• Latest
  • Trending
medical

5 लाख का इलाज, 1,949 बीमारियाँ और अब हर राज्य — पर कार्ड अस्पताल के दरवाज़े पर नहीं, आज बनवाइए

August 2, 2026
ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

फास्ट-ट्रैक अदालतों को 2031 तक मिला फंड

November 6, 2026
solar

सौर बिजली रात तक सहेजने को ₹14,500 करोड़ मंजूर

November 6, 2026
स्वदेशी एआई

अब 22 भारतीय भाषाओं में बोलेगा देसी एआई

November 4, 2026
स्वच्छ ऊर्जा से मजबूत हो रही भारत की ऊर्जा सुरक्षा

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

November 3, 2026
श्रीहरिकोटा से एनवीएस-03 लेकर उड़ान भरता जीएसएलवी-एफ18। एजेंसी जांच: तस्वीर पर एएनआई, पीटीआई या रॉयटर्स का नाम हो तो न लगाएं।

नाविक को मिला तीसरा नया उपग्रह

November 2, 2026
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
Friday, November 6, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

5 लाख का इलाज, 1,949 बीमारियाँ और अब हर राज्य — पर कार्ड अस्पताल के दरवाज़े पर नहीं, आज बनवाइए

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 2, 2026
in the blitz
0
medical

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना अब हर राज्य में लागू है — और बहुत से लोग जो इसके दायरे में आ चुके हैं, उन्हें अब भी यह पता नहीं है। पश्चिम बंगाल के 8 जून को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण से समझौता करने के बाद आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में लागू हो गई है। अकेले बंगाल में क़रीब 1.43 करोड़ परिवार इसके दायरे में आए हैं।

योजना का आकार अब आँकड़ों में भी दिखता है। 30 जून तक देश भर में लगभग 12.7 करोड़ अस्पताल भर्तियाँ मंज़ूर हो चुकी थीं और 1.92 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा के दावे स्वीकृत हुए। हर परिवार को साल में 5 लाख रुपये तक का मुफ़्त इलाज मिलता है, और यह क़रीब 12 करोड़ कमज़ोर आय वाले परिवारों के लिए है। अक्टूबर 2024 से 70 साल या उससे ज़्यादा उम्र के हर बुज़ुर्ग को — आमदनी चाहे जो हो — वय वंदना कार्ड के ज़रिये यह सुविधा मिलती है। इलाज की सूची में क़रीब 1,949 प्रक्रियाएँ हैं, जो 27 विभागों में फैली हैं — कैंसर, हृदय रोग और हड्डी की सर्जरी समेत, यानी वे बीमारियाँ जिनका बिल घर की जमा-पूँजी ख़त्म कर देता है।

YOU MAY ALSO LIKE

फास्ट-ट्रैक अदालतों को 2031 तक मिला फंड

सौर बिजली रात तक सहेजने को ₹14,500 करोड़ मंजूर

कार्ड पहले, बीमारी बाद में: कैशलेस इलाज सिर्फ़ सूचीबद्ध अस्पतालों में मिलता है — दोनों बातें पहले से पता होनी चाहिए।

इलाज महँगा नहीं पड़ता। महँगा वह पैसा पड़ता है जो इलाज के लिए किसी और काम से निकालना पड़ता है।

एक नज़र में

• कवर: हर परिवार को साल में 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज
• पात्र: क़रीब 12 करोड़ कमज़ोर आय वाले परिवार
• बुज़ुर्ग: 70 साल और उससे ऊपर के सभी लोग, आमदनी की शर्त के बिना — वय वंदना कार्ड से
• इलाज: क़रीब 1,949 प्रक्रियाएँ, 27 विभागों में
• अब तक: 30 जून 2026 तक लगभग 12.7 करोड़ भर्तियाँ मंज़ूर
• दावे: 1.92 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा स्वीकृत
• ध्यान दें: सुविधा भर्ती होने पर मिलती है, ओपीडी में नहीं; और सिर्फ़ सूचीबद्ध अस्पताल में

दो व्यावहारिक बातें तय करती हैं कि कवर आपके काम आएगा या नहीं। पहली, कार्ड। पात्रता सरकारी सूची से तय होती है, पर कैशलेस भर्ती के लिए आयुष्मान कार्ड बना होना ज़रूरी है — और यह काम आराम से, पहले से, जन सेवा केंद्र या किसी सूचीबद्ध अस्पताल के आयुष्मान काउंटर पर हो जाता है। रात दो बजे इमरजेंसी के गलियारे में यह काम कराना सबसे मुश्किल होता है। दूसरी, अस्पताल। मुफ़्त इलाज सिर्फ़ सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलता है, और यह सूची सार्वजनिक है। अपने ज़िले के दो-तीन सूचीबद्ध अस्पतालों के नाम पहले से जान लेना उतना ही ज़रूरी है जितना कार्ड बनवाना।

अब वह हिस्सा जो अभी बाक़ी है, और जिस पर काम चल रहा है। यह योजना अस्पताल में भर्ती होने पर काम करती है, इसलिए शुगर, बीपी या डायलिसिस जैसी बीमारियों का रोज़ का ख़र्च — दवा, जाँच, डॉक्टर की फ़ीस — अब भी काफ़ी हद तक घर पर ही पड़ता है। इसी कमी को भरने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर यानी शुरुआती स्वास्थ्य केंद्रों का जाल बढ़ाया जा रहा है, और यही योजना का दूसरा आधा हिस्सा है। दूसरी बात यह कि जिन ज़िलों में निजी अस्पताल कम हैं, वहाँ सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या भी कम है — यह अस्पताल की कमी है, बीमे की नहीं, और इसका हल अस्पताल बनने से ही निकलेगा। तब तक इस हफ़्ते का सबसे काम का काम यही है: घर में जिनकी उम्र 70 पार है, उनका वय वंदना कार्ड बना है या नहीं, यह आज पता कर लीजिए। यह हक़ हर बुज़ुर्ग का है, मुफ़्त है, और अक्सर बिना माँगे रह जाता है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation