ब्लिट्ज ब्यूरो
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में ऑर्केस्ट्रा लाइसेंस व्यवस्था पर बड़ा फैसला लेते हुए नए परमिट जारी करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसी के साथ यह भी फैसला लिया गया है कि पहले से जारी ऑर्केस्ट्रा लाइसेंसों का नवीनीकरण भी अब नहीं किया जाएगा। इस संबंध में गृह विभाग ने परिपत्र जारी कर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि डांस बार संबंधी कानून की पाबंदियों से बचने के लिए ऑर्केस्ट्रा लाइसेंसों का वैकल्पिक रूप से दुरुपयोग किया जा रहा था।
शासनादेश
गृह विभाग द्वारा जारी शासनादेश में कहा गया है कि राज्य में महाराष्ट्र होटल व बार रूम में अश्लील नृत्य पर प्रतिबंध और उनमें कार्यरत महिलाओं की गरिमा की रक्षा अधिनियम, 2016 पहले से लागू है। इस कानून के लागू होने के बाद डांस बार और नृत्य प्रस्तुतियों पर सख्त नियम लागू किए गए, जिससे डांस प्रदर्शन लाइसेंसों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई।
राज्य सरकार के संज्ञान में यह बात आई थी कि कुछ प्रतिष्ठान प्रतिबंधों से बचने के लिए ऑर्केस्ट्रा लाइसेंस का वैकल्पिक रूप में उपयोग कर रहे थे। इसी दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने ऑर्केस्ट्रा प्रतिष्ठानों को भी वर्ष 2016 के इसी कानून के दायरे में लाने का फैसला किया।
इसके तहत अब ऑर्केस्ट्रा से संबंधित लाइसेंस महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 के बजाय वर्ष 2016 के विशेष अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ही नियंत्रित किए जाएंगे।
कैबिनेट ने पहले ही दी थी मंजूरी
इस बदलाव से संबंधित कानून में संशोधन के प्रस्ताव को 2 जुलाई को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई थी। इसके बाद गृह विभाग ने आधिकारिक परिपत्र जारी कर नए लाइसेंस जारी करने और पुराने लाइसेंसों के नवीनीकरण पर रोक के निर्देश लागू कर दिए।
सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य कानून के दुरुपयोग को रोकना और मनोरंजन प्रतिष्ठानों के संचालन में पारदर्शिता एवं नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना है।














