ब्लिट्ज ब्यूरो
रांची। झारखंड की राजधानी रांची के इटकी क्षेत्र के जितने भी किसान हैं, वे खास तरीके से खेतों की सिंचाई करते हैं। दरअसल, यहां 5-5 एकड़ खेत किसानों के पास है। फिलहाल अभी धान रोपने का समय है और उसके लिए पानी की जरूरत काफी होती है। ऐसे में किसानों ने अपने खेत को खासतौर पर ऊपर से नीचे की तरफ स्टेप बाय स्टेप जाते हुए बनवाया है और उसके बाद हर के खेत के बाद दूसरे खेत के बीच के मेड में एक सुरंग बना दी है।
यहां के किसान किशन चौधरी बताते हैं कि इससे एक बार जब कुएं से एक खेत में पानी जाता है, तो एक खेत में पानी भरता है और फिर उस सुरंग से दूसरे खेत में चला जाता है और फिर दूसरे खेत की सुरंग से तीसरे खेत में चला जाता है। यानी कि पानी सिंचाई की कोई टेंशन ही नहीं है। यहां पर ऑटोमेटिक सारे खेतों में पानी जाते रहते हैं। न पाइप लगाने का झंझट, न खेत में जाने की टेंशन। इससे फसलें भी लहलहा उठती हैं।
किशन बताते हैं कि यहां पर खेत में आप देखेंगे एकदम लबालब पानी भरा रहता है और उससे एक फायदा और हमें यह मिलता है कि खेत में पानी जमा नहीं होता। बल्कि, पानी जितना ज्यादा होता है वह तीन चार सुरंग से दूसरे खेत में चला जाता है। फिर वहां से जो ज्यादा होता है वह तीसरे खेत में चला जाता है। इस तरीके से पानी आखिरकार एकदम नीचे आ जाता है।
जहां पर वह एक नाले के रूप में बाहर निकल जाता है। अब इससे फायदा यह हुआ कि पूरे दिनभर पूरे खेत में पानी जाता रहता है। जहां पानी जो बेकार है, वह बाहर की तरफ से निकल जाता है। यानी काफी अधिक पानी भी नहीं खराब होता और पानी की कमी भी नहीं रहती।
इससे एकदम बैलेंस बना रहता है। न हमें जाने की जरूरत, न देखने की टेंशन, 12 घंटे इस तरह की प्रक्रिया चलती रहती है। बता दें कि सुरंग बनाने का तरीका भी अनोखा है।
जैसे कि एक खेत की जो मेड है, उसमें आप सुरंग बना दीजिए और सुरंग ऐसी बनानी है कि दूसरे खेत के नीचे की तरफ वह निकले ताकि पानी ऊपर से नीचे की तरफ आराम से आ जाए। इस तरीके से 1 मिनट में तीन सुरंग बन जाती हैं। ताकि पानी उस सुरंग से ऊपर से नीचे की तरफ आए और फोर्स पानी का बढ़िया बना रहे। ऐसे में 10 एकड़ खेत में इसी तरीके से पानी जाता है और धान की सिंचाई होती है।














