• Latest
  • Trending
गोबरधन योजना 2026: 23,731 करोड़ का बजट, 10 साल तक तय CBG कीमत और गांवों को बड़ा फायदा

गोबर अब 2,110 रुपये का सौदा है

August 24, 2026
कृषि भवन, नई दिल्ली में पराली प्रबंधन की समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव। फोटो : पीआईबी

हरियाणा में पराली की आग 53% घटी

October 14, 2026
प्रधानमंत्री मोदी

भारत की विकास गाथा: स्टार्टअप, व्यापार, डेटा और खादी

October 13, 2026
प्याज

प्याज महंगा, सेना को 27 पदक और नई रक्षा पहल

October 13, 2026
dal

दाल का आयात बिल 14,634 करोड़ रुपये घटा

October 12, 2026
daily-news

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

October 11, 2026
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
Wednesday, October 14, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

गोबर अब 2,110 रुपये का सौदा है

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 24, 2026
in the blitz, कृषि
0
गोबरधन योजना 2026: 23,731 करोड़ का बजट, 10 साल तक तय CBG कीमत और गांवों को बड़ा फायदा

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।गोबरधन योजना को हर जगह साफ़ ऊर्जा की ख़बर की तरह पढ़ा गया। असल बात यह है कि सरकार ने गैस का दाम दस साल के लिए तय कर दिया है और ख़रीदार भी तय कर दिया है। किसान और गाँव के कारोबारी के लिए यही सबसे बड़ी बात है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6 अगस्त 2026 को गोबरधन योजना को मंज़ूरी दी। पूरा नाम है राष्ट्रीय सर्कुलर बायोएनर्जी योजना, और इसका बजट है 23,731 करोड़ रुपये। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक, यानी दस साल चलेगी। इसे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय चलाएगा। सीधी बात यह है कि गोबर, पराली, प्रेस मड और शहरों का गीला कचरा — इन सबसे बनने वाली गैस, जिसे सीबीजी यानी कंप्रेस्ड बायोगैस कहते हैं — अब एक राष्ट्रीय ढाँचे के अंदर आ गई है। सरकार का लक्ष्य है कि दस साल में इसका उत्पादन करीब दस गुना हो जाए।

YOU MAY ALSO LIKE

हरियाणा में पराली की आग 53% घटी

भारत की विकास गाथा: स्टार्टअप, व्यापार, डेटा और खादी

अब सबसे ज़रूरी हिस्सा। योजना में छह घटक हैं, पर तीन से सब कुछ तय होता है। पहला, शहरों में गैस बेचने वाली कंपनियों को अब सीबीजी ख़रीदनी ही होगी — 2026-27 में 3 फ़ीसदी, 2027-28 में 4 फ़ीसदी और 2028-29 से 5 फ़ीसदी, सीएनजी और घरों की पाइप वाली गैस, दोनों में। दूसरा, दाम तय कर दिया गया है — 2,110 रुपये प्रति MMBTU, कम से कम दस साल के लिए। तीसरा, नया प्लांट लगाने वाले को 2 करोड़ रुपये प्रति टन प्रतिदिन क्षमता तक की पूँजी सहायता मिलेगी, और यह मदद सिर्फ़ मशीन तक सीमित नहीं है — कच्चा माल जुटाने और जैविक खाद बनाने के काम पर भी मिलेगी।

जो अब तक कचरा था। गोबरधन योजना का पूरा गणित इसी पर टिका है कि गोबर और फसल अवशेष खेत से प्लांट तक पहुँचें। देश में 200 से ज़्यादा सीबीजी प्लांट पहले से चालू हैं — उनके पास पक्का ख़रीदार और तय दाम नहीं था, अब है।

200 प्लांट बिना पक्के ख़रीदार के बने। इस योजना का असली सामान ख़रीदार है, पैसा नहीं।

एक नज़र में

• योजना: गोबरधन — राष्ट्रीय सर्कुलर बायोएनर्जी योजना, मंज़ूरी 6 अगस्त 2026
• बजट: 23,731 करोड़ रुपये, 2026-27 से 2035-36 तक
• दाम: 2,110 रुपये प्रति MMBTU, कम से कम दस साल तक
• ख़रीद की शर्त: 3% (FY27), 4% (FY28), 5% (FY29 से)
• पूँजी सहायता: 2 करोड़ रुपये प्रति टन प्रतिदिन क्षमता तक
• किसके लिए: निजी कंपनियाँ, एमएसएमई, सहकारी समितियाँ, गाँव के उद्यमी
• बैंक की दिक़्क़त पर: एमएसएमई परियोजनाओं के लिए अलग क्रेडिट गारंटी
• मंत्रालय: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस

तो फ़ायदा किसे? योजना में साफ़ लिखा है — निजी कंपनियों के साथ-साथ एमएसएमई, सहकारी समितियों और गाँव के उद्यमियों को भी पूँजी सहायता मिलेगी। और सबसे बड़ी अड़चन, बैंक लोन, उसके लिए अलग से क्रेडिट गारंटी रखी गई है। दरअसल छोटे कारोबारी की समस्या प्लांट नहीं, गारंटी होती है — प्रोजेक्ट ठीक होता है पर बैंक जो ज़मानत माँगता है वह उसके पास नहीं होती। इस गारंटी से बैंक का जोखिम बँट जाता है। यानी दूध की सहकारी समिति, चीनी मिल जिसके पास प्रेस मड पड़ा रहता है, या नगर पालिका जो गीला कचरा फेंकने पर पैसा ख़र्च करती है — तीनों के लिए अब वह चीज़ कमाई है जो अब तक ख़र्च थी।

एक बात साफ़ कहनी चाहिए। इन प्लांटों की असली परीक्षा तकनीक नहीं, कच्चा माल है। गोबर गाँव भर में बिखरा रहता है, पराली सिर्फ़ मौसम में मिलती है, और जितनी दूर से ढुलाई होगी उतना मुनाफ़ा घटेगा। इसीलिए योजना का छठा हिस्सा — सीबीजी इकोसिस्टम चैलेंज फ़ंड — ज़िला स्तर पर कच्चे माल की मैपिंग, इकट्ठा करने की व्यवस्था और योजना बनाने के लिए है। बड़ी बात यह है कि जहाँ पहले माल जुटाने का इंतज़ाम बनेगा, वहीं प्लांट पूरी क्षमता पर चलेगा। दस साल बाद गिनती प्लांटों की नहीं होनी चाहिए — यह देखना चाहिए कि किसान को उसकी पराली का कितना दाम मिला, और खाद बिकी या गोदाम में पड़ी रही।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation