल सिंह और वासुदेवन भास्करन ने इस बदलाव की कड़ी आलोचना की थी।
अधिकारियों में भी मतभेद दिखा
इस विवाद पर हॉकी इंडिया के भीतर भी खींचतान देखने को मिली थी। अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने बयान दिया था कि यह फैसला उनकी जानकारी के बिना लिया गया, जबकि सचिव भोला नाथ सिंह का दावा था कि सभी अधिकारियों को इसकी जानकारी थी।
आईओए से पहली पसंद नीली जर्सी बताई
जापान रवानगी से ठीक पहले हॉकी इंडिया ने अपने इस फैसले को वापस ले लिया। हॉकी इंडिया के कोषाध्यक्ष शेखर मनोहरन ने पुष्टि करते हुए कहा- ‘भारतीय ओलंपिक संघ ने हमसे किट की पहली पसंद पूछी थी। हॉकी इंडिया ने पहली प्राथमिकता नीले रंग को और दूसरी प्राथमिकता नारंगी रंग को दी है।’














