• Latest
  • Trending
सुप्रीम कोर्ट

गुरुग्राम की 436 बीघा जमीन पर ग्राम पंचायत का हक बहाल

August 24, 2026
मक्का की कम बुवाई से एथेनॉल होगा महंगा लेकिन नहीं घटाया जाएगा उत्पादन

अब पॉपकॉर्न का बीज भी अपना

August 24, 2026
daily-news

आज की बड़ी खबरें 24 अगस्त 2026

August 24, 2026
गोबरधन योजना 2026: 23,731 करोड़ का बजट, 10 साल तक तय CBG कीमत और गांवों को बड़ा फायदा

गोबर अब 2,110 रुपये का सौदा है

August 24, 2026
भारत-अमेरिका

युद्धों के बीच मोदी की मजबूत संवाद नीति का दिखा प्रभाव कश्मीर पर बदली अमेरिकी भाषा भारत की बढ़ती साख का संदेश

August 24, 2026
trump

ट्रंप के बयान से पस्त हुआ विपक्ष का ‘ईवीएम विलाप’ और ‘वोट चोरी’ का नैरेटिव

August 24, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

कोलाहल का अखाड़ा न बने संसद

August 24, 2026
पूर्वोत्तर भारत में हरित विकास और स्वास्थ्य क्रांति, स्वच्छ ऊर्जा से बेहतर हो रहा गांवों का जीवन

ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा नॉर्थ ईस्ट

August 24, 2026
ब्रिटिश शासन और भारत विभाजन के इतिहास की कानूनी पड़ताल, राकेश द्विवेदी की पुस्तक का विश्लेषण

साम्राज्य की जिरह

August 24, 2026
छात्रों

विदेश में पढ़ाई चुनने वाले भारतीय छात्रों पर एनईपी का असर

August 24, 2026
वैल्यू चेन क्या है? प्रोसेसिंग से मार्केटिंग तक कैसे बढ़ती है उत्पाद की कीमत

‘वैल्यू चेन’ से बदल रही यूपी के कारीगरों की तकदीर

August 24, 2026
metro

गाजियाबाद- जेवर कॉरिडोर में होंगे 11 नमो भारत और 18 मेट्रो स्टेशन

August 24, 2026
DDA कर्मयोगी आवास योजना: सरकारी कर्मचारियों को 25% छूट पर मिलेंगे 1224 रेडी-टू-मूव फ्लैट

दिल्ली में नौकरीपेशा वर्ग के लिए घर खरीदने का सुनहरा मौका

August 24, 2026
Monday, August 24, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

गुरुग्राम की 436 बीघा जमीन पर ग्राम पंचायत का हक बहाल

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का फैसला किया खारिज

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 24, 2026
in नॉर्थ
0
सुप्रीम कोर्ट

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम की 436 बीघा से अधिक जमीन का स्वामित्व ग्राम पंचायत को बहाल कर दिया। शीर्ष अदालत ने 2007 में जमीन पर निजी स्वामित्व के दावों को मान्यता देने वाले पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले को भी खारिज कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने गांव की साझा भूमि की अहमियत को हाई लाइट करते हुए गुरुग्राम में 436 बीघा से अधिक भूमि का मालिकाना हक ग्राम पंचायत को वापस दे दिया। शीर्ष अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 2007 के उस फैसले को रद कर दिया, जिसमें संबंधित भूमि पर निजी मालिकाना हक के दावों को स्वीकार कर लिया गया था।

जस्टिस संजय कुमार और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि भूमि को ‘नया सोना’ माना जाता है, खासकर तब, जब ऐसी भूमि गुरुग्राम जैसे तेजी से बढ़ते शहरी इलाकों के पास हो। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा है कि विवादित भूमि हरियाणा कॉमन लैंड्स (रेगुलेशन) एक्ट, 1961 के तहत गांव की साझा भूमि थी।

YOU MAY ALSO LIKE

‘वैल्यू चेन’ से बदल रही यूपी के कारीगरों की तकदीर

गाजियाबाद- जेवर कॉरिडोर में होंगे 11 नमो भारत और 18 मेट्रो स्टेशन

हाईकोर्ट का फैसला रद

पीठ ने हाईकोर्ट के 2007 के फैसले को रद कर दिया। पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि हाईकोर्ट ने राजस्व रिकॉर्ड में गांव की ‘पट्टियों'(मालिक समूहों) के नाम दर्ज होने के चलते भूमि को निजी मानकर भूल की थी।

हाईकोर्ट के फैसले को रद करने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने 13 सितंबर, 1955 को वजीराबाद ग्राम पंचायत के पक्ष में किए गए म्यूटेशन (मालिकाना हक के बदलाव) की पुष्टि कर दी है, जिसका फायदा उसके उत्तराधिकारी, नगर निगम, गुड़गांव (अब गुरुग्राम) को मिलेगा।

हैदरपुर की शामलात पट्टी का हिस्सा

शीर्ष अदालत ने कहा कि वादी 13 सितंबर, 1955 को वजीराबाद ग्राम पंचायत के पक्ष में किए गए म्यूटेशन में दखल देने के लिए कोई ठोस आधार पेश करने में नाकाम रहे। तथ्यों से पता चलता है कि संबंधित भूमि ‘शामलात पट्टी’ नहीं थी, बल्कि हैदरपुर की शामलात पट्टी का हिस्सा थी।

पंचायत के अधिकार में ऐसे आई

हालांकि मालिकों यानी चित्रू, रामरतन, मेधा, सदासुख और अहमद अली खान को अपने हिस्से के अनुसार बंटवारा कराने का अधिकार था, लेकिन 26 जनवरी 1950 से पहले ऐसा कोई बंटवारा नहीं हुआ। नतीजतन, 436 बीघा 18 बिस्वा की ‘शामिलात देह’ वैसी ही बनी रही, जिस पर 1961 के एक्ट की धारा 2(जी)(1) लागू हुई और वह वजीराबाद ग्राम पंचायत के अधिकार में आ गई।

क्या किया था दावा?

यह विवाद हैदरपुर के निर्जन गांव (जिसे बे-चिराग मौजा कहा जाता है) में 436 बीघा और 18 बिस्वा भूमि से जुड़ा था। यह गांव आज के गुरुग्राम में वजीराबाद से सटा हुआ है। गांव के कुछ लोगों ने भूमि पर मालिकाना हक का दावा करते हुए कहा था कि ‘भूमि निजी पट्टियों की थी और कभी भी पंचायत के अधिकार में नहीं आई थी।’

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation