• Latest
  • Trending

ऑस्टियोपोरोसिस में खोखली हो जाती हैं हड्डियां

October 25, 2024
Old_Bridge_over_river_Chenab_at_Ramban

बाढ़ के आरोप ख़ारिज: भारत ने पाकिस्तान के अपने ही आंकड़े सामने रखे

July 25, 2026
Students

दो करोड़ अभ्यर्थी, एक प्रश्नपत्र: निष्पक्ष परीक्षा के पीछे का असली ढांचा

July 25, 2026
gymnast

पहले पदक के बाद: आज ग्लासगो में उतरेंगी भारत की जिम्नास्ट

July 25, 2026
monsoon

आख़िरी गांव तक पहुंचने की जंग: कठिन मानसून में जुटा राहत तंत्र

July 25, 2026
metro

18 स्टेशन बंद: दिल्ली मेट्रो पर लगातार चौथे दिन पाबंदी, जानिए पूरा ब्योरा

July 25, 2026
सुप्रीम कोर्ट

अदालत, बातचीत और सुधार की रूपरेखा: परीक्षा पर भरोसा लौटाने की कोशिश

July 25, 2026
Zimbabwes

हरारे में सूर्यवंशी का जलवा: भारत की 7 विकेट से शानदार जीत

July 24, 2026
स्वच्छ ऊर्जा से मजबूत हो रही भारत की ऊर्जा सुरक्षा

धूप की ढाल: तेल के झटके का लंबा जवाब है भारत का स्वच्छ-ऊर्जा निर्माण

July 24, 2026
vikram

तीन अहम परीक्षण पास: गगनयान ने सुरक्षा की कसौटी पार की

July 24, 2026
पश्चिम एशिया संकट ने चुपचाप बदल दिया भारत के व्यापार का नक्शा

हस्ताक्षर से जहाज़ तक: भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता ज़मीन पर उतरा

July 24, 2026
Market

तेल 100 डॉलर के पार: महंगे कच्चे तेल की आंच बाज़ार तक पहुंची

July 24, 2026
भारत उच्च शिक्षा

कक्षा भी एक अवसंरचना है: अपनी प्रतिभा को रोकने की भारत की कोशिश

July 23, 2026
Sunday, July 26, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

ऑस्टियोपोरोसिस में खोखली हो जाती हैं हड्डियां

by ब्लिट्ज़ इंडिया
October 25, 2024
in the blitz
0

नई दिल्ली। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ता जा रहा है। हड्डियों पर भी इसका नकारात्मक असर होता है, जिसके परिणामस्वरूप आर्थराइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी दिक्क तें काफी आम हो गई हैं। हड्डियों में होने वाली किसी भी तरह की समस्या ‘क्वालिटी ऑफ लाइफ’ को प्रभावित करने वाली हो सकती है क्योंकि इसमें चलना-दौड़ना और दिनचर्या के सामान्य कार्य करना भी कठिन हो जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या कई मामलों में ज्यादा चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।

ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी आपकी हड्डियों को बहुत कमजोर कर देती है। आपकी हड्डियां सामान्य से कहीं ज्यादा पतली और कम घनत्व वाली हो जाती हैं, जिसके कारण इनके टूटने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। इस बीमारी की गंभीर स्थिति में हल्के से ठोकर, खांसने-छींकने के कारण भी फ्रैक्चर होने का खतरा हो सकता है। हड्डियों के स्वास्थ्य के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने तथा ऑस्टियोपोरोसिस के निदान और उपचार के बारे में लोगों को शिक्षित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 20 अक्तूबर को विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस मनाया जाता है।

YOU MAY ALSO LIKE

बाढ़ के आरोप ख़ारिज: भारत ने पाकिस्तान के अपने ही आंकड़े सामने रखे

दो करोड़ अभ्यर्थी, एक प्रश्नपत्र: निष्पक्ष परीक्षा के पीछे का असली ढांचा

ऑस्टियोपोरोसिस के बारे में जानिए
ऑस्टियोपोरोसिस आपकी हड्डियों को काफी कमजोर और भंगुर बना देती है। समय के साथ ये इतनी कमजोर हो जाती हैं कि गिरने या यहां तक कि झुकने या खांसने जैसे हल्के तनाव से भी इनके टूटने का खतरा रहता है। कूल्हे, कलाई या रीढ़ की हड्डी में ऑस्टियोपोरोसिस के कारण फ्रैक्चर के सबसे ज्यादा मामले देखे जाते हैं। असल में हमारी हड्डियां ऐसे ऊतकों से बनी होती हैं जो लगातार टूटती और बनती रहती हैं। ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या में हड्डियों की कोशिकाओं में क्षति तो होती है लेकिन नए सिरे से इसका निर्माण नहीं हो पाता है। इससे समय के साथ हड्डियां काफी खोखली और कमजोर हो जाती हैं।

क्यों होती है
उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों में कमजोरी और इसके फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। 50 की उम्र के बाद आपमें ऑस्टियोपोरोसिस होने का जोखिम भी बढ़ जाता है। जिन लोगों में हड्डियां खुद को फिर से विकसित करने और सुधारने की अपनी क्षमता खो देती हैं उनमें इस रोग के मामले सबसे ज्यादा देखे जाते रहे हैं।

ऑस्टियोपोरोसिस किसी को भी हो सकता है
50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में इसका खतरा अधिक होता है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को ऑस्टियोपोरोसिस रहा है उनमें भी ये समस्या हो सकती है। महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस होने की आशंका पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक होती है।

ऑस्टियोपोरोसिस हो जाए तो क्या करें?
जिन लोगों को ऑस्टियोपोरोसिस की दिक्क त होती हैं उन्हें फ्रैक्चर से बचे रहने के लिए विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। उपचार के दौरान मुख्य लक्ष्य हड्डियों के नुकसान को धीमा करना और हड्डियों के मौजूद ऊतकों को मजबूत बनाना होता है। इसके लिए डॉक्टर आपको कुछ दवाएं दे सकते हैं। विटामिन्स और मिनरल्स के सप्लीमेंट हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। डॉक्टर की सलाह पर कुछ प्रकार के व्यायाम को भी दिनचर्या में शामिल करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए क्या करें?
हड्डियों की दिक्कतों के लिए कैल्शियम की कमी को प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस के विकास में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। कैल्शियम की कमी हड्डियों के घनत्व को कम करने, हड्डियों को जल्दी क्षति पहुंचाने और फ्रैक्चर के जोखिमों को बढ़ाने वाली मानी जाती है। आहार में कैल्शियम और विटामिन डी वाली चीजों को शामिल करना, नियमित व्यायाम की आदत बनाना आपके लिए लाभकारी हो सकता है। सेंडेंटरी लाइफस्टाइल (शारीरिक निष्कि्रता) वाले लोगों में इसका जोखिम अधिक देखा जाता रहा है, इसलिए जरूरी है कि रोजाना कम से कम 30 मिनट के व्यायाम की आदत बनाएं।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation